{"_id":"697d17110615e0d54e03fdc2","slug":"patwaris-and-kanungos-went-on-strike-demanding-the-reinstatement-of-six-patwaris-sonipat-news-c-197-1-snp1003-148906-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: पटवारियों व कानूनगो ने रखी हड़ताल, छह पटवारियों की बहाली की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: पटवारियों व कानूनगो ने रखी हड़ताल, छह पटवारियों की बहाली की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 31 Jan 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
फोटो 01: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठे पटवारी व कानूनगो। संवाद
- फोटो : rajori news
विज्ञापन
सोनीपत। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट देने के मामले में निलंबित पटवारियों के समर्थन में शुक्रवार को पटवारियों व कानूनगो ने हड़ताल रखी। चेतावनी दी है कि निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया तो वह 2 फरवरी से बेमियादी हड़ताल करने को वे मजबूर होंगे।
शुक्रवार को लघु सचिवालय में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने धरना दिया। यहां जिले के 73 पटवारियों व 19 कानूनगो के हड़ताल पर रहने से शुक्रवार को पटवारखानों पर ताले लटके रहे। जमीन गिरदावरी का कार्य ठप रहा।
आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, फर्द के कार्य आदि कामकाज प्रभावित हुए। लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपने जरूरी कागजात सत्यापन करने की मांग उठाई, इस पर पटवारियों ने काम करने से मना कर दिया।
बताया कि 5 फरवरी से प्रदेश स्तर पर रबी फसलों की गिरदावरी शुरू होनी है, इससे पहले सरकार निलंबित किए गए पटवारियों को बहाल करें अन्यथा 2 फरवरी से अपनी हड़ताल बेमियादी शुरू कर देंगे।
एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसके सत्यापन को 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया था।
इसके बाद 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है।
पड़ताल करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम किया गया है। इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को भी पटवारियों व कानूनगो ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे थे। उसके बाद भी सरकार ने निलंबित किए गए छह पटवारियों को बहाल नहीं किया।
इससे पटवारियों व कानूनगो में रोष जारी है। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।
जमाबंदी रिपोर्ट न मिलने के कारण किसान आईडी बनवाने में दिक्कत आ रही है। पटवारखाने में आया तो ताला लटका मिला। किसान आईडी नहीं बनेगी तो भविष्य में खाद, बीज की खरीद करने में परेशानी आएगी।
- राजेश, कामी
खेत में ट्यूबवेल लगवाने के लिए ऋण लेना है। इस बारे में पटवारी से मिलने के लिए पटवारखाने में आया तो यहां कोई भी पटवारी नहीं मिल पाया। इसके चलते वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- रामनिवास, जाजी
जमीन की इंतकाल की रिपोर्ट लेने के लिए पटवारखाने में आया था। पटवारी की अनुपस्थिति होने की वजह से परेशानी हो रही है।
- विनोद, सलीमसर माजरा
धरना स्थल से ही सेवानिवृत्त हुए पटवारी राजेंद्र
सोनीपत। पंचायती विभाग में तैनात पटवारी राजेंद्र की सेवानिवृति यादगार बन गई है। वीरवार को राजेंद्र को विदाई उनके कार्यालय से नहीं लघु सचिवालय में धरना स्थल से दी गई। छह पटवारियों की बर्खास्तगी के विरोध में चल रहे एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के बीच उनके साथियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
Trending Videos
शुक्रवार को लघु सचिवालय में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने धरना दिया। यहां जिले के 73 पटवारियों व 19 कानूनगो के हड़ताल पर रहने से शुक्रवार को पटवारखानों पर ताले लटके रहे। जमीन गिरदावरी का कार्य ठप रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, फर्द के कार्य आदि कामकाज प्रभावित हुए। लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपने जरूरी कागजात सत्यापन करने की मांग उठाई, इस पर पटवारियों ने काम करने से मना कर दिया।
बताया कि 5 फरवरी से प्रदेश स्तर पर रबी फसलों की गिरदावरी शुरू होनी है, इससे पहले सरकार निलंबित किए गए पटवारियों को बहाल करें अन्यथा 2 फरवरी से अपनी हड़ताल बेमियादी शुरू कर देंगे।
एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसके सत्यापन को 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया था।
इसके बाद 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है।
पड़ताल करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम किया गया है। इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को भी पटवारियों व कानूनगो ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे थे। उसके बाद भी सरकार ने निलंबित किए गए छह पटवारियों को बहाल नहीं किया।
इससे पटवारियों व कानूनगो में रोष जारी है। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।
जमाबंदी रिपोर्ट न मिलने के कारण किसान आईडी बनवाने में दिक्कत आ रही है। पटवारखाने में आया तो ताला लटका मिला। किसान आईडी नहीं बनेगी तो भविष्य में खाद, बीज की खरीद करने में परेशानी आएगी।
- राजेश, कामी
खेत में ट्यूबवेल लगवाने के लिए ऋण लेना है। इस बारे में पटवारी से मिलने के लिए पटवारखाने में आया तो यहां कोई भी पटवारी नहीं मिल पाया। इसके चलते वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- रामनिवास, जाजी
जमीन की इंतकाल की रिपोर्ट लेने के लिए पटवारखाने में आया था। पटवारी की अनुपस्थिति होने की वजह से परेशानी हो रही है।
- विनोद, सलीमसर माजरा
धरना स्थल से ही सेवानिवृत्त हुए पटवारी राजेंद्र
सोनीपत। पंचायती विभाग में तैनात पटवारी राजेंद्र की सेवानिवृति यादगार बन गई है। वीरवार को राजेंद्र को विदाई उनके कार्यालय से नहीं लघु सचिवालय में धरना स्थल से दी गई। छह पटवारियों की बर्खास्तगी के विरोध में चल रहे एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के बीच उनके साथियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

फोटो 01: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठे पटवारी व कानूनगो। संवाद- फोटो : rajori news

फोटो 01: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठे पटवारी व कानूनगो। संवाद- फोटो : rajori news

फोटो 01: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठे पटवारी व कानूनगो। संवाद- फोटो : rajori news

फोटो 01: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठे पटवारी व कानूनगो। संवाद- फोटो : rajori news
