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Rohtak News: डी-पार्क हादसा...मृतक आश्रितों की टूटी सरकारी नौकरी की उम्मीद

Fri, 17 Jul 2026 08:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Fri, 17 Jul 2026 08:02 AM IST
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D-Park accident... Hopes of government jobs for the deceased's dependents dashed.
22-सौरभ उर्फ रोहित। फाइल फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। डी-पार्क मार्केट में करीब 37 दिन पहले लगी आग में तीन लोगों की जान चली गई थी। जूता व्यापारी रोहित खन्ना, कर्मचारी अमन यादव और कपिल इस हादसे में जिंदा जल गए थे। इन मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद अब टूट गई है। परिजनों ने वीरवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से मुलाकात की।

यह मुलाकात कन्हेली रोड स्थित कवि बाजे-भगत की जयंती कार्यक्रम में हुई। पूर्व मंत्री ने परिजनों को बताया कि सरकारी नौकरी का ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। आश्रितों ने हरियाणा रोजगार कौशल निगम (एचकेआरएन) के तहत नौकरी दिलाने की गुहार लगाई।
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मनीष ग्रोवर ने अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया। सोमनाथ खुराना ने बताया कि सरकार से 10 लाख रुपये और राज्यपाल से दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मिली है। डी-पार्क हादसे में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
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उन्होंने कहा कि बेटे सौरभ उर्फ रोहित की कमी पूरी नहीं हो सकती पर परिवार चलाना है। उनके बेटे चेतन खुराना ने दिल्ली रोड पर नया जूतों का शोरूम शुरू कर दिया है। सोमनाथ खुराना खुद शोरूम पर बेटे चेतन का हाथ बंटा रहे हैं।
पिता के मौत के बाद से मां के नहीं थम रहे आंसू : अंकित
कपिल के बेटे अंकित ने बताया कि हादसे से पहले उनकी पिता से फोन पर बात हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि पिता आग से बाहर निकल आएंगे लेकिन फोन अचानक बंद हो गया। बाद में उन्हें अपने पिता का जला हुआ शव ही मिला। इस घटना के बाद से उनकी मां के आंसू नहीं थम रहे हैं। अंकित बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ते हैं और उन पर मां तथा दो बहनों की जिम्मेदारी है। उन्हें लगता है कि सरकारी नौकरी मिलने से पिता को खोने का दर्द कुछ कम हो जाता।
अमन के परिवार की आंखों के आंसू अब तक नहीं सूखे

धोबी मोहल्ला निवासी विकास यादव ने बताया कि उनके भतीजे अमन यादव की जान हादसे में चली गई। अमन के पिता जगदीश, मां सविता और पत्नी सीमा की आंखों का पानी अब तक नहीं सूखा है। विकास यादव का कहना है कि यदि सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती तो अमन की पत्नी को एचकेआरएन के तहत स्थायी रोजगार दिया जाए। इससे परिवार को काफी राहत मिल सकेगी। वे सोमवार, 19 जुलाई को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से दोबारा मिलेंगे।

पीड़ित परिवारों को जल्द मिलेंगे 5-5 लाख के चेक : पूर्व मंत्री

पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि वे दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकारी नौकरी का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, वे परिवारों की हरसंभव मदद कर रहे हैं। मनीष ग्रोवर के अनुसार, मृतकों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पांच-पांच लाख रुपये के चेक भी तैयार हो गए हैं। ये चेक जल्द ही पीड़ित परिवारों को सौंप दिए जाएंगे।

22-सौरभ उर्फ रोहित। फाइल फोटो

22-सौरभ उर्फ रोहित। फाइल फोटो

22-सौरभ उर्फ रोहित। फाइल फोटो

22-सौरभ उर्फ रोहित। फाइल फोटो

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