रोहतक। विश्व जल दिवस के अवसर पर यूथ इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कपिल कौशिक ने कहा कि पानी की हर एक बर्बाद भविष्य की प्यास बन रही है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वर्षा जल संचयन को अपनाएं, पानी के दुरुपयोग को रोकें और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और इसका संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
उन्होंने बताया कि सीजीडब्ल्यूबी की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा। और अनेक क्षेत्र ओवर-एक्सप्लोइटेड या डार्क जोन की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। हरियाणा भी इस संकट से अछूता नहीं है। रोहतक और आसपास के क्षेत्रों में ट्यूबवेल की गहराई लगातार बढ़ रही है।
डॉ. कौशिक ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत जैसे तालाब, जोहड़ और कुएं उपेक्षा के कारण समाप्ति की ओर हैं। उन्होंने चेताया कि यदि जल के अंधाधुंध दोहन पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में पानी के लिए संघर्ष आम सामाजिक समस्या बन सकता है। संवाद