{"_id":"69c43960e7df65541103ff31","slug":"the-aim-is-to-make-dental-education-in-the-country-world-class-dr-sanjay-rohtak-news-c-17-roh1020-829226-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश की दंत चिकित्सा शिक्षा को वर्ल्ड क्लास बनाने का है लक्ष्य : डॉ. संजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की दंत चिकित्सा शिक्षा को वर्ल्ड क्लास बनाने का है लक्ष्य : डॉ. संजय
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
रोहतक। राष्ट्रीय दंत आयोग के पहले अध्यक्ष डॉ. संजय तिवारी का कहना है कि भारतीय दंत चिकित्सा शिक्षा को वर्ल्ड क्लास बनाना ही पहला लक्ष्य है। इसका पैरामीटर विकसित देशों की सेवाएं होंगी। फैकल्टी की सक्रिय भागीदारी, बायोमीट्रिक हाजिरी, उचित वेतन और संसाधनों के जरिये व्यवस्था में बड़े सुधार लाएंगे।
आयोग अध्यक्ष बनने से पहले तक डॉ. संजय तिवारी रोहतक स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के दो दशक से प्राचार्य थे। लखनऊ स्थित केजीएमयू से बीडीएस और एमडीएस करके वे यहां पहुंचे और फिर यहीं के होकर रह गए। 2006 से वह इंस्टीट्यूट के प्राचार्य थे। बुधवार को विशेष बातचीत में डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित देशों के स्तर तक ले जाना ही पहला लक्ष्य है। इसके लिए जो भी कदम जरूरी होंगे, उठाएंगे।
बीडीएस व एमडीएस के पाठ्यक्रमों में होगा सुधार
डॉ. तिवारी ने बताया कि बीडीएस व एमडीएस के पाठ्यक्रमों में सुधार लाएंगे। वर्तमान में देश में करीब 325 डेंटल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। यहां हर साल 28,000 बीडीएस व 7,300 से अधिक एमडीएस निकलते हैं। इन संस्थानों में करीब 70,000 डेंटल चेयर भी उपलब्ध हैं। अपनी सेवाओं में सुधार के लिए इन संस्थानों और इनमें उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करेंगे। संवाद
-- -- -- -
10 वर्षों से देश के शीर्ष पांच में शुमार है पीजीआई का डेंटल काॅलेज
डॉ. तिवारी के ही प्रयासों से पीजीआई के डेंटल कॉलेज में एमडीएस की सीटें दो से बढ़कर 33 और बीडीएस की सीटें 20 से 100 हो चुकी हैं। कॉलेज पिछले 10 वर्षों से लगातार देश के शीर्ष पांच कॉलेजों में शुमार है। दंत चिकित्सा में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। यहां 24 घंटे डेंटल एक्स-रे भी होता है। मुख कैंसर के जांच का क्लीनिक भी खुल गया है। प्रदेश सरकार ने संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र घोषित किया है।
...........
19 मार्च को ही बना था आयोग
केंद्र सरकार ने दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए 19 मार्च 2026 को राष्ट्रीय दंत आयोग का गठन किया है।भारतीय दंत चिकित्सा परिषद को खत्म कर दिया गया है।
आयोग अध्यक्ष बनने से पहले तक डॉ. संजय तिवारी रोहतक स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के दो दशक से प्राचार्य थे। लखनऊ स्थित केजीएमयू से बीडीएस और एमडीएस करके वे यहां पहुंचे और फिर यहीं के होकर रह गए। 2006 से वह इंस्टीट्यूट के प्राचार्य थे। बुधवार को विशेष बातचीत में डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित देशों के स्तर तक ले जाना ही पहला लक्ष्य है। इसके लिए जो भी कदम जरूरी होंगे, उठाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीडीएस व एमडीएस के पाठ्यक्रमों में होगा सुधार
डॉ. तिवारी ने बताया कि बीडीएस व एमडीएस के पाठ्यक्रमों में सुधार लाएंगे। वर्तमान में देश में करीब 325 डेंटल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। यहां हर साल 28,000 बीडीएस व 7,300 से अधिक एमडीएस निकलते हैं। इन संस्थानों में करीब 70,000 डेंटल चेयर भी उपलब्ध हैं। अपनी सेवाओं में सुधार के लिए इन संस्थानों और इनमें उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करेंगे। संवाद
10 वर्षों से देश के शीर्ष पांच में शुमार है पीजीआई का डेंटल काॅलेज
डॉ. तिवारी के ही प्रयासों से पीजीआई के डेंटल कॉलेज में एमडीएस की सीटें दो से बढ़कर 33 और बीडीएस की सीटें 20 से 100 हो चुकी हैं। कॉलेज पिछले 10 वर्षों से लगातार देश के शीर्ष पांच कॉलेजों में शुमार है। दंत चिकित्सा में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। यहां 24 घंटे डेंटल एक्स-रे भी होता है। मुख कैंसर के जांच का क्लीनिक भी खुल गया है। प्रदेश सरकार ने संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र घोषित किया है।
...........
19 मार्च को ही बना था आयोग
केंद्र सरकार ने दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए 19 मार्च 2026 को राष्ट्रीय दंत आयोग का गठन किया है।भारतीय दंत चिकित्सा परिषद को खत्म कर दिया गया है।