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Sonipat News: मोबाइल एप और डिजिटल मोड पर आधारित होगी जनगणना
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 05 Mar 2026 05:11 PM IST
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फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नगराधीश डॉ. अनमोल, अधिकारी, सुपरवाइ
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम वीरवार को लघु सचिवालय में जिला सांख्यिकी विभाग की ओर से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जनगणना को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सुपरवाइजरों, फील्ड ट्रेनरों ने भाग लिया।
नगराधीश डॉ. अनमोल ने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना भारत की पहली डिजिटल मोड में आयोजित होने वाली जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप और सीएमएमएस (सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनीटरिंग सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से डेटा का ऑनलाइन संकलन किया जाएगा।
इस प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक कार्य की डिजिटल मॉनिटरिंग संभव होगी जिसमें यूजर आईडी, कार्य का समय, स्थान और सभी गतिविधियों का स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यह प्रणाली प्रशासनिक दक्षता तथा डेटा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में सहायक होगी।
मुख्य प्रशिक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है जिसके आंकड़े आने वाले वर्षों में देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए आधार प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न स्तरों के अधिकारियों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों को भी विस्तार से समझाया गया।
प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर (पीसीओ) राज्यस्तर पर जनगणना की रणनीतिक योजना और समन्वय का कार्य करते हैं। वहीं, डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर और सब डिविजनल ऑफिसर जिला एवं उपखंड स्तर पर जनगणना की तैयारियों, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और फील्ड कार्यों की निगरानी करते हैं।
चार्ज ऑफिसर जनगणना के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह अपने चार्ज क्षेत्र में जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन, कर्मचारियों के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डेटा संकलन की निगरानी व समय पर रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होते हैं। सेंसस एक्ट के तहत चार्ज ऑफिसर को कानूनी अधिकार प्राप्त होते हैं। उनके अधीन कार्य करने वाले असिस्टेंट पूरी तरह से उनकी देखरेख में कार्य करते हैं।
असिस्टेंट की ओर से किए गए सभी कार्यों की अंतिम जिम्मेदारी चार्ज ऑफिसर की होती है। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा।
पोर्टल में बिना अनुमति डेटा परिवर्तन, रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी, प्रशिक्षण या भुगतान से संबंधित गलत रिकॉर्ड, जनगणना दस्तावेजों की गलत हैंडलिंग या डेटा साझा करना शामिल है।
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सोनीपत। जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम वीरवार को लघु सचिवालय में जिला सांख्यिकी विभाग की ओर से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जनगणना को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सुपरवाइजरों, फील्ड ट्रेनरों ने भाग लिया।
नगराधीश डॉ. अनमोल ने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना भारत की पहली डिजिटल मोड में आयोजित होने वाली जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप और सीएमएमएस (सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनीटरिंग सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से डेटा का ऑनलाइन संकलन किया जाएगा।
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इस प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक कार्य की डिजिटल मॉनिटरिंग संभव होगी जिसमें यूजर आईडी, कार्य का समय, स्थान और सभी गतिविधियों का स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यह प्रणाली प्रशासनिक दक्षता तथा डेटा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में सहायक होगी।
मुख्य प्रशिक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है जिसके आंकड़े आने वाले वर्षों में देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए आधार प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न स्तरों के अधिकारियों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों को भी विस्तार से समझाया गया।
प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर (पीसीओ) राज्यस्तर पर जनगणना की रणनीतिक योजना और समन्वय का कार्य करते हैं। वहीं, डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर और सब डिविजनल ऑफिसर जिला एवं उपखंड स्तर पर जनगणना की तैयारियों, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और फील्ड कार्यों की निगरानी करते हैं।
चार्ज ऑफिसर जनगणना के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह अपने चार्ज क्षेत्र में जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन, कर्मचारियों के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डेटा संकलन की निगरानी व समय पर रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होते हैं। सेंसस एक्ट के तहत चार्ज ऑफिसर को कानूनी अधिकार प्राप्त होते हैं। उनके अधीन कार्य करने वाले असिस्टेंट पूरी तरह से उनकी देखरेख में कार्य करते हैं।
असिस्टेंट की ओर से किए गए सभी कार्यों की अंतिम जिम्मेदारी चार्ज ऑफिसर की होती है। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा।
पोर्टल में बिना अनुमति डेटा परिवर्तन, रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी, प्रशिक्षण या भुगतान से संबंधित गलत रिकॉर्ड, जनगणना दस्तावेजों की गलत हैंडलिंग या डेटा साझा करना शामिल है।