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Sirsa News: कच्ची सड़क बनी मुसीबत...फिसलन से चोटिल हो रहे राहगीर, किसानों के आपसी झगड़े के कारण अटका रास्ता
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ओढ़ां में सड़क पर कीचड़ के कारण फिसल कर चोटिल हुए बाइक सवार।
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ओढ़ां। गांव ओढ़ां से नुहियांवाली को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पिछले दो महीने से वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई है। हालात और बिगड़ गए जब वीरवार देर शाम पानी का छिड़काव किया और रात में हुई बारिश के बाद शुक्रवार को रास्ते पर लगातार दुर्घटनाएं हुईं। शुक्रवार सुबह करीब 15 दोपहिया वाहन चालक सड़क पर फिसलकर गिर गए, जिसमें से तीन लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा। राहगीरों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
कच्चे रास्ते का विवाद
ओढ़ां-नुहियांवाली सड़क का लगभग 12 मरला हिस्सा एक किसान की भूमि पर है, जो विवादित है। किसान द्वारा भूमि पर कब्जा करने के बाद विभाग ने अस्थायी कच्चा रास्ता बना दिया था। इस कच्चे रास्ते पर कुछ हिस्सों में पत्थर डाले गए, लेकिन विवाद के चलते मार्ग अधूरा छोड़ दिया गया। इससे पहले, एक किसान ने इस मामले को लेकर आमरण अनशन किया था, जिसे बीडीपीओ के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। इस आश्वासन के तहत तय हुआ था कि पक्की सड़क बनने तक दोमट मिट्टी डालकर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि रेत से किसानों के खेत और वाहन चालकों की परेशानी कम हो, लेकिन इस व्यवस्था से मुसीबत और बढ़ गई। संवाद
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कीचड़ में गिरने से टला ऑपरेशन
गांव रत्ताखेड़ा निवासी मनीराम अपने बेटे के साथ बाइक से सिरसा जा रहे थे। उनका आंखों का ऑपरेशन करवाना था, लेकिन रास्ते में फिसलन के कारण उनका वाहन गिर गया। हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वे कीचड़ में गिरने के कारण ऑपरेशन के लिए सिरसा नहीं पहुंच सके और घर लौटना पड़ा।
लोगों का आक्रोश और प्रशासन से मांग
लोगों का कहना है कि यह समस्या करीब दो महीने से बनी हुई है और विभाग इसका स्थायी समाधान नहीं कर रहा है। कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और लोग अब बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अगर सड़क में कोई कानूनी अड़चन है, तो कम से कम अस्थायी समाधान तो किया जाए ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।
किसान नहीं हो रहे सहमत
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर के किसान सहमत नहीं हो रहे हैं। कुछ किसान उच्च रेट की मांग कर रहे हैं, जबकि विभाग का कहना है कि लिंक रोड के लिए उस रेट पर भुगतान नहीं किया जा सकता। इस वजह से सड़क के निर्माण में अड़चन आ रही है।
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हमने पहले ही वहां रेतीली मिट्टी डाली थी, लेकिन किसानों के कहने पर दोमट मिट्टी डाली गई। उच्च अधिकारियों को इस समस्या के बारे में सूचित किया है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। हम फिलहाल जेई को वहां रेतीली मिट्टी डालने के लिए कह चुके हैं ताकि फिसलन कम हो और सड़क की स्थिति सुधार सके। - लखबीर सिंह, एसडीओ, मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली।
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कच्चे रास्ते का विवाद
ओढ़ां-नुहियांवाली सड़क का लगभग 12 मरला हिस्सा एक किसान की भूमि पर है, जो विवादित है। किसान द्वारा भूमि पर कब्जा करने के बाद विभाग ने अस्थायी कच्चा रास्ता बना दिया था। इस कच्चे रास्ते पर कुछ हिस्सों में पत्थर डाले गए, लेकिन विवाद के चलते मार्ग अधूरा छोड़ दिया गया। इससे पहले, एक किसान ने इस मामले को लेकर आमरण अनशन किया था, जिसे बीडीपीओ के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। इस आश्वासन के तहत तय हुआ था कि पक्की सड़क बनने तक दोमट मिट्टी डालकर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि रेत से किसानों के खेत और वाहन चालकों की परेशानी कम हो, लेकिन इस व्यवस्था से मुसीबत और बढ़ गई। संवाद
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कीचड़ में गिरने से टला ऑपरेशन
गांव रत्ताखेड़ा निवासी मनीराम अपने बेटे के साथ बाइक से सिरसा जा रहे थे। उनका आंखों का ऑपरेशन करवाना था, लेकिन रास्ते में फिसलन के कारण उनका वाहन गिर गया। हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वे कीचड़ में गिरने के कारण ऑपरेशन के लिए सिरसा नहीं पहुंच सके और घर लौटना पड़ा।
लोगों का आक्रोश और प्रशासन से मांग
लोगों का कहना है कि यह समस्या करीब दो महीने से बनी हुई है और विभाग इसका स्थायी समाधान नहीं कर रहा है। कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और लोग अब बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अगर सड़क में कोई कानूनी अड़चन है, तो कम से कम अस्थायी समाधान तो किया जाए ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।
किसान नहीं हो रहे सहमत
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर के किसान सहमत नहीं हो रहे हैं। कुछ किसान उच्च रेट की मांग कर रहे हैं, जबकि विभाग का कहना है कि लिंक रोड के लिए उस रेट पर भुगतान नहीं किया जा सकता। इस वजह से सड़क के निर्माण में अड़चन आ रही है।
हमने पहले ही वहां रेतीली मिट्टी डाली थी, लेकिन किसानों के कहने पर दोमट मिट्टी डाली गई। उच्च अधिकारियों को इस समस्या के बारे में सूचित किया है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। हम फिलहाल जेई को वहां रेतीली मिट्टी डालने के लिए कह चुके हैं ताकि फिसलन कम हो और सड़क की स्थिति सुधार सके। - लखबीर सिंह, एसडीओ, मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली।