{"_id":"69d4f9fd3a58a9afd900c9d8","slug":"monkeys-attack-man-who-went-to-feed-bananas-more-than-25-victims-sonipat-news-c-197-1-snp1015-152052-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: केले खिलाने गए व्यक्ति पर बंदरों का हमला, 25 से अधिक हो चुके शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: केले खिलाने गए व्यक्ति पर बंदरों का हमला, 25 से अधिक हो चुके शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 07 Apr 2026 06:05 PM IST
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा टेकराम। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव बड़वासनी और आसपास के क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इंडियन कॉलोनी निवासी टेकराम नहर के पास बंदरों को केले खिलाने गए थे। अचानक उन पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। उनके कान पर काट लिया। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट आई है।
यह पहला मामला नहीं है। बंदर अब तक 25 से अधिक लोगों को काट चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार नहर क्षेत्र और गांव की गलियों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। इससे उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हनुमान जन्मोत्सव पर भी बंदरों ने एक व्यक्ति के दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी कर दिए थे।
पंचायत ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया है लेकिन अब तक आधे ही बंदर पकड़े जा सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 50 से ज्यादा बंदर अभी भी क्षेत्र में हैं। वहीं, पास के किलोहड़द गांव में भी बंदरों की संख्या बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर मामलों में एंटी रेबीज सिरम लगाया जाता है। पहले हर महीने 8 से 10 मरीज आते थे लेकिन मार्च में यह संख्या बढ़कर 20 हो चुकी है।
Trending Videos
सोनीपत। गांव बड़वासनी और आसपास के क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इंडियन कॉलोनी निवासी टेकराम नहर के पास बंदरों को केले खिलाने गए थे। अचानक उन पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। उनके कान पर काट लिया। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट आई है।
यह पहला मामला नहीं है। बंदर अब तक 25 से अधिक लोगों को काट चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार नहर क्षेत्र और गांव की गलियों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। इससे उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हनुमान जन्मोत्सव पर भी बंदरों ने एक व्यक्ति के दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी कर दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया है लेकिन अब तक आधे ही बंदर पकड़े जा सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 50 से ज्यादा बंदर अभी भी क्षेत्र में हैं। वहीं, पास के किलोहड़द गांव में भी बंदरों की संख्या बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर मामलों में एंटी रेबीज सिरम लगाया जाता है। पहले हर महीने 8 से 10 मरीज आते थे लेकिन मार्च में यह संख्या बढ़कर 20 हो चुकी है।