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Sirsa News: तीज महोत्सव के रंगारंग कार्यक्रम में दिखी लोक संस्कृति की झलक
Wed, 19 Aug 2026 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:01 AM IST
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सिरसा। सीडीएलयू में तीज महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वालों को किया सम्मानित। विव
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के युवा कल्याण निदेशालय की ओर से विश्वविद्यालय सभागार में मंगलवार को तीज महोत्सव का रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं लोक उत्सवों की जीवंत झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की माताजी कृष्णा तथा विश्वविद्यालय की प्रथम महिला एवं कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की धर्मपत्नी अनुपमा अरोड़ा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीएलयू की सामुदायिक संबंधों की मानद सलाहकार एवं ड्रोन दीदी विमला सिंवर उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि अनुपमा अरोड़ा ने तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं बल्कि लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा उत्सव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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विशिष्ट अतिथि विमला सिंवर ने कहा कि हरियाणवी लोक संस्कृति अपनी सरलता, जीवंतता और समृद्ध परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखती है। तीज जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर निदेशक युवा कल्याण प्रो. मंजू नेहरा ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समृद्ध परंपराओं एवं लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीज महोत्सव के दौरान तीज महारानी, रैंप क्वीन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों, मनमोहक प्रस्तुतियों और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित प्रतिभागियों ने हरियाणवी एवं भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर निवेदिता, डिप्टी रजिस्ट्रार मुन्नी देवी एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार किरण भल्ला ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने सभी में उमंग, उल्लास एवं सांस्कृतिक एकता की भावना का संचार किया।
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के युवा कल्याण निदेशालय की ओर से विश्वविद्यालय सभागार में मंगलवार को तीज महोत्सव का रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं लोक उत्सवों की जीवंत झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की माताजी कृष्णा तथा विश्वविद्यालय की प्रथम महिला एवं कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की धर्मपत्नी अनुपमा अरोड़ा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीएलयू की सामुदायिक संबंधों की मानद सलाहकार एवं ड्रोन दीदी विमला सिंवर उपस्थित रहीं।
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मुख्य अतिथि अनुपमा अरोड़ा ने तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं बल्कि लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा उत्सव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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विशिष्ट अतिथि विमला सिंवर ने कहा कि हरियाणवी लोक संस्कृति अपनी सरलता, जीवंतता और समृद्ध परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखती है। तीज जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर निदेशक युवा कल्याण प्रो. मंजू नेहरा ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समृद्ध परंपराओं एवं लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीज महोत्सव के दौरान तीज महारानी, रैंप क्वीन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों, मनमोहक प्रस्तुतियों और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित प्रतिभागियों ने हरियाणवी एवं भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर निवेदिता, डिप्टी रजिस्ट्रार मुन्नी देवी एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार किरण भल्ला ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने सभी में उमंग, उल्लास एवं सांस्कृतिक एकता की भावना का संचार किया।