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Sirsa News: 7.29 करोड़ की लागत से नवनिर्मित कुतियाना माइनर में दरारें, गुणवत्ता पर उठे सवाल, जेई बोले-दलदली भूमि के कारण परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 22 Jun 2026 10:42 PM IST
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Cracks in the newly constructed Kutiya Minor costing 7.29 crore, questions raised over quality, JE says - problems due to marshy land
कुतियाना माइनर में आईं दरारें। - फोटो : 1
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सिरसा। चोपटा क्षेत्र की कुतियाना माइनर के पुनर्निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं। करीब 7 करोड़ 29 लाख 78 हजार रुपये की लागत से बन रही नवनिर्मित माइनर में जगह-जगह दरारें आनी शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये का यह विकास कार्य पूरी तरह अनदेखी का शिकार है और नियमित मॉनिटरिंग न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

ग्रामीणों ने अनुसार यह काम पीएस इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी द्वारा मूल बजट से लगभग 20 प्रतिशत माइनस (कम) रेट पर किया जा रहा है। इस परियोजना में माइनर के पुनर्निर्माण के साथ-साथ 6 पुलों को ऊंचा करने का कार्य भी शामिल है। वर्तमान में परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है जिसके एवज में सिंचाई विभाग द्वारा ठेकेदार को करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों में रोष है। किसान नेता जगदीश और प्रदीप कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और माइनर में आई दरारों को उजागर किया है। इसके बाद से स्थानीय ग्रामीण इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
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भाई संभालते हैं काम : फर्म संचालक
पीएस इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड फर्म के संचालक पृथ्वी सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य उनके भाई देखते हैं। काम अधिकारियों की मॉनिटरिंग में ही किया जा रहा है। जहां भी कोई कमी या दरार रही होगी उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
सरकारी लैब से होती है सामग्री की जांच : एसडीओ
सिंचाई विभाग के एसडीओ हरदीप सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य की समय-समय पर जांच की जाती है और निर्माण सामग्री को सरकारी अधिकृत लैब से ही पास करवाया जाता है। एक स्थान पर माइनर पुल के कारण टूटी है। जहां भी दरारें आई हैं उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।
मॉनिटरिंग में कोई लापरवाही नहीं: जेई
कनिष्ठ अभियंता (जेई) विशाल कुमार ने बताया कि कुछ स्थानों पर पानी खड़ा रहने और दलदली स्थिति होने के कारण दरारें आई हैं। मॉनिटरिंग में कोई लापरवाही नहीं है। इसके लिए दो कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है जो भी कमियां हैं उनकी मरम्मत करवा दी जाएगी।
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