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बॉक्सर अमित पंघाल ने खेल मंत्री को लिखा पत्र, कहा- योग्यता के आधार पर सरकार खुद करे चयन
Sat, 16 May 2020 11:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, रोहतक
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Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 11:21 AM IST
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अमित पंघाल
- फोटो : Social Media
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52 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व के नंबर वन मुक्केबाज अमित पंघाल खेल मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिख राष्ट्र्रीय खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। उन्होंने खिलाड़ियों से आवेदन पत्र लिए बिना ही राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के वितरण का अनुरोध किया है।
अमित पंघाल
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उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं है। इसके अलावा भी कोई खिलाड़ी या काई और हो उसे अपने सम्मान के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। खेल मंत्रालय के पास सारा डाटा होता है और उन्हें पता होता है कि कौन योग्य है। इसलिए अपने विवेक से योग्य व्यक्ति को पुरस्कार देना चाहिए। अमित पंघाल ने यह पत्र खेल मंत्री को टैग करते हुए अपने ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट किया है। जिसे कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी री-ट्वीट कर अपना समर्थन दिया है।
अमित पंघाल
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अमित ने पत्र में लिखा कि देश में प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार वितरण की वर्तमान प्रक्रिया में एक खिलाड़ी को पहले आवेदन भेजना होता है और फिर खेल समिति ऐसे प्राप्त आवेदनों के आधार पर चुनाव करती है। पुरस्कार वितरण का चयन खेल समिति के सदस्यों के निर्णय पर आधारित है जो निर्णय की कोई जवाबदेही नहीं रखते। यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और ऐसे उदाहरण हैं जहां योग्य खिलाड़ी को अपने पुरस्कारों का दावा करने के लिए अदालतों में जाना पड़ता है और फिर वहां से खेल प्रशासन को इन खिलाड़ियों को उनके योग्य पुरस्कार देने का निर्देश मिलता है।
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अमित पंघाल
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इस प्रक्रिया को बहुत सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक अनुरोध है कि खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों, प्रदर्शन और रैंकिंग के आधार पर बिना आवेदन के सीधा चुनकर पुरस्कृत किया जाना चाहिए। खेल मंत्रालय के पास खिलाड़ियों का सारा डाटा होता है, उसी के आधार पर चयन होना चाहिए। खेल मंत्री से इस बदलाव पर विचार करने के लिए एक विनम्र अनुरोध करते हुए अमित ने लिखा कि वह उनकी कार्रवाई के लिए अत्यधिक ऋणी रहेगा और हमेशा की तरह ‘मेक इंडिया प्राउड’ के लिए पूरी कोशिश करेगा।
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अमित पंघाल
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ब्रिटिश काल से चली आ रही व्यवस्था
अमित का कहना है कि दुनिया में अधिकांश प्रतिष्ठित पुरस्कार बिना नामांकन/आवेदन के दिए जाते हैं। जबकि अपने देश में ब्रिटिश काल से पुरस्कार पाने वालों को पुरस्कार के लिए आवेदन करना पड़ता है। इस प्रक्रिया को नामांकन/आवेदन मुक्त बनाकर खेल मंत्री भारत की खेल पुरस्कार प्रणाली में एक ठोस बदलाव कर सकते हैं। खेल मंत्री और प्रधानमंत्री के पारदर्शी दृष्टिकोण का सम्मान
अमित पंघाल ने पत्र में लिखा है कि वह भारत में खेलों के प्रबंधन के लिए खेल मंत्री और प्रधानमंत्री के पारदर्शी दृष्टिकोण का बहुत सम्मान करता है। सरकार ने बहुत सारी अच्छी पहल की हैं। ‘‘खेलो इंडिया’’ और ‘‘फिट इंडिया’’ वो मुहिम है जिसने भारत में खेलों को बढ़ावा दिया है। इन सभी पहलों में जमीनी स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं और निश्चित रूप से यह प्रतिस्पर्धा व गुणवत्ता को बढ़ा रहे हैं।
अमित का कहना है कि दुनिया में अधिकांश प्रतिष्ठित पुरस्कार बिना नामांकन/आवेदन के दिए जाते हैं। जबकि अपने देश में ब्रिटिश काल से पुरस्कार पाने वालों को पुरस्कार के लिए आवेदन करना पड़ता है। इस प्रक्रिया को नामांकन/आवेदन मुक्त बनाकर खेल मंत्री भारत की खेल पुरस्कार प्रणाली में एक ठोस बदलाव कर सकते हैं। खेल मंत्री और प्रधानमंत्री के पारदर्शी दृष्टिकोण का सम्मान
अमित पंघाल ने पत्र में लिखा है कि वह भारत में खेलों के प्रबंधन के लिए खेल मंत्री और प्रधानमंत्री के पारदर्शी दृष्टिकोण का बहुत सम्मान करता है। सरकार ने बहुत सारी अच्छी पहल की हैं। ‘‘खेलो इंडिया’’ और ‘‘फिट इंडिया’’ वो मुहिम है जिसने भारत में खेलों को बढ़ावा दिया है। इन सभी पहलों में जमीनी स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं और निश्चित रूप से यह प्रतिस्पर्धा व गुणवत्ता को बढ़ा रहे हैं।