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Sonipat News: सीएससी में जमा की फीस, अस्पताल गए तो फिर से मांगी

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 09 Mar 2026 07:36 PM IST
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Deposited fees at CSC, asked for it again when went to hospital
फोटो : सोनीपत के सिविल सर्जन कार्यालय में फीस दोबारा मांगने पर रोष जताते युवा व न्याय युद्ध मंच
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। सरकारी नौकरी के लिए मांगे जाने वाले मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जिले के युवाओं को बरगलाने का मामला सामने आया है। युवाओं का आरोप है कि अटल सेवा केंद्र (सीएससी) पर ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करवाने के बावजूद नागरिक अस्पताल में उनसे दोबारा फीस जमा करने की मांग की जा रही है।
नागरिक अस्पताल में संबंधित कर्मचारी ने युवाओं को दोबारा नगद फीस जमा करवाने की बात कही है। इसको लेकर युवाओं ने अस्पताल में व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे पायल, शीतल, सागर, स्नेहा, पंकज, योगेश ने दोहरी फीस की मांग पर रोष जताया। उन्होंने बताया कि डाक विभाग व अन्य विभागों में चयनित हुए युवा सोमवार को नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे।
सभी युवाओं ने पहले अटल सेवा केंद्र के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम पर ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित फीस जमा करवाई हुई है। उनसे करीब 500 रुपये सरकारी फीस व 100 रुपये सेवा शुल्क लिया गया है। जब वह फीस जमा करने के बाद अपने दस्तावेज लेकर नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए पहुंचे तो यहां संबंधित कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से जमा करवाई गई फीस को मानने से इन्कार कर दिया।
अब उन्हें दोबारा से 500 रुपये फीस अस्पताल में नगद जमा करवाने के लिए कहा गया। इससे युवाओं को अव्यवस्था के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई युवाओं को मजबूरी में दोबारा फीस जमा करवानी पड़ेगी जबकि कुछ युवा पैसे उधार लेकर यह प्रक्रिया पूरी करने पर विवश होंगे।
दो संस्थाओं के बीच उलझे युवा
युवाओं के साथ मौके पर पहुंचे न्याय युद्ध मंच के संस्थापक अधिवक्ता देवेंद्र गौतम ने नागरिक अस्पताल की इस अव्यवस्था व युवाओं की आर्थिक परेशानी पर चिंता जताते हुए मामले को निंदनीय बताया। देवेंद्र गौतम ने आरोप लगाया कि इस स्थिति से युवा दो संस्थानों के बीच उलझकर रह गए हैं। मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के नाम पर पहले भी नागरिक अस्पताल में एक कमेटी की जांच के दौरान गबन का मामला सामने आ चुका है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।

वर्जननागरिक अस्पताल में कुछ युवा मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनाने आए थे, लेकिन उनसे दोबारा फीस मांगने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एक ही बार ऑनलाइन माध्यम से फीस लेने का प्रावधान है। अगर कोई युवा उनसे दोबारा फीस मांगने की शिकायत देते हैं, तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
डॉ. आदित्य, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल
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