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Sirsa News: हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन पर 1701 करोड़ रुपये होंगे खर्च, तीन जिलों को होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:28 PM IST
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सिंचाई विभाग ने तैयार किया ड्रेन का नक्शा।
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सिरसा। हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन के कारण हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिले के सेम के इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। कई सालों से ड्रेन को दुरुस्त करने और उसको आधुनिक तरीके से बनाने की मांग उठ रही थी। किसानों की मांग पर सरकार ने फोकस करते हुए विशेष प्रोजेक्ट बनाया है। इस प्रोजेक्ट पर अनुमानित कुल खर्च 1701 करोड़ आने संभावना है।
वहीं, इस प्रोजेक्ट पर सिंचाई विभाग की ओर से काम भी शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट सेम की समस्या का समाधान है। इससे सालों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पाने वाले किसानों को अपने खेतों में फसल देखने का सपना भी कहीं न कहीं पूरा होगा। सिरसा के चोपटा क्षेत्र के गांवों में सेम से बदतर हालात है। कई गांव सालों से सेम की चपेट में है। 20 हजार एकड़ भूमि सेम ग्रस्त है। किसानों का दर्द कोई समझ नहीं सकता है। जब अपने घरों को आंखों के सामने ही खंडहर होता देखना पड़े। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप माथुर की माने तो प्रोजेक्ट के बाद किसानों की सेम की समस्या को स्थायी समाधान मिलेगा। आधुनिक तरीके से हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन को ठीक किया जाएगा। चोपटा क्षेत्र के कुछ एरिया में फिलहाल काम चल रहा है।
हिसार जोन में होगा खर्च - 52471.42 लाख रुपये
फतेहाबाद जोन में होगा खर्च - 56014.68 लाख रुपये
सिरसा जोन में होगा खर्च - 61623.71 लाख रुपये
कुल तीनों जोन में खर्च - 170109.81 लाख रुपये।
इस प्रकार बढ़ाई जाएगी ड्रेन की क्षमता
सिरसा--
ड्रेन क्षमता , बढ़ने पर
-- आरडी - 0 से 63850 - 750 क्यूसिक, 2750 क्यूसिक
- आरडी - 63850- 141000 - 500 क्यूसिक, 2500 क्यूसिक
-- --
फतेहाबाद -
आरडी - 141000- 205230 - 500 क्यूसिक, 1977 क्यूसिक
-- -
हिसार
आरडी -205230 - 291750 - 500 क्यूसिक, 1600 क्यूसिक
आरडी - 291750- 398600 - 384 क्यूसिक, 1600 क्यूसिक
तीन जिलों के यह गांव आते हैं हिसार घग्गर ड्रेन पर -
ऐलनाबाद, सिरसा और रानिया के गांव
तरकावाली, नाथूसरी खुर्द, चाहरवाला, शाहरपुरिया, शंकरमंदोरी, नाथूसरी कलां, दडबा कलां, मानक दीवान, रूपाणा, रधावा, निर्बाण, बकरियांवाली, गुडियाखेडा, मोडिया खेडा, माधोसिघाना, ओटू, मौजूदीन।
फतेहाबाद - गादली, रामसरा और जंडवाला बागड़।
आदमपुर - काबरेल, सीसवाल, मोहोबतपुर, मोडाखेरा, दरौली, चूली कलां, चूली खुर्द।
बरवाला व नलवा - सुल्तानपुर, लाडवा, दाहिमा, मंगाली मोहब्बत, हरिकोट, कैमरी, देवा, गंगवा, टोकस, पट्टन, मुकलान, आर्य नगर, हिंदवान, शाहपुर, मिर्ज़ापुर, मिंगनी खेड़ा, सलेमगढ़, नलवा।
--
ड्रेन की होगी बड़े स्तर पर रीमॉडलिंग
- ड्रेन को चौड़ा और गहरा किया जाएगा
- किनारों को मजबूत व पक्का बनाया जाएगा
