{"_id":"69cc0ca47565b960f60854b8","slug":"conserving-water-by-building-ponds-up-to-75-percent-subsidy-will-be-available-sirsa-news-c-128-1-sir1002-155710-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: तालाब बनाकर करें जल संरक्षण, 75 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: तालाब बनाकर करें जल संरक्षण, 75 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:34 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। हरियाणा उद्यान विभाग किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं लेकर आया है जिनसे किसान अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना, आधुनिक तकनीकों को अपनाने में सहायता देना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। जल संरक्षण के लिए तालाब बनाने में 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
जिला जनसंपर्क व जनसूचना अधिकारी रामनाथ ने बताया कि विशेष रूप से पानी संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता और बीमा लाभ दिए जा रहे हैं जिससे वे कम लागत में बेहतर संसाधन विकसित कर सकें। इन योजनाओं में सबसे प्रमुख खेत में पानी के तालाब योजना है। इसके अंतर्गत सामुदायिक तालाब निर्माण पर किसानों या किसान समूहों को कुल लागत पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना में अधिकतम 24 लाख रुपये तक की लागत पर सहायता उपलब्ध है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का संचयन कर सिंचाई के लिए स्थायी स्रोत तैयार करना है, जिससे पानी की कमी की समस्या को कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, व्यक्तिगत स्तर पर पानी के भंडारण के लिए “व्यक्तिगत टैंक” योजना भी चलाई जा रही है। इस योजना में 10 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जिसके तहत एक किसान को अधिकतम 7 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। यह टैंक विशेष रूप से बागवानी क्षेत्रों में उपयोगी है और निर्धारित आकार (लगभग 102×92×12 फीट) तक बनाए जा सकते हैं। वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन के लिए “वर्षा जल संग्रहण टैंक” योजना भी लागू है। इसमें 1.70 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जिसके तहत लगभग 1.27 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
यह योजना खासकर उन स्थानों के लिए लाभकारी है, जहां पानी का संरक्षण अत्यंत आवश्यक होता है। इन सभी योजनाओं के माध्यम से हरियाणा उद्यान विभाग किसानों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ते हुए जल संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है। इससे न केवल खेती की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होगा। सरकार की यह पहल “पानी बचाओ, खेती बढ़ाओ” के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Trending Videos
जिला जनसंपर्क व जनसूचना अधिकारी रामनाथ ने बताया कि विशेष रूप से पानी संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता और बीमा लाभ दिए जा रहे हैं जिससे वे कम लागत में बेहतर संसाधन विकसित कर सकें। इन योजनाओं में सबसे प्रमुख खेत में पानी के तालाब योजना है। इसके अंतर्गत सामुदायिक तालाब निर्माण पर किसानों या किसान समूहों को कुल लागत पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना में अधिकतम 24 लाख रुपये तक की लागत पर सहायता उपलब्ध है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का संचयन कर सिंचाई के लिए स्थायी स्रोत तैयार करना है, जिससे पानी की कमी की समस्या को कम किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, व्यक्तिगत स्तर पर पानी के भंडारण के लिए “व्यक्तिगत टैंक” योजना भी चलाई जा रही है। इस योजना में 10 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जिसके तहत एक किसान को अधिकतम 7 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। यह टैंक विशेष रूप से बागवानी क्षेत्रों में उपयोगी है और निर्धारित आकार (लगभग 102×92×12 फीट) तक बनाए जा सकते हैं। वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन के लिए “वर्षा जल संग्रहण टैंक” योजना भी लागू है। इसमें 1.70 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जिसके तहत लगभग 1.27 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
यह योजना खासकर उन स्थानों के लिए लाभकारी है, जहां पानी का संरक्षण अत्यंत आवश्यक होता है। इन सभी योजनाओं के माध्यम से हरियाणा उद्यान विभाग किसानों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ते हुए जल संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है। इससे न केवल खेती की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होगा। सरकार की यह पहल “पानी बचाओ, खेती बढ़ाओ” के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।