फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Jauhar University gate is blocking the Pwd road

जौहर यूनिवर्सिटी के गेट ने रोक रखी है सड़क!: 3.5 किमी लंबा है रास्ता, सरकारी खाते से खर्च हुए थे 13 करोड़

Fri, 17 Jul 2026 12:36 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Published by: Akash Dubey Updated Fri, 17 Jul 2026 12:36 PM IST
सार

लोक निर्माण विभाग ने जौहर यूनिवर्सिटी की सड़क को सरकारी बताकर आम रास्ते का बोर्ड लगाया। पर हाईकोर्ट के स्टे से गेट नहीं हटा, जिससे सड़क नहीं खुल पाई।

विज्ञापन
Jauhar University gate is blocking the Pwd road
जौहर यूनिवर्सिटी का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर की सड़क को सरकारी बताते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने वहां आम रास्ते का बोर्ड तो लगा दिया लेकिन बृहस्पतिवार को इस पर अमल नहीं कराया जा सका। इसका कारण यूनिवर्सिटी का गेट है, जिसे हटाए बिना सड़क का स्वरूप आम रास्ते जैसा नहीं हो सकता। गेट को हटाने की कोशिश रोकने के लिए यूनिवर्सिटी के पास पहले से हाईकोर्ट का स्टे है। लिहाजा अपने फैसले पर अमल कराने में फिलहाल लोक निर्माण विभाग भी ठिठक गया है।

विज्ञापन

सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के भीतर बनी 3.5 किमी लंबी सड़क लंबे समय से सवालों के घेरे में है। लोक निर्माण विभाग ने इसे सरकारी सड़क बताते हुए स्पष्ट किया था कि मई 2016 में सपा शासन में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए 17 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क का चौड़ीकरण कराया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को रामपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होने के फौरन बाद पीडब्ल्यूडी ने यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर आम रास्ते का बोर्ड लगाते हुए इस सड़क को सामान्य लोगों के लिए खोल देने की बात कही थी। आम लोगों को यूनिवर्सिटी की सड़क से रास्ता दिलाने की बात कहने वाले पीडब्ल्यूडी के कदम बृहस्पतिवार को थम गए।

विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केवी सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी के गेट का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर हाईकोर्ट का स्टे प्रभावी है। ऐसे में न्यायालय के आदेश का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि गेट से कोई भी आम आदमी निकल सकता है, उसे रोका नहीं जा सकता।

दूसरी ओर आम लोगों का सवाल है कि यूनिवर्सिटी के नियंत्रण वाले गेट में ही आम आदमी कैसे दाखिल हो सकता है, जो इस सड़क को अपने रास्ते के तौर पर इस्तेमाल कर सके। इस सवाल का जवाब फिलहाल जिम्मेदारों के पास नहीं है।इस बीच सपा के नगर अध्यक्ष एवं आजम खां के करीबी आसिम राजा का कहना है कि जब तक अदालत का स्थगन आदेश समाप्त नहीं होता, तब तक गेट की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।

40 में से 38 भवनों को किया है अवैध घोषित
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 में से 38 भवनों को बिना नक्शा पास कराए निर्मित मानते हुए उन्हें अवैध घोषित कर दिया है। प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 20 दिन के भीतर इन भवनों को स्वयं हटाने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर आरडीए की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। 

आजम खां की पत्नी बोलीं- 15 दिन का समय दिया गया
इसी बीच, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय परिसर से होकर गुजरने वाली तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए मुख्य गेट पर बोर्ड लगा दिए हैं। उधर, आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि संस्थान को 15 दिन का समय दिया गया है और प्रबंधन कानूनी सलाह लेकर अपना पक्ष रखेगा। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में बैठे पुलिसकर्मियों को बाहर करवा दिया। उन्हें कहा कि हमारे पास कोर्ट का आदेश है और इस तरह प्रशासन और पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में नहीं बैठ सकते हैं।

यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर लगा 'यह आम रास्ता है' का बोर्ड
पीडब्ल्यूडी ने बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर बोर्ड लगाकर स्पष्ट किया कि यह सड़क आम जनता के उपयोग के लिए खुली है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार के दौरान करीब 17.16 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण कराया गया था। यह सड़क यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार से होते हुए लालपुर बांध तक जाती है।

हाईकोर्ट में लंबित है मामला
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता किशन वीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया था, जिससे आम लोगों और विभागीय अधिकारियों का आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किए और मामला अदालत पहुंच गया। फिलहाल यह विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है।

अभी अंतिम फैसला आना बाकी
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने सड़क को हुए नुकसान के मामले में विश्वविद्यालय को 30 प्रतिशत राशि जमा करने का निर्देश दिया था, जबकि गेट हटाने या बनाए रखने के मुद्दे पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। विभाग ने सड़क को सार्वजनिक बताते हुए परिसर के भीतर भी अतिरिक्त बोर्ड लगाने की तैयारी की है।

संस्थान रखेगा अपना पक्ष
उधर, विश्वविद्यालय को ध्वस्तीकरण नोटिस मिलने के बाद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि संस्थान को 15 दिन का समय दिया गया है और प्रबंधन कानूनी सलाह लेकर अपना पक्ष रखेगा।

अखिलेश ने भाजपा पर बोला हमला
इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भाजपा शिक्षा को भी सांप्रदायिक नजरिए से देखती है और जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई निंदनीय है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed