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Rohtak News: उद्योग पर संकट...प्लास्टिक दाना व धागे की सप्लाई ठप
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फोटो-54: बहादुरगढ़ की एक फैक्टरी में फुटवियर बनाते श्रमिक। फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण प्लास्टिक दाना और औद्योगिक धागे की सप्लाई ठप हो गई है।
फुटवियर और प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों पर संकट गहरा गया है। कच्चे माल की कमी के चलते कई उद्यमियों को उत्पादन कम करने को मजबूर हैं।
फुटवियर उद्यमी नरेंद्र छिकारा ने बताया कि प्लास्टिक दाना और फुटवियर में प्रयोग होने वाले धागे का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात किया जाता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूट गई है और माल नहीं पहुंच रहा। इसका सीधा असर फुटवियर उद्योगों पर पड़ रहा है।
जो कच्चा माल पहले आसानी से उपलब्ध हो जाता था वह अब या तो मिल नहीं रहा या फिर काफी महंगा हो गया है। इस कारण उत्पादन लगातार कम हो रहा है। अगर कुछ दिन और यहीं स्थिति रही तो उत्पादन बंद करना पड़ेगा।
बहादुरगढ़ में करीब ढाई हजार फुटवियर फैक्टरियां प्रभावित हुई हैं। कच्चे माल की कमी के चलते प्लास्टिक पाइप और अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली कई इकाइयों में उत्पादन घट गया है। कुछ फैक्ट्रियां सीमित क्षमता पर चल रही हैं।
उद्यमी पवन अग्रवाल और पीवीसी पाइप के ट्रेडर रिषी गुप्ता का कहना है कि प्लास्टिक दाना व रेजीन की सप्लाई कम हो गई है। पाइप व पानी की टंकी बनाने का काम प्रभावित हुआ है। फिलहाल स्टॉक से काम चलाया जा रहा है।
यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई छोटे और मध्यम उद्योगों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। हजारों मजदूरों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
बहादुरगढ़ में प्लास्टिक दाने से पाइप व अन्य सामान बनाने वाली करीब 50 फैक्टरियां हैं जो प्रभावित हैं। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि कच्चे माल की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि उद्योगों को राहत मिल सके और उत्पादन फिर से सामान्य हो सके।
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बहादुरगढ़। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण प्लास्टिक दाना और औद्योगिक धागे की सप्लाई ठप हो गई है।
फुटवियर और प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों पर संकट गहरा गया है। कच्चे माल की कमी के चलते कई उद्यमियों को उत्पादन कम करने को मजबूर हैं।
फुटवियर उद्यमी नरेंद्र छिकारा ने बताया कि प्लास्टिक दाना और फुटवियर में प्रयोग होने वाले धागे का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात किया जाता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूट गई है और माल नहीं पहुंच रहा। इसका सीधा असर फुटवियर उद्योगों पर पड़ रहा है।
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जो कच्चा माल पहले आसानी से उपलब्ध हो जाता था वह अब या तो मिल नहीं रहा या फिर काफी महंगा हो गया है। इस कारण उत्पादन लगातार कम हो रहा है। अगर कुछ दिन और यहीं स्थिति रही तो उत्पादन बंद करना पड़ेगा।
बहादुरगढ़ में करीब ढाई हजार फुटवियर फैक्टरियां प्रभावित हुई हैं। कच्चे माल की कमी के चलते प्लास्टिक पाइप और अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली कई इकाइयों में उत्पादन घट गया है। कुछ फैक्ट्रियां सीमित क्षमता पर चल रही हैं।
उद्यमी पवन अग्रवाल और पीवीसी पाइप के ट्रेडर रिषी गुप्ता का कहना है कि प्लास्टिक दाना व रेजीन की सप्लाई कम हो गई है। पाइप व पानी की टंकी बनाने का काम प्रभावित हुआ है। फिलहाल स्टॉक से काम चलाया जा रहा है।
यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई छोटे और मध्यम उद्योगों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। हजारों मजदूरों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
बहादुरगढ़ में प्लास्टिक दाने से पाइप व अन्य सामान बनाने वाली करीब 50 फैक्टरियां हैं जो प्रभावित हैं। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि कच्चे माल की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि उद्योगों को राहत मिल सके और उत्पादन फिर से सामान्य हो सके।