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खंडहर से गौरव तक : मोहम्मदपुरिया स्कूल बना जिले का रोल मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:56 PM IST
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सिरसा। राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुरिया के गेट की आज की ग्राउड की फोटो। स्कूल
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फोटो -- 21 से 24
- गणतंत्र दिवस पर मिला विशेष सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जो राजकीय माध्यमिक विद्यालय कभी बदहाली, गंदगी और घटती छात्र संख्या की पहचान बना हुआ था। वही आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा और गौरव का केंद्र बन चुका है। रानियां खंड के राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुरिया ने मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण प्रोत्साहन योजना में जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। 26 जनवरी को आयोजित जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विद्यालय के मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह इन्सां तथा गांव के सरपंच जोगिंदर सिंह को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
इस परिवर्तन के पीछे विद्यालय के मौलिक मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की एक वर्ष की अथक मेहनत और ग्राम पंचायत की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यालय पहले खंड स्तर पर विजेता बना। इसके बाद सिरसा में जिलास्तर पर भी प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को खंड स्तर पर 50 हजार रुपये और जिला स्तर पर 1 लाख रुपये, कुल 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
जब स्कूल बदहाली की मिसाल था
मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की नियुक्ति से पूर्व विद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। चारों ओर कंटीली झाड़ियां, सूखे पेड़-पौधे, जर्जर भवन, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और अव्यवस्थित परिसर विद्यालय की पहचान बन चुके थे। इन हालात के कारण छात्र संख्या लगातार घट रही थी। अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे थे। बलविंदर सिंह बराड़ ने तत्कालीन मुख्याध्यापिका विमला देवी, विद्यालय स्टाफ, सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्यों और एसएमसी के सहयोग से कायाकल्प अभियान शुरू किया।
महीनों की मेहनत से बदली सूरत
कई महीनों की मेहनत के बाद विद्यालय की सूरत पूरी तरह बदल गई। परिसर में गणित पार्क, ग्लोब युक्त पार्क, ऑर्गेनिक खाद निर्माण क्षेत्र, ‘आई लव स्टडी’ जोन, ओपन व इनडोर खेल मैदान, स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, भारत और हरियाणा के नक्शे, राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान लेखन और महापुरुषों की प्रेरणादायक चित्रकारी विकसित की गई। खेल मैदान को समतल कर हरी घास लगाई गई, 350 से अधिक पौधे रोपे गए तथा स्वच्छ पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था की गई। कक्षाओं में नए ब्लैक बोर्ड, दरवाजे-खिड़कियां और शिक्षाप्रद स्लोगन लगाए गए, जिससे अनुशासित और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ।
सब आए साथ तो बदल गई सूरत
डीडीओ बलविंदर सिंह बराड़ ने इस सफलता का श्रेय सरपंच जोगिंदर सिंह, अध्यापिकाएं पोनिका, सुमन, वेदिका, एसएमसी प्रधान कालूराम, विद्यालय स्टाफ और ग्रामवासियों को दिया। विद्यालय की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, खंड शिक्षा अधिकारी भागाराम और अनेक शिक्षाविदों ने बधाई दी।
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- गणतंत्र दिवस पर मिला विशेष सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जो राजकीय माध्यमिक विद्यालय कभी बदहाली, गंदगी और घटती छात्र संख्या की पहचान बना हुआ था। वही आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा और गौरव का केंद्र बन चुका है। रानियां खंड के राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुरिया ने मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण प्रोत्साहन योजना में जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। 26 जनवरी को आयोजित जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विद्यालय के मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह इन्सां तथा गांव के सरपंच जोगिंदर सिंह को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
इस परिवर्तन के पीछे विद्यालय के मौलिक मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की एक वर्ष की अथक मेहनत और ग्राम पंचायत की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यालय पहले खंड स्तर पर विजेता बना। इसके बाद सिरसा में जिलास्तर पर भी प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को खंड स्तर पर 50 हजार रुपये और जिला स्तर पर 1 लाख रुपये, कुल 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
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जब स्कूल बदहाली की मिसाल था
मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की नियुक्ति से पूर्व विद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। चारों ओर कंटीली झाड़ियां, सूखे पेड़-पौधे, जर्जर भवन, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और अव्यवस्थित परिसर विद्यालय की पहचान बन चुके थे। इन हालात के कारण छात्र संख्या लगातार घट रही थी। अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे थे। बलविंदर सिंह बराड़ ने तत्कालीन मुख्याध्यापिका विमला देवी, विद्यालय स्टाफ, सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्यों और एसएमसी के सहयोग से कायाकल्प अभियान शुरू किया।
महीनों की मेहनत से बदली सूरत
कई महीनों की मेहनत के बाद विद्यालय की सूरत पूरी तरह बदल गई। परिसर में गणित पार्क, ग्लोब युक्त पार्क, ऑर्गेनिक खाद निर्माण क्षेत्र, ‘आई लव स्टडी’ जोन, ओपन व इनडोर खेल मैदान, स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, भारत और हरियाणा के नक्शे, राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान लेखन और महापुरुषों की प्रेरणादायक चित्रकारी विकसित की गई। खेल मैदान को समतल कर हरी घास लगाई गई, 350 से अधिक पौधे रोपे गए तथा स्वच्छ पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था की गई। कक्षाओं में नए ब्लैक बोर्ड, दरवाजे-खिड़कियां और शिक्षाप्रद स्लोगन लगाए गए, जिससे अनुशासित और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ।
सब आए साथ तो बदल गई सूरत
डीडीओ बलविंदर सिंह बराड़ ने इस सफलता का श्रेय सरपंच जोगिंदर सिंह, अध्यापिकाएं पोनिका, सुमन, वेदिका, एसएमसी प्रधान कालूराम, विद्यालय स्टाफ और ग्रामवासियों को दिया। विद्यालय की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, खंड शिक्षा अधिकारी भागाराम और अनेक शिक्षाविदों ने बधाई दी।
