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देशभक्ति का भाव हर व्यक्ति में होना चाहिए : अरुण
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:50 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला के अंतर्गत विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में सोमवार को प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
गोष्ठी का संयोजन जिला संघ चालक राजकुमार ग्रोवर, संयोजक नरेंद्र गुप्ता, जिला संपर्क प्रमुख ओमप्रकाश कथूरिया तथा सह जिला संपर्क प्रमुख पुनीत सरदाना द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत योगेश दास, प्रधान भेख सठ दर्शन साधु समाज हरियाणा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विवेकानंद विद्यालय के विद्यार्थियों के वंदे मातरम् गान से हुआ। इसके पश्चात मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष महंत योगेश दास ने कहा कि संघ को निकट से समझने और स्वयंसेवकों के आचरण को देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संघ का कार्य वास्तविक अर्थों में राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा का कार्य है। उन्होंने कहा कि देशहित के इस प्रयास में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहभागी बनना चाहिए।
मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा तथा आगामी समय में समाज के लिए निर्धारित पंच परिवर्तन विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि, सामाजिक भूमिका और दायित्वों पर कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष को उत्सव के रूप में नहीं मना रहा, बल्कि समाज निर्माण के कार्य में निरंतर सक्रिय है। बताया कि संघ आत्मावलोकन कर रहा है कि अब तक क्या किया गया और आगे क्या किया जाना है।
अरुण कुमार ने कहा कि संघ का लक्ष्य आगामी समय में देश के 15 करोड़ परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित करना और 15 हजार प्रमुख नागरिक गोष्ठियों के माध्यम से संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि विजयदशमी 1925 से आरंभ हुई संघ की यात्रा संघर्ष, उपहास और विरोध के बीच आगे बढ़ी है, जिसने संगठन को और अधिक सशक्त बनाया। संघ किसी प्रतिक्रिया या प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न संगठन नहीं है, बल्कि वह व्यक्तिगत चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता है।
अरुण कुमार ने कहा कि समाज में बढ़ते व्यक्तिवाद पर चिंता व्यक्त की। कहा कि आज मैं और मेरा परिवार की सोच हावी हो रही है, जिससे राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण कमजोर हुआ है।
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सिरसा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला के अंतर्गत विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में सोमवार को प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
गोष्ठी का संयोजन जिला संघ चालक राजकुमार ग्रोवर, संयोजक नरेंद्र गुप्ता, जिला संपर्क प्रमुख ओमप्रकाश कथूरिया तथा सह जिला संपर्क प्रमुख पुनीत सरदाना द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत योगेश दास, प्रधान भेख सठ दर्शन साधु समाज हरियाणा ने की।
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कार्यक्रम का शुभारंभ विवेकानंद विद्यालय के विद्यार्थियों के वंदे मातरम् गान से हुआ। इसके पश्चात मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष महंत योगेश दास ने कहा कि संघ को निकट से समझने और स्वयंसेवकों के आचरण को देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संघ का कार्य वास्तविक अर्थों में राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा का कार्य है। उन्होंने कहा कि देशहित के इस प्रयास में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहभागी बनना चाहिए।
मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा तथा आगामी समय में समाज के लिए निर्धारित पंच परिवर्तन विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि, सामाजिक भूमिका और दायित्वों पर कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष को उत्सव के रूप में नहीं मना रहा, बल्कि समाज निर्माण के कार्य में निरंतर सक्रिय है। बताया कि संघ आत्मावलोकन कर रहा है कि अब तक क्या किया गया और आगे क्या किया जाना है।
अरुण कुमार ने कहा कि संघ का लक्ष्य आगामी समय में देश के 15 करोड़ परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित करना और 15 हजार प्रमुख नागरिक गोष्ठियों के माध्यम से संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि विजयदशमी 1925 से आरंभ हुई संघ की यात्रा संघर्ष, उपहास और विरोध के बीच आगे बढ़ी है, जिसने संगठन को और अधिक सशक्त बनाया। संघ किसी प्रतिक्रिया या प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न संगठन नहीं है, बल्कि वह व्यक्तिगत चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता है।
अरुण कुमार ने कहा कि समाज में बढ़ते व्यक्तिवाद पर चिंता व्यक्त की। कहा कि आज मैं और मेरा परिवार की सोच हावी हो रही है, जिससे राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण कमजोर हुआ है।
