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Rohtak News: नहरों में बहाया जा रहा कचरा, इज्जत पानी-पानी
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37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद
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रोहतक। रोहतक वासियों को पेयजल व कृषि भूमि के लिए जल उपलब्ध करवाने वाली नहरों की दशा लगातार खराब हो रहा है। नहरों में कभी लोगों की ओर से प्लास्टिक कचरा व सामग्री डाली जाती है तो कभी मृत पशु बहाए जाते हैं।
यही पानी जलघरों व नलों के माध्यम से लोगों के पेट तक पहुंचता है। नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार व प्रशासन की ओर प्राकृतिक जल स्रोत को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर सवालिया चिह्न लग रहे हैं क्योंकि भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है।
रोहतक वासियों के लिए जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर व बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर जल उपलब्ध करवाती है। दोनों नहरों में सिंचाई विभाग के शेड्यूल अनुसार पानी की सप्लाई होती है। अगर नहरी पानी बंद हो जाएगा तो शहर की करीब 5.15 लाख आबादी के लिए जल संकट शुरू हो जाता है।
अभी दोनों ही नहरों में पानी बंद है और पुराने शहर की 80 से अधिक कॉलोनियों में रोजाना दो समय मिलने वाला पानी केवल एक समय नसीब हो रहा है। यही कारण है कि नहर में पानी नहीं है और जलघर में इतनी क्षमता नहीं है।
नहरों की स्थिति को लेकर टीम ने रविवार को पड़ताल की। देखा गया कि जेएलएन व बीएसबी नहर में पानी के अंदर जगह-जगह पॉलिथीन व प्लास्टिक कचरा पड़ा हुआ है। अधिकतर सोनीपत रोड के बोहर पुल, दिल्ली बाईपास के निकट पुल, ओमैक्स सिटी स्थित पुल व मायना वाले पुलों के पास स्थिति खराब है।
दिल्ली बाईपास पुल पर 4 साल 5 माह से रोज नहरों पर खड़े होकर लोगों को जागरूक कर रहे सुनो नहरों की पुकार मिशन के सदस्यों ने बताया कि जब नहर में पानी आता है तब मृत पशु बहकर आना आम बात है।
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वर्जन
जिले में मोई हुड्डा से कन्हेली तक बीएसबी नहर है और आगे तक जेएलएन नहर है। लोगों को नहर में कुछ भी सामान डालने से रोका जा रहा है। अगर कोई पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। दोनों नहरों में पेयजल की शुद्धता को लेकर विभाग की ओर से ध्यान दिया जा रहा है। -अरुण मुंजाल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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फोटो
200 से अधिक प्रकार की सामग्री नहरी पानी में डाली जा रही है। पूजा पाठ का विकल्प तलाशा जा सकता है लेकिन पानी का विकल्प नहीं। जल स्रोतों को किसी प्रकार से प्रदूषित न किया जाए और भविष्य के लिए बचाया हम यही प्रयास कर रहे हैं। -डॉ. जसमेर हुड्डा, संरक्षक, सुनो नहरों की पुकार मिशन।
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कभी ऐसा दिन नहीं हुआ कि नहरों में लोगों को सामग्री डालने से न रोका हो। -अजय हुड्डा, समाजसेवी
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नहरों की दशा पहले ऐसी नहीं थी। अब आमजन पूजा पाठ और अंधविश्वास के नाम पर तरह-तरह की सामग्री नहर में प्रवाहित कर रहे हैं जो जल की शुद्धता को खराब कर रहे हैं। -ईश्वर सिंह दलाल, सेवानिवृत्त सर्कल हेड ड्राफ्टमैन, नहरी विभाग।
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बीएसबी और जेएलएन नहर में जब पानी आपूर्ति होती है तो पानी में मुर्गे, गोवंश व भैंस आदि बहकर आते हैं। -राजबीर कुमार, सेवानिवृत्त प्रचार्य।
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यही पानी जलघरों व नलों के माध्यम से लोगों के पेट तक पहुंचता है। नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार व प्रशासन की ओर प्राकृतिक जल स्रोत को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर सवालिया चिह्न लग रहे हैं क्योंकि भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है।
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रोहतक वासियों के लिए जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर व बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर जल उपलब्ध करवाती है। दोनों नहरों में सिंचाई विभाग के शेड्यूल अनुसार पानी की सप्लाई होती है। अगर नहरी पानी बंद हो जाएगा तो शहर की करीब 5.15 लाख आबादी के लिए जल संकट शुरू हो जाता है।
अभी दोनों ही नहरों में पानी बंद है और पुराने शहर की 80 से अधिक कॉलोनियों में रोजाना दो समय मिलने वाला पानी केवल एक समय नसीब हो रहा है। यही कारण है कि नहर में पानी नहीं है और जलघर में इतनी क्षमता नहीं है।
नहरों की स्थिति को लेकर टीम ने रविवार को पड़ताल की। देखा गया कि जेएलएन व बीएसबी नहर में पानी के अंदर जगह-जगह पॉलिथीन व प्लास्टिक कचरा पड़ा हुआ है। अधिकतर सोनीपत रोड के बोहर पुल, दिल्ली बाईपास के निकट पुल, ओमैक्स सिटी स्थित पुल व मायना वाले पुलों के पास स्थिति खराब है।
दिल्ली बाईपास पुल पर 4 साल 5 माह से रोज नहरों पर खड़े होकर लोगों को जागरूक कर रहे सुनो नहरों की पुकार मिशन के सदस्यों ने बताया कि जब नहर में पानी आता है तब मृत पशु बहकर आना आम बात है।
वर्जन
जिले में मोई हुड्डा से कन्हेली तक बीएसबी नहर है और आगे तक जेएलएन नहर है। लोगों को नहर में कुछ भी सामान डालने से रोका जा रहा है। अगर कोई पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। दोनों नहरों में पेयजल की शुद्धता को लेकर विभाग की ओर से ध्यान दिया जा रहा है। -अरुण मुंजाल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
फोटो
200 से अधिक प्रकार की सामग्री नहरी पानी में डाली जा रही है। पूजा पाठ का विकल्प तलाशा जा सकता है लेकिन पानी का विकल्प नहीं। जल स्रोतों को किसी प्रकार से प्रदूषित न किया जाए और भविष्य के लिए बचाया हम यही प्रयास कर रहे हैं। -डॉ. जसमेर हुड्डा, संरक्षक, सुनो नहरों की पुकार मिशन।
कभी ऐसा दिन नहीं हुआ कि नहरों में लोगों को सामग्री डालने से न रोका हो। -अजय हुड्डा, समाजसेवी
नहरों की दशा पहले ऐसी नहीं थी। अब आमजन पूजा पाठ और अंधविश्वास के नाम पर तरह-तरह की सामग्री नहर में प्रवाहित कर रहे हैं जो जल की शुद्धता को खराब कर रहे हैं। -ईश्वर सिंह दलाल, सेवानिवृत्त सर्कल हेड ड्राफ्टमैन, नहरी विभाग।
बीएसबी और जेएलएन नहर में जब पानी आपूर्ति होती है तो पानी में मुर्गे, गोवंश व भैंस आदि बहकर आते हैं। -राजबीर कुमार, सेवानिवृत्त प्रचार्य।

37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद

37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद

37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद

37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद

37 रोहतक के दिल्ली बाईपास स्थित जेएलएन ने डाली गई सामग्री व प्लास्टिक कचरा। संवाद