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Sirsa News: सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू, शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित

Thu, 06 Aug 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 06 Aug 2026 11:39 PM IST
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sweepers strike
डबवाली में धरना प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी। संवाद 
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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फोटो -- 17
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। हरियाणा सरकार पर पूर्व समझौते लागू न करने का आरोप लगाते हुए नगर परिषद डबवाली के कच्चे एवं ठेका सफाई कर्मचारियों ने वीरवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल 6 से 8 अगस्त तक चलेगी। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
नगर परिषद डबवाली में लगभग 80 कच्चे एवं ठेका सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हालांकि, करीब 33 स्थायी कर्मचारी नियमित रूप से सफाई कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बाधित रही और कई स्थानों पर कूड़ा नहीं उठाया जा सका।
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वीरवार सुबह सभी हड़ताली कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। वहां यूनियन के पूर्व प्रधान सूरज कुमार के नेतृत्व में धरना दिया गया। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
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सूरज कुमार ने बताया कि पिछले आंदोलन में सरकार ने कई मांगों पर सहमति दी थी। उन्हें 30 जून तक लागू करने का आश्वासन भी दिया गया था। रोप लगाया कि सरकार ने तय समय बीतने के बाद भी समझौता लागू नहीं किया। आश्वासन के बजाय उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांग कच्चे एवं ठेका सफाई कर्मचारियों को नियमित करना है। वे सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए पूर्व समझौतों को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसमें 30 जून तक मांगें पूरी करने का आश्वासन भी शामिल है। समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने की भी मांग की गई है।

अन्य महत्वपूर्ण मांगें और चेतावनी
कर्मचारी ठेका प्रथा समाप्त कर विभाग के अधीन लाए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्हें समय पर वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और अन्य वैधानिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिना कारण नौकरी से हटाने पर रोक लगाने की भी मांग है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज होगा। सरकार से यूनियन प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता करने की अपील की गई है।
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