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Rohtak News: मदीना के बेटे का खेल में जलवा, 70 से अधिक पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड
Mon, 27 Jul 2026 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:42 AM IST
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38- डिस्कस थ्रो करते खिलाड़ी सचिन दलाल
- फोटो : samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। मदीना गांव के सचिन ने आठवीं कक्षा से ही खेल की दुनिया में कदम रखकर प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वे डिस्कस थ्रो की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सचिन ने एक दशक से अधिक समय तक कायम रहने वाला एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था। वे अब तक 70 से भी अधिक पदक जीत चुके हैं।
सचिन ने वर्ष 2007 में डिस्कस थ्रो खेलना शुरू किया था। महज एक साल के भीतर ही उन्होंने जिलास्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। यह उनकी पहली बड़ी सफलता थी। वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार राज्य स्तर पर खेला। उसी साल उन्होंने दो राज्यस्तरीय स्वर्ण पदक हासिल किए थे।
2009 में ही उन्होंने सीबीएसई नेशनल में भी स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2015 में रांची में उन्होंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। सचिन ने 2011 में यूथ कॉमनवेल्थ खेलों और यूथ विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2014 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।
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सचिन ने 2014 में चेन्नई में हुई जूनियर नेशनल में 58 मीटर 11 सेंटीमीटर का एक नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड 10 साल, 10 महीने और 10 दिन तक कायम रहा। हाल ही में हरियाणा के ही खिलाड़ी उज्ज्ल ने इसे तोड़ा है। सचिन 2018 से आयकर विभाग में कार्यरत हैं और विभाग की ओर से ही खेलते हैं।
पत्नी सीमा भी आयकर विभाग में नौकरी करती हैं नौकरी
वर्ष 2015 में सचिन की कमर में एक गंभीर चोट लगी थी। इस चोट के कारण उन्हें आज भी कमर में दर्द रहता है। वह अभी केवल विभाग की ओर से खेल रहे हैं और दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। उनकी पत्नी सीमा भी आयकर विभाग में नौकरी करती हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह मार्केटिंग बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं और माता सीमा गृहिणी हैं। उनका दो साल का बेटा शिवान भी है।
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रोहतक। मदीना गांव के सचिन ने आठवीं कक्षा से ही खेल की दुनिया में कदम रखकर प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वे डिस्कस थ्रो की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सचिन ने एक दशक से अधिक समय तक कायम रहने वाला एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था। वे अब तक 70 से भी अधिक पदक जीत चुके हैं।
सचिन ने वर्ष 2007 में डिस्कस थ्रो खेलना शुरू किया था। महज एक साल के भीतर ही उन्होंने जिलास्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। यह उनकी पहली बड़ी सफलता थी। वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार राज्य स्तर पर खेला। उसी साल उन्होंने दो राज्यस्तरीय स्वर्ण पदक हासिल किए थे।
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2009 में ही उन्होंने सीबीएसई नेशनल में भी स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2015 में रांची में उन्होंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। सचिन ने 2011 में यूथ कॉमनवेल्थ खेलों और यूथ विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2014 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।
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सचिन ने 2014 में चेन्नई में हुई जूनियर नेशनल में 58 मीटर 11 सेंटीमीटर का एक नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड 10 साल, 10 महीने और 10 दिन तक कायम रहा। हाल ही में हरियाणा के ही खिलाड़ी उज्ज्ल ने इसे तोड़ा है। सचिन 2018 से आयकर विभाग में कार्यरत हैं और विभाग की ओर से ही खेलते हैं।
पत्नी सीमा भी आयकर विभाग में नौकरी करती हैं नौकरी
वर्ष 2015 में सचिन की कमर में एक गंभीर चोट लगी थी। इस चोट के कारण उन्हें आज भी कमर में दर्द रहता है। वह अभी केवल विभाग की ओर से खेल रहे हैं और दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। उनकी पत्नी सीमा भी आयकर विभाग में नौकरी करती हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह मार्केटिंग बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं और माता सीमा गृहिणी हैं। उनका दो साल का बेटा शिवान भी है।