{"_id":"6a384b0060626dfcc30cba0a","slug":"conspiracy-in-the-name-of-neet-paper-leak-stf-picks-up-two-doctors-and-an-mdu-professor-from-rohtak-sonipat-news-c-17-roh1019-876575-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीट पेपर लीक के नाम पर साजिश : एसटीएफ ने रोहतक से दो डॉक्टर और एमडीयू के प्रोफेसर को उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीट पेपर लीक के नाम पर साजिश : एसटीएफ ने रोहतक से दो डॉक्टर और एमडीयू के प्रोफेसर को उठाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रोहतक। नीट के पेपर लीक के नाम पर साजिश रचकर अपने पार्टनर को झूठा फंसाने के आरोप में एसटीएफ सोनीपत ने देर शाम रोहतक में दबिश देकर दो डॉक्टर भाइयों व एमडीयू के एक प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया। तीन घंटे तक पीजीआई थाने में पूछताछ हुई। हालांकि मामला दोनों पक्षों के बीच लेनदेन का निकला। प्रोफेसर के मोबाइल में नीट का पेपर मिला है, जिसे एसटीएफ के एसपी ने फर्जी बताया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ एसपी वसीम अकरम को रोहतक के दो डॉक्टर बंधुओं ने शिकायत दी कि एमडीयू के एक प्रोफेसर ने रविवार को हुई नीट की परीक्षा का पेपर लीक करने का प्रयास किया है। एसपी ने एसटीएम सोनीपत के इंस्पेक्टर योगेश दहिया को मामले की जांच सौंपी। उन्होंने जांच की तो पता चला कि शिकायतकर्ता डॉक्टर बंधु व प्रोफेसर बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में साझीदार हैं। प्रोफेसर ने कहा कि डॉक्टर बंधुओं ने ही उसके ऊपर पेपर लाने का दबाव बनाया। उसने नोयडा निवासी आशीष नाम के युवक से पेपर मंगवाया, जो फर्जी बताया गया। उल्टी उसकी शिकायत बाद में एसटीएफ को कर दी। एसटीएफ ने दोनों डॉक्टर बंधुओं को हिरासत में लिया।
पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर बंधुओं और प्रोफेसर के बीच पैसे के लेनदेन चल रहा है। इसी विवाद को लेकर पेपर लीक की फर्जी कहानी बनाई गई। देर रात तक एसटीएफ सोनीपत पीजीआई थाने में मौजूद रही। समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
विज्ञापन
यह मामला पेपर लीक से जुड़ा नहीं है, पेपर लीक बिल्कुल नहीं हुआ है। कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर किसी को झूठा फंसाने की साजिश रच रहा था। मामले की जांच की जा रही है।
वसीम अकरम, एसपी एसटीएफ
नीट परीक्षा मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। चिकित्सकों व शिक्षक के बीच के मामले में जांच की जा रही है।
राकेश कुमार, डीएसपी रोहतक
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ एसपी वसीम अकरम को रोहतक के दो डॉक्टर बंधुओं ने शिकायत दी कि एमडीयू के एक प्रोफेसर ने रविवार को हुई नीट की परीक्षा का पेपर लीक करने का प्रयास किया है। एसपी ने एसटीएम सोनीपत के इंस्पेक्टर योगेश दहिया को मामले की जांच सौंपी। उन्होंने जांच की तो पता चला कि शिकायतकर्ता डॉक्टर बंधु व प्रोफेसर बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में साझीदार हैं। प्रोफेसर ने कहा कि डॉक्टर बंधुओं ने ही उसके ऊपर पेपर लाने का दबाव बनाया। उसने नोयडा निवासी आशीष नाम के युवक से पेपर मंगवाया, जो फर्जी बताया गया। उल्टी उसकी शिकायत बाद में एसटीएफ को कर दी। एसटीएफ ने दोनों डॉक्टर बंधुओं को हिरासत में लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर बंधुओं और प्रोफेसर के बीच पैसे के लेनदेन चल रहा है। इसी विवाद को लेकर पेपर लीक की फर्जी कहानी बनाई गई। देर रात तक एसटीएफ सोनीपत पीजीआई थाने में मौजूद रही। समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
यह मामला पेपर लीक से जुड़ा नहीं है, पेपर लीक बिल्कुल नहीं हुआ है। कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर किसी को झूठा फंसाने की साजिश रच रहा था। मामले की जांच की जा रही है।
वसीम अकरम, एसपी एसटीएफ
नीट परीक्षा मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। चिकित्सकों व शिक्षक के बीच के मामले में जांच की जा रही है।
राकेश कुमार, डीएसपी रोहतक