{"_id":"69caabad9faea8ab500848ad","slug":"scattered-grains-of-hard-work-farmers-said-70-of-the-wheat-crop-ruined-agriculture-department-claimed-40-loss-sirsa-news-c-128-1-svns1027-155654-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बिखरे मेहनत के दाने...किसान बोले-गेहूं की 70% फसल बर्बाद, कृषि विभाग का दावा-40% नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बिखरे मेहनत के दाने...किसान बोले-गेहूं की 70% फसल बर्बाद, कृषि विभाग का दावा-40% नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 30 Mar 2026 10:28 PM IST
विज्ञापन
सिरसा के गांव बरुवाली प्रथम में बारिश और ओलावृष्टि से बिखरे गेहूं की फसल के दाने। संवाद
विज्ञापन
सिरसा। जिले के डिंग क्षेत्र के बरुवाली प्रथम गांव में रविवार शाम को बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से गेहूं की फसल में लगभग 70 प्रतिशत नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की टीमों ने सोमवार को खेतों का निरीक्षण किया और उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
वहीं कृषि अधिकारियों के अनुसार ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि कई क्षेत्रों में बारिश के कारण फसल खेतों में बिछ गई है। उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. सुखदेव कंबोज ने बताया कि किसानों की मौजूदगी में सर्वे का काम किया गया है ताकि बाद में कोई विवाद न हो। ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसान पहले से ही इस सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनके अरमानों को तोड़ दिया।
मुआवजे के लिए लघु सचिवालय पहुंचे किसान : सोमवार को प्रभावित किसान सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त शांतनु शर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे करवाकर फसल का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की। राजेश कुमार ने बताया कि रविवार शाम अचानक मौसम बदलने से तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई जिसके कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं और पिछले सीजन में नरमा और कपास की फसल भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई थी जिससे किसान पहले ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। अब गेहूं की फसल का नुकसान उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में जिले में फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। सोमवार को दिन भर मौसम बदलता रहा, और मंडी में सरसों की फसल लेकर आए किसानों की धड़कनें तेज थीं। कई किसान खुले में अपनी फसल सूखा रहे थे और उन्हें तिरपाल डालते हुए देखा गया।
Trending Videos
वहीं कृषि अधिकारियों के अनुसार ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि कई क्षेत्रों में बारिश के कारण फसल खेतों में बिछ गई है। उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. सुखदेव कंबोज ने बताया कि किसानों की मौजूदगी में सर्वे का काम किया गया है ताकि बाद में कोई विवाद न हो। ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसान पहले से ही इस सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनके अरमानों को तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुआवजे के लिए लघु सचिवालय पहुंचे किसान : सोमवार को प्रभावित किसान सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त शांतनु शर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे करवाकर फसल का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की। राजेश कुमार ने बताया कि रविवार शाम अचानक मौसम बदलने से तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई जिसके कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं और पिछले सीजन में नरमा और कपास की फसल भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई थी जिससे किसान पहले ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। अब गेहूं की फसल का नुकसान उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में जिले में फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। सोमवार को दिन भर मौसम बदलता रहा, और मंडी में सरसों की फसल लेकर आए किसानों की धड़कनें तेज थीं। कई किसान खुले में अपनी फसल सूखा रहे थे और उन्हें तिरपाल डालते हुए देखा गया।