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Sirsa News: शहर का मावड़ी माता मंदिर, देशभर में एकमात्र सिरसा में स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:35 PM IST
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शहर में मावड़ी माता के मंदिर में मिट्टी निकालते हुए श्रद्धालु। संवाद
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शहर में नवरात्र को लेकर मावड़ी माता मंदिर में लोगों की भीड़, हर साल लगता है मेला
- 200 वर्ष पुराना है मावड़ी माता मंदिर, दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
- माता की मूर्ति जमीन से निकली थी इसलिए है मान्यता
फोटो- 15 से 17
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नवरात्र के पावन अवसर पर भादरा बाजार स्थित प्रसिद्ध मावड़ी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां मेले जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। यहां दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। बताया जाता है कि यहां स्थापित माता की मूर्ति जमीन से प्रकट हुई थी जिसके कारण श्रद्धालुओं में इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। नवरात्र के दौरान भक्त सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें भी सजी हैं जहां लोग प्रसाद और अन्य सामान खरीद रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कोलकाता के सेठचंद ने बनवाया मंदिर
मान्यता है कि कोलकाता के सेठचंद राम की बेटी अपाहिज थी। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी बेटी सही हो जाएगी तो वह यहां मंदिर बनाएंगे। बेटी के ठीक होने पर सेठचंद ने यहां माता मावड़ी का मंदिर बनवा दिया।
जमीन से निकली थी माता की मूर्ति
मावड़ी माता की मूर्ति जमीन से निकली हुई है। जहां से लोगों को यह मूर्ति मिली मंदिर का गर्भ गृह वहीं पर है। बताया जाता है कि इस मूर्ति को चोरों ने दो बार चुराने की कोशिश की लेकिन कभी भी इस मंदिर के परिसर से बाहर नहीं ले जा पाए।
नवरात्र पर लगता है मेला
मंदिर के पुजारी मदन लाल जोगी ने बताया कि यह मंदिर 200 से भी पुराना है। नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। नवरात्र से लेकर नवमी के तीन दिन तक मंदिर में मेला लगेगा। इसमें देश-विदेश के श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। पुजारी मदन लाल जोगी ने बताया कि मावड़ी माता की मूर्ति जमीन से निकली हुई है। इसे यही स्थापित किया गया।
पाकिस्तान के अलावा सिर्फ सिरसा में ही है मावड़ी का मंदिर
मंदिर के पुजारी मदन लाल जोगी का दावा है कि पूरे देश में केवल एक ही मावड़ी माता का मंदिर है। जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पुजारी का मानना है कि सिरसा के अलावा मावड़ी माता का मंदिर जहां मन्नतेें पूरी होती हैं वह पाकिस्तान में स्थित है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी आंख, कान, नाक या अपाहिज जैसी समस्या है तो यहां मन्नत मांगने मात्र से ही बीमारी दूर हो जाती है।
मिट्टी निकालकर मन्नत मांगने की है परंपरा
मावड़ी माता मंदिर में जो भी श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने आता है। वह मंदिर परिसर की मिट्टी अवश्य निकालता है। मान्यता है कि मिट्टी निकालने से शरीर का हर कष्ट दूर होता है। वहीं, मंदिर में जाने वाले हर भक्त को मिट्टी निकालना आवश्यक है।
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- 200 वर्ष पुराना है मावड़ी माता मंदिर, दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
- माता की मूर्ति जमीन से निकली थी इसलिए है मान्यता
फोटो- 15 से 17
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नवरात्र के पावन अवसर पर भादरा बाजार स्थित प्रसिद्ध मावड़ी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां मेले जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। यहां दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। बताया जाता है कि यहां स्थापित माता की मूर्ति जमीन से प्रकट हुई थी जिसके कारण श्रद्धालुओं में इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। नवरात्र के दौरान भक्त सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
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मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें भी सजी हैं जहां लोग प्रसाद और अन्य सामान खरीद रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कोलकाता के सेठचंद ने बनवाया मंदिर
मान्यता है कि कोलकाता के सेठचंद राम की बेटी अपाहिज थी। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी बेटी सही हो जाएगी तो वह यहां मंदिर बनाएंगे। बेटी के ठीक होने पर सेठचंद ने यहां माता मावड़ी का मंदिर बनवा दिया।
जमीन से निकली थी माता की मूर्ति
मावड़ी माता की मूर्ति जमीन से निकली हुई है। जहां से लोगों को यह मूर्ति मिली मंदिर का गर्भ गृह वहीं पर है। बताया जाता है कि इस मूर्ति को चोरों ने दो बार चुराने की कोशिश की लेकिन कभी भी इस मंदिर के परिसर से बाहर नहीं ले जा पाए।
नवरात्र पर लगता है मेला
मंदिर के पुजारी मदन लाल जोगी ने बताया कि यह मंदिर 200 से भी पुराना है। नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। नवरात्र से लेकर नवमी के तीन दिन तक मंदिर में मेला लगेगा। इसमें देश-विदेश के श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। पुजारी मदन लाल जोगी ने बताया कि मावड़ी माता की मूर्ति जमीन से निकली हुई है। इसे यही स्थापित किया गया।
पाकिस्तान के अलावा सिर्फ सिरसा में ही है मावड़ी का मंदिर
मंदिर के पुजारी मदन लाल जोगी का दावा है कि पूरे देश में केवल एक ही मावड़ी माता का मंदिर है। जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पुजारी का मानना है कि सिरसा के अलावा मावड़ी माता का मंदिर जहां मन्नतेें पूरी होती हैं वह पाकिस्तान में स्थित है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी आंख, कान, नाक या अपाहिज जैसी समस्या है तो यहां मन्नत मांगने मात्र से ही बीमारी दूर हो जाती है।
मिट्टी निकालकर मन्नत मांगने की है परंपरा
मावड़ी माता मंदिर में जो भी श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने आता है। वह मंदिर परिसर की मिट्टी अवश्य निकालता है। मान्यता है कि मिट्टी निकालने से शरीर का हर कष्ट दूर होता है। वहीं, मंदिर में जाने वाले हर भक्त को मिट्टी निकालना आवश्यक है।