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Sonipat News: आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट अंतरराष्ट्रीय जूडो जगत में लहरा रहे भारत का परचम
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फोटो 04 विरेंद्र यादव
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नारनौल। सलूनी गांव के एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय जूडो जगत में भारत का परचम लहराने वाले आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट विरेंद्र यादव एक प्रेरणास्रोत हैं। वहीं 14 वर्षों से भारतीय जूडो टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश और सलूनी गांव का नाम रोशन किया है।
14 जून 1989 को मात्र 18 वर्ष की आयु में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। प्रारंभिक जीवन में सलूनी गांव में रहते हुए कुश्ती और कबड्डी खेलते थे। भर्ती के पश्चात जूडो खेल से परिचय हुआ और उन्होंने जूडो को ही अपना लक्ष्य बनाया।
वर्ष 1990 में गोवा में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस खेलों में पहली बार आईटीबीपी का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस उपलब्धि पर उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर लांस नायक बनाया गया।
इसके बाद 1993 में ढाका (बांग्लादेश) में आयोजित एसएएफ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति दी गई। 2001 में सीनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें इंस्पेक्टर के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्राप्त हुआ।
खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 1999 में भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 1996 से राष्ट्रीय जूडो चैंपियनशिप (हैदराबाद) में बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए।
उन्हें आईटीबीपी के महानिदेशक, भारत सरकार के खेल मंत्री एवं गृह मंत्री की ओर से कई बार नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें 5000 मासिक मानदेय व हरियाणा रोडवेज बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा पास की सुविधा भी प्राप्त है।
अंतरराष्ट्रीय पदक
वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप (वेटरंस), अबूधाबी 2023 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, बर्मिंघम 2019 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, जयपुर में स्वर्ण, एशियन कुराश चैंपियनशिप, नई दिल्ली में कांस्य, साउथ एशियन जूडो चैंपियनशिप, लखनऊ 1999 में स्वर्ण, एशियन ओपन जूडो इंटरनेशनल, वियतनाम 1998 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, एडिनबर्ग 1998 में कांस्य व एसएएफ गेम्स, ढाका (बांग्लादेश) 1993 में स्वर्ण अपने नाम किया।
भारत का प्रतिनिधित्व
खिलाड़ी के रूप में 20 बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व, कोच के रूप में, एशियन गेम्स 2014 से 2018, कॉमनवेल्थ गेम्स 2014, यूथ एशियन गेम्स 2013, एसएएफ गेम्स 2005 से 2016, वर्ल्ड चैंपियनशिप 2013, 2017 व 2025, एशियन चैंपियनशिप 2005 से 2025 तक कई बार व वर्ल्ड कप ग्रां प्री एवं ग्रैंड स्लैम 2013 से 2025 तक भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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14 जून 1989 को मात्र 18 वर्ष की आयु में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। प्रारंभिक जीवन में सलूनी गांव में रहते हुए कुश्ती और कबड्डी खेलते थे। भर्ती के पश्चात जूडो खेल से परिचय हुआ और उन्होंने जूडो को ही अपना लक्ष्य बनाया।
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वर्ष 1990 में गोवा में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस खेलों में पहली बार आईटीबीपी का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस उपलब्धि पर उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर लांस नायक बनाया गया।
इसके बाद 1993 में ढाका (बांग्लादेश) में आयोजित एसएएफ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति दी गई। 2001 में सीनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें इंस्पेक्टर के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्राप्त हुआ।
खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 1999 में भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 1996 से राष्ट्रीय जूडो चैंपियनशिप (हैदराबाद) में बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए।
उन्हें आईटीबीपी के महानिदेशक, भारत सरकार के खेल मंत्री एवं गृह मंत्री की ओर से कई बार नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें 5000 मासिक मानदेय व हरियाणा रोडवेज बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा पास की सुविधा भी प्राप्त है।
अंतरराष्ट्रीय पदक
वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप (वेटरंस), अबूधाबी 2023 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, बर्मिंघम 2019 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, जयपुर में स्वर्ण, एशियन कुराश चैंपियनशिप, नई दिल्ली में कांस्य, साउथ एशियन जूडो चैंपियनशिप, लखनऊ 1999 में स्वर्ण, एशियन ओपन जूडो इंटरनेशनल, वियतनाम 1998 में कांस्य, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप, एडिनबर्ग 1998 में कांस्य व एसएएफ गेम्स, ढाका (बांग्लादेश) 1993 में स्वर्ण अपने नाम किया।
भारत का प्रतिनिधित्व
खिलाड़ी के रूप में 20 बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व, कोच के रूप में, एशियन गेम्स 2014 से 2018, कॉमनवेल्थ गेम्स 2014, यूथ एशियन गेम्स 2013, एसएएफ गेम्स 2005 से 2016, वर्ल्ड चैंपियनशिप 2013, 2017 व 2025, एशियन चैंपियनशिप 2005 से 2025 तक कई बार व वर्ल्ड कप ग्रां प्री एवं ग्रैंड स्लैम 2013 से 2025 तक भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।