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Sonipat News: गुरुद्वारा साहिब में मनाया गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 07 Apr 2026 06:22 PM IST
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गोहाना के सचखंड गुरुद्वारा में गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व मानते हुए। स्रोत : संस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। पुराना बस स्टैंड, सत नगर स्थित सचखंड गुरुद्वारा में मंगलवार को गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर धर्म और मानवता के रक्षक थे।
सेतिया ने कहा कि उन्होंने देश व धर्म की रक्षा के लिए जो काम किए इतिहास में अद्वितीय हैं। उन्होंने मुगलों के जुल्मों के खिलाफ लोगों में विरोध की भावना जगाई। भविष्य के संघर्ष के लिए सैन्य शक्ति की नींव रखी जो आगे चलकर मुगल सत्ता के पतन में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु तेग बहादुर की 115 रचनाएं शामिल हैं जो हिंदी और पंजाबी में हैं। उनकी शिक्षाएं मानवता, निडरता व ईश्वर भक्ति का संदेश देती हैं।
उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु तेग बहादुर ने धर्म और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बान कर दिया था। इस मौके पर उधम सिंह, बलवान सिंह, मनोज सैनी, सुरेश शर्मा, सुषमा सेतिया, रीना कश्यप, सपना, रेशू, संगीता और तनु आदि मौजूद रहे।
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गोहाना। पुराना बस स्टैंड, सत नगर स्थित सचखंड गुरुद्वारा में मंगलवार को गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर धर्म और मानवता के रक्षक थे।
सेतिया ने कहा कि उन्होंने देश व धर्म की रक्षा के लिए जो काम किए इतिहास में अद्वितीय हैं। उन्होंने मुगलों के जुल्मों के खिलाफ लोगों में विरोध की भावना जगाई। भविष्य के संघर्ष के लिए सैन्य शक्ति की नींव रखी जो आगे चलकर मुगल सत्ता के पतन में अहम भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु तेग बहादुर की 115 रचनाएं शामिल हैं जो हिंदी और पंजाबी में हैं। उनकी शिक्षाएं मानवता, निडरता व ईश्वर भक्ति का संदेश देती हैं।
उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु तेग बहादुर ने धर्म और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बान कर दिया था। इस मौके पर उधम सिंह, बलवान सिंह, मनोज सैनी, सुरेश शर्मा, सुषमा सेतिया, रीना कश्यप, सपना, रेशू, संगीता और तनु आदि मौजूद रहे।