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Rohtak News: रफ्तार का कहर...दो बाइकों की टक्कर से स्कूटी सवार डीएसपी के गनमैन की मौत
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06-हवलदार नरेंद्र। फाइल फोटो
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। शहर के डी पार्क पर सोमवार रात साढ़े 11 बजे ड्यूटी के बाद घर स्कूटी पर लौट रहे डीएसपी गुलाब सिंह के गनमैन झज्जर के दूबलधन माजरा हाल में विशाल नगर निवासी नरेंद्र (56) की दो बाइकों की टक्कर से मौत हो गई। हादसे में बाइक सवार जींद के नरवाना निवासी करण व रोहतक के सुभाष नगर निवासी जीवन भी घायल हो गए। सिविल लाइन थाने में घायल युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रमिला ने बताया कि उनके पति नरेंद्र सेना से रिटायर्ड होने के बाद 2008 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। वे डीएसपी गुलाब सिंह के गनमैन रहे। फिलहाल, डीएसपी अवकाश पर हैं। ऐसे में वे पुलिस लाइन में हवलदार के तौर पर तैनात थे।
सोमवार शाम को वह स्कूटी पर घर से निकले थे। रात करीब ढाई बजे सूचना मिली कि नरेंद्र स्कूटी पर डी पार्क की तरफ मुड़ रहे थे, तभी तेज गति से दो अलग-अलग बाइकों पर आ रहे जींद के नरवाना निवासी करण व सुभाष नगर निवासी जीवन ने स्कूटी को टक्कर मार दी।
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हादसे में तीनों लोग घायल हो गए। उन्हें पीजीआई के ट्राॅमा सेंटर ले जाया गया जहां नरेंद्र की मौत हो गई। दोनों युवकों ने लापरवाही से तेज गति से बाइक चलाकर उनके पति को टक्कर मार दी। इसके चलते उनकी मौत हुई है।
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पोती के साथ धमाल मचाने का सपना अधूरा छोड़ गया दादा
दिल्ली पुलिस में तैनात चचेरे भाई जगबीर ने बताया कि पहले नरेंद्र के पिता बलबीर सिंह सेना में रहे। उनके बाद 1990 में वह और नरेंद्र दोनों सेना में राज राइफल में भर्ती हुए थे। 2008 में नरेंद्र हरियाणा पुलिस तो वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हो गए। अब नरेंद्र का बेटा विनय सेना में देहरादून में तैनात हैं। विनय ने बताया कि रात को साढ़े 12 बजे पुलिस की कॉल आई कि आपके पिता का एक्सीडेंट हो गया है। वह सुबह तक घर आ गए लेकिन उनके पिता की मौत हो चुकी थी। पिता कहते थे कि रिटायरमेंट के बाद घर आऊंगा तो पोती भूमिका के साथ खूब धमाल मचाऊंगा। यह सपना उनका अधूरा रह गया।
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100 से ज्यादा की स्पीड रही बाइकों की
विनय ने बताया कि उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि दोनों बाइक सवार तेज गति से बजरंग भवन से मेडिकल मोड़ की तरफ जा रहे थे। आरोपियों की बाइक की 100 से ज्यादा की स्पीड थी। जैसे ही उनके पिता स्कूटी पर डी पार्क की तरफ आने से लगे तो दोनों बाइक उनकी स्कूटी से टकरा गईं। इससे स्कूटी बीच से टूट गई और एक बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें नरेंद्र की मौत हो गई जबकि जीवन की हालत गंभीर बनी हुई है।
रोहतक। शहर के डी पार्क पर सोमवार रात साढ़े 11 बजे ड्यूटी के बाद घर स्कूटी पर लौट रहे डीएसपी गुलाब सिंह के गनमैन झज्जर के दूबलधन माजरा हाल में विशाल नगर निवासी नरेंद्र (56) की दो बाइकों की टक्कर से मौत हो गई। हादसे में बाइक सवार जींद के नरवाना निवासी करण व रोहतक के सुभाष नगर निवासी जीवन भी घायल हो गए। सिविल लाइन थाने में घायल युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रमिला ने बताया कि उनके पति नरेंद्र सेना से रिटायर्ड होने के बाद 2008 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। वे डीएसपी गुलाब सिंह के गनमैन रहे। फिलहाल, डीएसपी अवकाश पर हैं। ऐसे में वे पुलिस लाइन में हवलदार के तौर पर तैनात थे।
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सोमवार शाम को वह स्कूटी पर घर से निकले थे। रात करीब ढाई बजे सूचना मिली कि नरेंद्र स्कूटी पर डी पार्क की तरफ मुड़ रहे थे, तभी तेज गति से दो अलग-अलग बाइकों पर आ रहे जींद के नरवाना निवासी करण व सुभाष नगर निवासी जीवन ने स्कूटी को टक्कर मार दी।
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पोती के साथ धमाल मचाने का सपना अधूरा छोड़ गया दादा
दिल्ली पुलिस में तैनात चचेरे भाई जगबीर ने बताया कि पहले नरेंद्र के पिता बलबीर सिंह सेना में रहे। उनके बाद 1990 में वह और नरेंद्र दोनों सेना में राज राइफल में भर्ती हुए थे। 2008 में नरेंद्र हरियाणा पुलिस तो वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हो गए। अब नरेंद्र का बेटा विनय सेना में देहरादून में तैनात हैं। विनय ने बताया कि रात को साढ़े 12 बजे पुलिस की कॉल आई कि आपके पिता का एक्सीडेंट हो गया है। वह सुबह तक घर आ गए लेकिन उनके पिता की मौत हो चुकी थी। पिता कहते थे कि रिटायरमेंट के बाद घर आऊंगा तो पोती भूमिका के साथ खूब धमाल मचाऊंगा। यह सपना उनका अधूरा रह गया।
100 से ज्यादा की स्पीड रही बाइकों की
विनय ने बताया कि उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि दोनों बाइक सवार तेज गति से बजरंग भवन से मेडिकल मोड़ की तरफ जा रहे थे। आरोपियों की बाइक की 100 से ज्यादा की स्पीड थी। जैसे ही उनके पिता स्कूटी पर डी पार्क की तरफ आने से लगे तो दोनों बाइक उनकी स्कूटी से टकरा गईं। इससे स्कूटी बीच से टूट गई और एक बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें नरेंद्र की मौत हो गई जबकि जीवन की हालत गंभीर बनी हुई है।

06-हवलदार नरेंद्र। फाइल फोटो

06-हवलदार नरेंद्र। फाइल फोटो