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Rohtak News: एक गोलगप्पा कम देने पर हुई मारपीट का 12 साल बाद अदालत ने किया निपटारा
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महम (रोहतक)। कस्बे के राजीव चौक पर 21 मई 2013 को पांच रुपये में चार के बजाय पांच गोलगप्पे नहीं देने पर हुई मारपीट में महम अदालत ने 12 साल बाद फैसला सुनाया है। बुधवार को दोनों पक्षों के नौ लोगों तत्कालीन महम थाना प्रभारी एवं हाल में गुहला में डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, तत्कालीन पुलिस चौकी इंचार्ज रामनिवास, एएसआई धर्मबीर व एएसआई सुभाष, रेहड़ी संचालक सूबे सिंह, पड़ोसी रेहड़ी संचालक अजय नेहरा, आरोपी अनिल व दो अन्य को बरी किया है।
अदालत में दर्ज अभियोग के अनुसार, 21 मई की शाम सात बजे राजीव चौक पर सूबे सिंह ने गोलगप्पे की रेहड़ी लगाई हुई थी। रेहड़ी पर गोलगप्पे खाने के लिए महम निवासी अनिल दो अन्य दोस्तों के साथ आया। उन्होंने आते ही रेहड़ी संचालक से गोलगप्पे का भाव पूछा। रेहड़ी संचालक ने पांच रुपये के चार गोलगप्पे देने की बात कही।
रेहड़ी संचालक का आरोप था कि युवकों ने कहा कि दूसरे रेहड़ी वाले पांच रुपये में पांच गोलगप्पे खिलाते हैं। तुम कम क्यों दे रहे हो। इसी को लेकर आपस में लड़ाई-झगड़ा हो गया। झगड़ा मारपीट तक पहुंच गया। रेहड़ी संचालक की शिकायत पर महम पुलिस ने अनिल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था।
वहीं, अनिल ने अगले दिन अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी एवं हाल में कैथल के गुहला में डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, तत्कालीन पुलिस चौकी इंचार्ज रामनिवास, एएसआई धर्मबीर व एएसआई सुभाष, रेहड़ी संचालक सूबे सिंह, पड़ोसी रेहड़ी संचालक अजय नेहरा के खिलाफ तत्कालीन महम डीएसपी को मारपीट की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
केस में हुईं 15 गवाहियां
यहां सुनवाई नहीं होने पर उत्तर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के तत्कालीन फोरमैन सत्यवान ने बेटे अनिल की पिटाई करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी समेत छह आरोपियों के खिलाफ 10 अक्तूबर 2013 को महम अदालत में मुकदमा दर्ज करा दिया।
तब से अब तक मुकदमे में 15 गवाहियां हुईं।
महम कोर्ट ने अनिल को सुनाई थी तीन साल की सजा
इधर, पुलिस ने अनिल के खिलाफ दर्ज केस की सुनवाई करते हुए महम कोर्ट ने अनिल को तीन साल की सजा सुना दी थी। इसके बाद रोहतक की सेशन कोर्ट में की गई अपील में अनिल को बरी करते हुए महम कोर्ट को दोनों मामलों में एक साथ सुनवाई करने के आदेश दिए थे। तब से ही यह मामला महम कोर्ट में विचाराधीन था। अब महम अदालत ने 12 साल बाद साक्ष्यों के अभाव में दोनों पक्षों के सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है।
तत्कालीन थाना प्रभारी कुलदीप बेनीवाल पदोन्नत फिलहाल कैथल के गुहला में डीएसपी के पद पर तैनात हैं। तत्कालीन चौकी प्रभारी रामनिवास व एएसआई धर्मबीर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एएसआई सुभाष लाखनमाजरा में तैनात हैं।
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फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे अपील : सत्यवान
बेटे अनिल की पिटाई का मामला दर्ज कराने वाले सत्यवान का कहना है कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इसको लेकर वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
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अदालत में दर्ज अभियोग के अनुसार, 21 मई की शाम सात बजे राजीव चौक पर सूबे सिंह ने गोलगप्पे की रेहड़ी लगाई हुई थी। रेहड़ी पर गोलगप्पे खाने के लिए महम निवासी अनिल दो अन्य दोस्तों के साथ आया। उन्होंने आते ही रेहड़ी संचालक से गोलगप्पे का भाव पूछा। रेहड़ी संचालक ने पांच रुपये के चार गोलगप्पे देने की बात कही।
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रेहड़ी संचालक का आरोप था कि युवकों ने कहा कि दूसरे रेहड़ी वाले पांच रुपये में पांच गोलगप्पे खिलाते हैं। तुम कम क्यों दे रहे हो। इसी को लेकर आपस में लड़ाई-झगड़ा हो गया। झगड़ा मारपीट तक पहुंच गया। रेहड़ी संचालक की शिकायत पर महम पुलिस ने अनिल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था।
वहीं, अनिल ने अगले दिन अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी एवं हाल में कैथल के गुहला में डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, तत्कालीन पुलिस चौकी इंचार्ज रामनिवास, एएसआई धर्मबीर व एएसआई सुभाष, रेहड़ी संचालक सूबे सिंह, पड़ोसी रेहड़ी संचालक अजय नेहरा के खिलाफ तत्कालीन महम डीएसपी को मारपीट की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
केस में हुईं 15 गवाहियां
यहां सुनवाई नहीं होने पर उत्तर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के तत्कालीन फोरमैन सत्यवान ने बेटे अनिल की पिटाई करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी समेत छह आरोपियों के खिलाफ 10 अक्तूबर 2013 को महम अदालत में मुकदमा दर्ज करा दिया।
तब से अब तक मुकदमे में 15 गवाहियां हुईं।
महम कोर्ट ने अनिल को सुनाई थी तीन साल की सजा
इधर, पुलिस ने अनिल के खिलाफ दर्ज केस की सुनवाई करते हुए महम कोर्ट ने अनिल को तीन साल की सजा सुना दी थी। इसके बाद रोहतक की सेशन कोर्ट में की गई अपील में अनिल को बरी करते हुए महम कोर्ट को दोनों मामलों में एक साथ सुनवाई करने के आदेश दिए थे। तब से ही यह मामला महम कोर्ट में विचाराधीन था। अब महम अदालत ने 12 साल बाद साक्ष्यों के अभाव में दोनों पक्षों के सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है।
तत्कालीन थाना प्रभारी कुलदीप बेनीवाल पदोन्नत फिलहाल कैथल के गुहला में डीएसपी के पद पर तैनात हैं। तत्कालीन चौकी प्रभारी रामनिवास व एएसआई धर्मबीर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एएसआई सुभाष लाखनमाजरा में तैनात हैं।
फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे अपील : सत्यवान
बेटे अनिल की पिटाई का मामला दर्ज कराने वाले सत्यवान का कहना है कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इसको लेकर वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे।