{"_id":"6973ad528874fdc0dc03b619","slug":"fear-of-monkeys-in-dabwali-people-are-no-longer-safe-not-just-in-the-streets-but-also-inside-their-homes-sirsa-news-c-128-1-svns1027-151788-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: डबवाली में बंदरों का खाैफ...गलियों में ही नहीं अब घरों में भी सुरक्षित नहीं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: डबवाली में बंदरों का खाैफ...गलियों में ही नहीं अब घरों में भी सुरक्षित नहीं लोग
विज्ञापन
डबवाली क्षेत्र में गली में घर के बाहर बंदरों का झुंड।
विज्ञापन
डबवाली। शहर में बंदरों का खौफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। नगर परिषद द्वारा बार-बार बंदरों को पकड़ने के प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन ठेका प्रणाली के बावजूद समस्या पर काबू पाने में प्रशासन नाकाम रहा है। शहर में बंदरों के हमलों से आमजन परेशान हैं और उनकी जान-माल की सुरक्षा लगातार संकट में बनी हुई है। अब गलियों में ही नहीं घरों के भीतर भी लोग बंदरों से परेशान हो गए हैं।
वार्ड-13 की अंगी वाली गली में बंदरों के झुंड ने प्रेम सोनी के घर में उत्पात मचाया। सोनी ने बताया कि बंदरों ने उनकी किचन को बर्बाद कर दिया, फ्रिज का सामान उड़ा लिया और खाने-पीने की वस्तुएं खराब कर दीं। जब उन्होंने और उनकी पत्नी ने बंदरों को भगाने की कोशिश की, तो बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद परिवार को अपने बच्चों के साथ कमरे में बंद होकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
एसी के कंप्रेसर, पानी की टंकियों को भी नुकसान पहुंचा रहे बंदर
ओमप्रकाश, नरेश, राजेश, गिरीश मेहता और संतलाल ने बताया कि बंदर रोजाना झुंड में आते हैं और घरों की छतों पर उत्पात मचाते हैं। वे पानी की टंकियों की पाइपें, एसी के कंप्रेसर और घरेलू उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। भय के कारण लोग दिन-दहाड़े भी अपने घरों के दरवाजे बंद कर कैद हो जाते हैं।
कई लोगों को काट चुके
बंदरों की हिंसक गतिविधियां पहले भी हो चुकी हैं। 18 सितंबर को वार्ड 8 में बंदरों ने 13 वर्षीय एक बच्चे पर हमला किया था। वहां मौजूद रिटायर्ड फार्मासिस्ट जसवंत रॉय और मिस्त्री ने मिलकर बच्चे की जान बचाई थी। इससे पहले एक महिला भी बंदरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई थी, जिसे इलाज के लिए एम्स बठिंडा रेफर किया गया था। इसके अलावा कई लोगों पर हमला कर चुके हैं।
इस संबंध में नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए एक टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो थोड़े-बहुत बंदर शेष हैं, उन्हें जल्द ही काबू किया जाएगा और शहरवासियों को बंदरों से राहत प्रदान की जाएगी।
Trending Videos
वार्ड-13 की अंगी वाली गली में बंदरों के झुंड ने प्रेम सोनी के घर में उत्पात मचाया। सोनी ने बताया कि बंदरों ने उनकी किचन को बर्बाद कर दिया, फ्रिज का सामान उड़ा लिया और खाने-पीने की वस्तुएं खराब कर दीं। जब उन्होंने और उनकी पत्नी ने बंदरों को भगाने की कोशिश की, तो बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद परिवार को अपने बच्चों के साथ कमरे में बंद होकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसी के कंप्रेसर, पानी की टंकियों को भी नुकसान पहुंचा रहे बंदर
ओमप्रकाश, नरेश, राजेश, गिरीश मेहता और संतलाल ने बताया कि बंदर रोजाना झुंड में आते हैं और घरों की छतों पर उत्पात मचाते हैं। वे पानी की टंकियों की पाइपें, एसी के कंप्रेसर और घरेलू उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। भय के कारण लोग दिन-दहाड़े भी अपने घरों के दरवाजे बंद कर कैद हो जाते हैं।
कई लोगों को काट चुके
बंदरों की हिंसक गतिविधियां पहले भी हो चुकी हैं। 18 सितंबर को वार्ड 8 में बंदरों ने 13 वर्षीय एक बच्चे पर हमला किया था। वहां मौजूद रिटायर्ड फार्मासिस्ट जसवंत रॉय और मिस्त्री ने मिलकर बच्चे की जान बचाई थी। इससे पहले एक महिला भी बंदरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई थी, जिसे इलाज के लिए एम्स बठिंडा रेफर किया गया था। इसके अलावा कई लोगों पर हमला कर चुके हैं।
इस संबंध में नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए एक टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो थोड़े-बहुत बंदर शेष हैं, उन्हें जल्द ही काबू किया जाएगा और शहरवासियों को बंदरों से राहत प्रदान की जाएगी।