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एनएच-352ए अंधेरे में डूबा : वाहन चालकों को रास्ता समझना मुश्किल
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फोटो :: सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर रात को पसरा अंधेरा। संवाद
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर प्रकाश व्यवस्था की बदहाली वाहन चालकों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। रात में व्यस्त हाईवे और फ्लाईओवर अंधेरे की चादर से ढक जाते हैं। रात्रि प्रकाश के अभाव में वाहन चालकों को रास्ता समझना मुश्किल हो जाता है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
सोनीपत-जींद ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए का निर्माण मुरथल जीटी रोड से शुरू होकर सोनीपत, गोहाना होते हुए जींद तक किया गया है। हालांकि हाईवे का अधिकांश हिस्सा चालू हो चुका है लेकिन प्रकाश व्यवस्था अब तक सुचारु नहीं हो पाई है। जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें लगी होने के बावजूद वह बंद हैं जिससे रात में अंधेरा छा जाता है।
स्थानीय निवासी महाबीर, राजकुमार, राजेंद्र व पवन आदि का कहना है कि मोहाना के पास टोल प्लाजा शुरू होने के बाद वाहनों से 65 से लेकर 415 रुपये तक शुल्क तो वसूला जा रहा है लेकिन बदले में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। खासकर टोल प्लाजा के आसपास दोपहिया वाहन चालकों के लिए हालात खतरनाक हैं।
संकरे और असंतुलित मार्ग के कारण बाइक सवारों के खेतों में गिरने तक की आशंका बनी रहती है। रात्रि प्रकाश के अभाव में वाहन चालकों को रास्ता समझना मुश्किल हो जाता है। फ्लाईओवरों, मोड़ और कट प्वाइंट पर अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।
इंसेट
सुरक्षा के होने चाहिए व्यापक प्रबंध
स्थानीय नागरिक कुलदीप, संजय और राजीव का कहना है कि जब हाईवे से नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है तो सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यह अंधेरा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
इंसेट
पुलों का हिस्सा माना जाता है संवेदनशील
हाईवे पर लाठ के पास पुल का हिस्सा संवेदनशील माना जाता है। यहां चढ़ाई और उतरते समय ढलान के चलते रात को सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए स्थिति ख्रतरनाक बन रही है। लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसी को समय-समय पर हाईवे का निरीक्षण करना चाहिए। क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कोई कार्यालय भी नहीं है। ऐसे में शिकायत दर्ज कराना भी आसान नहीं है।
हादसे भी लील चुके जान
-6 जनवरी 2025 को जींद सोनीपत ग्रीन फील्ड नेशनल 352-ए पर जींद क्षेत्र में रात को अंधेरे में सामने आए पशु को बचाने के प्रयास में स्कॉर्पियो के ग्रिल तोड़ते हुए 15 फिट नीचे गिरने से दो महिलाओं की जान गई थी, दो घायल हुए थे।
-26-27 फरवरी को हाईवे पर पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में ट्रैक्टर के आगे पशु आने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होने से पलट गया था और चालक की मौत हो गई थी।
-मार्च में हाईवे 352-ए देवडू मोड़ के पास टेंपो की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत हो गई और बेटा घायल हो गया था।
हाईवे पर प्रकाश के लिए लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। कुछ तकनीकी कारण से वह चालू नहीं है। कमियों को जल्द दूर कर प्रकाश व्यवस्था को सामान्य किया जाएगा।-जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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सोनीपत-जींद ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए का निर्माण मुरथल जीटी रोड से शुरू होकर सोनीपत, गोहाना होते हुए जींद तक किया गया है। हालांकि हाईवे का अधिकांश हिस्सा चालू हो चुका है लेकिन प्रकाश व्यवस्था अब तक सुचारु नहीं हो पाई है। जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें लगी होने के बावजूद वह बंद हैं जिससे रात में अंधेरा छा जाता है।
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स्थानीय निवासी महाबीर, राजकुमार, राजेंद्र व पवन आदि का कहना है कि मोहाना के पास टोल प्लाजा शुरू होने के बाद वाहनों से 65 से लेकर 415 रुपये तक शुल्क तो वसूला जा रहा है लेकिन बदले में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। खासकर टोल प्लाजा के आसपास दोपहिया वाहन चालकों के लिए हालात खतरनाक हैं।
संकरे और असंतुलित मार्ग के कारण बाइक सवारों के खेतों में गिरने तक की आशंका बनी रहती है। रात्रि प्रकाश के अभाव में वाहन चालकों को रास्ता समझना मुश्किल हो जाता है। फ्लाईओवरों, मोड़ और कट प्वाइंट पर अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।
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सुरक्षा के होने चाहिए व्यापक प्रबंध
स्थानीय नागरिक कुलदीप, संजय और राजीव का कहना है कि जब हाईवे से नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है तो सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यह अंधेरा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
इंसेट
पुलों का हिस्सा माना जाता है संवेदनशील
हाईवे पर लाठ के पास पुल का हिस्सा संवेदनशील माना जाता है। यहां चढ़ाई और उतरते समय ढलान के चलते रात को सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए स्थिति ख्रतरनाक बन रही है। लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसी को समय-समय पर हाईवे का निरीक्षण करना चाहिए। क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कोई कार्यालय भी नहीं है। ऐसे में शिकायत दर्ज कराना भी आसान नहीं है।
हादसे भी लील चुके जान
-6 जनवरी 2025 को जींद सोनीपत ग्रीन फील्ड नेशनल 352-ए पर जींद क्षेत्र में रात को अंधेरे में सामने आए पशु को बचाने के प्रयास में स्कॉर्पियो के ग्रिल तोड़ते हुए 15 फिट नीचे गिरने से दो महिलाओं की जान गई थी, दो घायल हुए थे।
-26-27 फरवरी को हाईवे पर पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में ट्रैक्टर के आगे पशु आने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होने से पलट गया था और चालक की मौत हो गई थी।
-मार्च में हाईवे 352-ए देवडू मोड़ के पास टेंपो की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत हो गई और बेटा घायल हो गया था।
हाईवे पर प्रकाश के लिए लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। कुछ तकनीकी कारण से वह चालू नहीं है। कमियों को जल्द दूर कर प्रकाश व्यवस्था को सामान्य किया जाएगा।-जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

फोटो :: सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर रात को पसरा अंधेरा। संवाद

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