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Sirsa News: बुजुर्ग सम्मान भत्ता सम्मान की जगह बना दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सरकार बुजुर्गों को सम्मान के तौर बुजुर्ग पेंशन देती है। विधवा महिलाओं को विधवा पेंशन देती है। बुजुर्गों को दिया जाने वाला यह सम्मान, अब सम्मान की जगह उनके लिए दर्द बन गया है। बुजुर्गों से 60 साल पुराने जन्म प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। 12 साल से पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई।
कुछ ऐसा ही नजारा जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में सोमवार को देखने को मिला। 60 साल से लेकर 90 साल तक के बुजुर्ग लाइन में लगे हुए थे। कोई अपने बेटे के साथ आया था तो कोई पड़ोसी को लाया था। सुनवाई के नाम पर महज खानापूरी हो रही थी। आधार सेंटर से लेकर परिवार पहचान पत्र कार्यालय की दिशा बताई जा रही थी। हैरानी की बात है कि बुजुर्गों की सुनवाई को लेकर गंभीरता नहीं थी। बुजुर्गों की आंखों में नमी साफतौर पर देखने को मिल रही थी। जब बुजुर्गों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पेंशन का सहारा था, जो नहीं मिल रही है।
वोटर कार्ड को सत्यापन का आधार नहीं मान रहा विभाग : वोटर कार्ड के बाद आधार कार्ड देश में लागू हुआ है। आधार और वोटर कार्ड दोनों का डाटा सरकार के पास है। उसके बाद भी सत्यापन के लिए 60 से 90 साल के बुजुर्गों से जन्म प्रमाणपत्र मांगा जाता है।
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कुछ ऐसा ही नजारा जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में सोमवार को देखने को मिला। 60 साल से लेकर 90 साल तक के बुजुर्ग लाइन में लगे हुए थे। कोई अपने बेटे के साथ आया था तो कोई पड़ोसी को लाया था। सुनवाई के नाम पर महज खानापूरी हो रही थी। आधार सेंटर से लेकर परिवार पहचान पत्र कार्यालय की दिशा बताई जा रही थी। हैरानी की बात है कि बुजुर्गों की सुनवाई को लेकर गंभीरता नहीं थी। बुजुर्गों की आंखों में नमी साफतौर पर देखने को मिल रही थी। जब बुजुर्गों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पेंशन का सहारा था, जो नहीं मिल रही है।
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वोटर कार्ड को सत्यापन का आधार नहीं मान रहा विभाग : वोटर कार्ड के बाद आधार कार्ड देश में लागू हुआ है। आधार और वोटर कार्ड दोनों का डाटा सरकार के पास है। उसके बाद भी सत्यापन के लिए 60 से 90 साल के बुजुर्गों से जन्म प्रमाणपत्र मांगा जाता है।
