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Rohtak News: रिहायशी प्रॉपर्टी का व्यावसायिक इस्तेमाल, संयुक्त आयुक्त से शिकायत
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09-नगर निगम के संयुक्त आयुक्त कार्यालय के बाहर खड़े शिकायतकर्ता व अन्य। संवाद
- फोटो : छोटी बहन कृतिका और शिवानी के साथ खुशी संबरवाल। अमर उजाला
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रोहतक। शहर में रिहायशी प्रॉपर्टी का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है जिससे लोगों में रोष है। जनता कॉलोनी के लोगों ने मंगलवार को इसकी शिकायत नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार से की। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नगर निगम पहुंचे जनता कालोनीवासी मनीष गर्ग, अनिल कुमार, राजकुमार बंसल ने बताया कि रिहायशी प्रॉपर्टी के व्यावसायिक इस्तेमाल की शिकायत सीएम विंडो पर की। जनता कॉलोनी में ही कई स्थानों पर प्लाॅट खरीदकर उनमें 20 से 30 छोटे-छोटे कमरे बनाए जा रहे हैं।
इन कमरों में अनजान लोग रह रहे हैं। इनमें रहने वालों की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं है जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सता रही है। ऐसे मामलों में नगर निगम की ढीली कार्यप्रणाली चिंता का विषय है।
सचिन बंसल, मुकेश कुमार व दिनेश तायल आदि ने बताया कि जनता कॉलोनी के अलावा रामगोपाल कॉलोनी, तिलक नगर, शीतल नगर, विजय नगर, जेपी कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, शास्त्री नगर आदि क्षेत्रों में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।सेक्टर भी इससे अछूते नहीं हैं। इससे अपराध को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि रिहायशी प्रॉपर्टी के व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। अधिकारियों को इस प्रकार की प्रॉपर्टी की जांच कर रोक लगानी चाहिए।
इस प्रकार से छोटे-छोटे कमरों में काफी संख्या में रहने वाले अनजान लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी हो ताकि शहरवासियों को सुरक्षा को लेकर चिंता न सताए।
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नगर निगम पहुंचे जनता कालोनीवासी मनीष गर्ग, अनिल कुमार, राजकुमार बंसल ने बताया कि रिहायशी प्रॉपर्टी के व्यावसायिक इस्तेमाल की शिकायत सीएम विंडो पर की। जनता कॉलोनी में ही कई स्थानों पर प्लाॅट खरीदकर उनमें 20 से 30 छोटे-छोटे कमरे बनाए जा रहे हैं।
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इन कमरों में अनजान लोग रह रहे हैं। इनमें रहने वालों की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं है जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सता रही है। ऐसे मामलों में नगर निगम की ढीली कार्यप्रणाली चिंता का विषय है।
सचिन बंसल, मुकेश कुमार व दिनेश तायल आदि ने बताया कि जनता कॉलोनी के अलावा रामगोपाल कॉलोनी, तिलक नगर, शीतल नगर, विजय नगर, जेपी कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, शास्त्री नगर आदि क्षेत्रों में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।सेक्टर भी इससे अछूते नहीं हैं। इससे अपराध को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि रिहायशी प्रॉपर्टी के व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। अधिकारियों को इस प्रकार की प्रॉपर्टी की जांच कर रोक लगानी चाहिए।
इस प्रकार से छोटे-छोटे कमरों में काफी संख्या में रहने वाले अनजान लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी हो ताकि शहरवासियों को सुरक्षा को लेकर चिंता न सताए।