- पानी की निकासी क्षमता को काफी बढ़ाया जाएगा
- पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- जहां पर लेवल सही नहीं है वहां पर लेवल दुरुस्त किया जाएगा।
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हर साल बनते हैं बाढ़ जैसे हालात
- बरसात में ड्रेन कई बार ओवरफ्लो या टूट जाती है
- हजारों एकड़ फसल पानी में डूब जाती है
- गांवों में लंबे समय तक जलभराव बना रहता है, जो सेम का कारण बनता है।
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वहीं, इस प्रोजेक्ट पर सिंचाई विभाग की ओर से काम भी शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट सेम की समस्या का समाधान है। इससे सालों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पाने वाले किसानों को अपने खेतों में फसल देखने का सपना भी कहीं न कहीं पूरा होगा। सिरसा के चोपटा क्षेत्र के गांवों में सेम से बदतर हालात है। कई गांव सालों से सेम की चपेट में है। 20 हजार एकड़ भूमि सेम ग्रस्त है। किसानों का दर्द कोई समझ नहीं सकता है। जब अपने घरों को आंखों के सामने ही खंडहर होता देखना पड़े। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप माथुर की माने तो प्रोजेक्ट के बाद किसानों की सेम की समस्या को स्थायी समाधान मिलेगा। आधुनिक तरीके से हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन को ठीक किया जाएगा। चोपटा क्षेत्र के कुछ एरिया में फिलहाल काम चल रहा है।
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हिसार जोन में होगा खर्च - 52471.42 लाख रुपये
फतेहाबाद जोन में होगा खर्च - 56014.68 लाख रुपये
सिरसा जोन में होगा खर्च - 61623.71 लाख रुपये
कुल तीनों जोन में खर्च - 170109.81 लाख रुपये।
इस प्रकार बढ़ाई जाएगी ड्रेन की क्षमता
सिरसा
ड्रेन क्षमता , बढ़ने पर
- आरडी - 63850- 141000 - 500 क्यूसिक, 2500 क्यूसिक
फतेहाबाद -
आरडी - 141000- 205230 - 500 क्यूसिक, 1977 क्यूसिक
हिसार
आरडी -205230 - 291750 - 500 क्यूसिक, 1600 क्यूसिक
आरडी - 291750- 398600 - 384 क्यूसिक, 1600 क्यूसिक
तीन जिलों के यह गांव आते हैं हिसार घग्गर ड्रेन पर -
ऐलनाबाद, सिरसा और रानिया के गांव
तरकावाली, नाथूसरी खुर्द, चाहरवाला, शाहरपुरिया, शंकरमंदोरी, नाथूसरी कलां, दडबा कलां, मानक दीवान, रूपाणा, रधावा, निर्बाण, बकरियांवाली, गुडियाखेडा, मोडिया खेडा, माधोसिघाना, ओटू, मौजूदीन।
फतेहाबाद - गादली, रामसरा और जंडवाला बागड़।
आदमपुर - काबरेल, सीसवाल, मोहोबतपुर, मोडाखेरा, दरौली, चूली कलां, चूली खुर्द।
बरवाला व नलवा - सुल्तानपुर, लाडवा, दाहिमा, मंगाली मोहब्बत, हरिकोट, कैमरी, देवा, गंगवा, टोकस, पट्टन, मुकलान, आर्य नगर, हिंदवान, शाहपुर, मिर्ज़ापुर, मिंगनी खेड़ा, सलेमगढ़, नलवा।
ड्रेन की होगी बड़े स्तर पर रीमॉडलिंग
- ड्रेन को चौड़ा और गहरा किया जाएगा
- किनारों को मजबूत व पक्का बनाया जाएगा
- पानी की निकासी क्षमता को काफी बढ़ाया जाएगा
- पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- जहां पर लेवल सही नहीं है वहां पर लेवल दुरुस्त किया जाएगा।
हर साल बनते हैं बाढ़ जैसे हालात
- बरसात में ड्रेन कई बार ओवरफ्लो या टूट जाती है
- हजारों एकड़ फसल पानी में डूब जाती है
- गांवों में लंबे समय तक जलभराव बना रहता है, जो सेम का कारण बनता है।