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Sonipat News: मुरथल विवि में 2 करोड़ से दूर होगी पेयजल समस्या, मिलेगी वाई-फाई की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:26 AM IST
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में लंबे समय से लंबित आधारभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए प्रशासन स्तर पर अब काम तेज हो गया है। वाई फाई की सुविधा बेहतर करने के लिए प्रो. परविंदर सिंह की अध्यक्षता में बाहरी विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति गठित की गई।
समिति और सेवा प्रदाताओं ने पूरे परिसर का सर्वे कर आवश्यक संसाधनों का आकलन किया है। सक्रिय तकनीकी घटकों के विनिर्देश को 15 फरवरी को होने वाली बैठक में अंतिम रूप दिए जाएंगे। चूंकि इस परियोजना की अनुमानित लागत 2 करोड़ रुपये से अधिक है इसलिए प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
विश्वविद्यालय गठन के बाद सेवा नियमों में राज्यपाल की सहमति के बिना किए गए संशोधनों पर लेखा परीक्षा समिति ने आपत्ति जताई थी। इसके चलते पूर्व में पदोन्नति पाने वाले कुछ कर्मचारियों को पदोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं मिल पाया।
इस मामले के समाधान के लिए उच्च शिक्षा विभाग स्तर पर चर्चा के बाद नियमों को अंतिम रूप देने के लिए समिति गठित की गई है। राज्यपाल की सहमति मिलने के बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय में वर्तमान में एक्सईएन (पीडब्ल्यू) का पद रिक्त है। पूर्व में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी के स्थानांतरण के बाद सरकार से नए एक्सईएन की नियुक्ति का अनुरोध किया गया है।
वर्जन
पेयजल व्यवस्था मजबूत करते हुए 20 लाख रुपये से 31 वाटर कूलर लगाए गए हैं जबकि लगभग 10 लाख रुपये से सभी आरओ की मरम्मत कराई गई है। विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों-छात्रों के हित में विकास कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं। -प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, मुरथल विवि।
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समिति और सेवा प्रदाताओं ने पूरे परिसर का सर्वे कर आवश्यक संसाधनों का आकलन किया है। सक्रिय तकनीकी घटकों के विनिर्देश को 15 फरवरी को होने वाली बैठक में अंतिम रूप दिए जाएंगे। चूंकि इस परियोजना की अनुमानित लागत 2 करोड़ रुपये से अधिक है इसलिए प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
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विश्वविद्यालय गठन के बाद सेवा नियमों में राज्यपाल की सहमति के बिना किए गए संशोधनों पर लेखा परीक्षा समिति ने आपत्ति जताई थी। इसके चलते पूर्व में पदोन्नति पाने वाले कुछ कर्मचारियों को पदोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं मिल पाया।
इस मामले के समाधान के लिए उच्च शिक्षा विभाग स्तर पर चर्चा के बाद नियमों को अंतिम रूप देने के लिए समिति गठित की गई है। राज्यपाल की सहमति मिलने के बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय में वर्तमान में एक्सईएन (पीडब्ल्यू) का पद रिक्त है। पूर्व में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी के स्थानांतरण के बाद सरकार से नए एक्सईएन की नियुक्ति का अनुरोध किया गया है।
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पेयजल व्यवस्था मजबूत करते हुए 20 लाख रुपये से 31 वाटर कूलर लगाए गए हैं जबकि लगभग 10 लाख रुपये से सभी आरओ की मरम्मत कराई गई है। विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों-छात्रों के हित में विकास कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं। -प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, मुरथल विवि।