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Sonipat News: ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कुशल श्रमिकों की कमी, टूल्स-मशीनरी पर सब्सिडी की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 26 Feb 2026 04:11 AM IST
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Automobile industry faces shortage of skilled workers, demands subsidy on tools and machinery
फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद
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बहादुरगढ़। औद्योगिक नगरी बहादुरगढ़ देश का सबसे बड़ा नॉन लैदर फुटवियर हब है। यहां अधिकांश फैक्टरियां फुटवियर की हैं। ऐसे में सामान्य इंडस्ट्री की मांग सरकार तक कम पहुंचती हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में आ रही है। यहां कुशल श्रमिकों की कमी है। ऐसे में सरकार से टूल्स-मशीनरी पर सब्सिडी की मांग की जा रही है।
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बहादुरगढ़ के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 200 इकाइयां ऑटोमोबाइल की हैं जो विभिन्न तरह के पार्ट्स बनाती हैं। इससे जुड़े उद्यमियों ने सरकार से विशेष पैकेज की मांग उठाई है। फुटवियर हब के रूप में विकसित होने के कारण यहां ऑटोमोबाइल इकाइयों को कुशल श्रमिक तक नहीं मिल रहे हैं।
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श्रमिकों का फुटवियर उद्योग की ओर रुझान होने के चलते ऑटो सेक्टर में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कुशल कारीगरों की कमी, महंगी मशीनरी और टूल्स-डाई के बढ़ते दामों के कारण उत्पादन लागत बढ़ रही है। इससे स्थानीय उत्पाद चीन से आयातित सामान की तुलना में महंगे पड़ रहे हैं।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने मांग की है कि चीन से आयात पर नियंत्रण कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए ताकि घरेलू उद्योग को मजबूती मिल सके। साथ ही उद्यमियों ने नई इंडस्ट्री के निवेश के लिए सस्ती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
उनका कहना है कि आधुनिक मशीनरी और टूल्स पर सब्सिडी दी जाए, जिससे उत्पादन लागत कम हो सके।



बोले उद्यमी

बहादुरगढ़ एक फुटवियर हब है। यहां पर अधिकांश श्रमिक फुटवियर फैक्टरियों में चले जाते हैं। इसका खामियाजा ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ता है। इस इंडस्ट्री से जुड़े अकुशल व कुशल श्रमिकों की कमी हमेशा बनी रहती है। ऐसे में आईटीआई की संख्या बढ़ाकर सरकार को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए भी कुशल श्रमिकों की कमी को पूरा करना चाहिए। इससे उत्पादन बढ़ेगा।

- नरेश बंसल, उद्यमी, बहादुरगढ़।



तैयार माल की ढुलाई के लिए ड्राई पोर्ट और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना भी जरूरी है। माल बनने के बाद उसकी ढुलाई की सबसे बड़ी समस्या है। अगर लोगों को माल समय पर और उचित किराये पर नहीं मिलेगा तो परेशानी होगी।

- नवीन मल्होत्रा, उद्यमी, गणपति धाम।



यदि सरकार विशेष पैकेज की घोषणा करती है तो बहादुरगढ़ की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री न केवल आत्मनिर्भर बनेगी बल्कि आयात में कमी लाकर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। मशीनरी व टूल्स एंड डाई पर सब्सिडी भी सरकार को देनी चाहिए। साथ ही निवेश के लिए सस्ती दरों पर जमीन मुहैया करानी चाहिए।

- प्रदीप कौल, ऑटोमोबाइल उद्यमी, एमआईई, बहादुरगढ़।

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

फोटो-67: बहादुरगढ़ की एक ऑटोमोबाइल फैक्टरी में बनाया जा रहे उत्पाद। संवाद

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