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Sonipat News: हड़ताल और बारिश की दोहरी मार से सफाई के साथ उठान प्रभावित
Tue, 11 Aug 2026 07:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:52 PM IST
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फोटो : सोनीपत के शनि मंदिर के सामने पड़ा कचरे का ढेर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन विभाग यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। शहर में 400 सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण छह दिन से सफाई कार्य प्रभावित है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। 93 दमकल कर्मचारी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हैं।
राज्य वरिष्ठ उप प्रधान राजीव खत्री ने बताया कि 13 मई के द्विपक्षीय समझौते की सभी मानी गई मांगों को लागू करवाने के लिए हड़ताल जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मानी गई मांगों के पत्र जारी करने से बचना चाहती है। इस वादा खिलाफी के कारण संघ और कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। संघ को लगातार हड़ताल बढ़ानी पड़ रही है।
यदि सरकार फिर भी नहीं मानती है, तो इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान राजाभाई ने भाजपा सरकार के कर्मचारियों के प्रति रवैये को ठीक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इसी कारण सभी परिषद, पालिका और निगमों में हड़ताल की गई है।
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सफाई कर्मचारियों की कोई स्थायी नौकरी नहीं है। ग्रुप डी के पदों में भी एक भी सफाई कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। यह सीधे तौर पर सफाई कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ है। संघ सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग करता है। सरकार ने पेरोल फायरमैन और चालकों को नियमित सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया था। यह भी कहा गया था कि मानी गई मांगों को 30 जून तक लागू किया जाएगा।
कूड़े के लगातार बढ़ते ढेरों के कारण शहर का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति अधिक गंभीर साबित हो सकती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द-से-जल्द हड़ताल समाप्त करवाने की मांग की है। उन्होंने सफाई व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं हुआ, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
इंसेट
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप
सरकार ने मांगों को लागू करने के बजाय जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी किया है। कर्मचारियों का मानना है कि यह उनके साथ छल है। जॉब सिक्योरिटी किसी भी स्थिति में नियमित सरकारी नौकरी का विकल्प नहीं हो सकती। कर्मचारियों में सरकार के इस कदम को लेकर गहरा असंतोष है। वे सरकार से अपने वादे पूरे करने की अपील कर रहे हैं।
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सोनीपत। नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन विभाग यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। शहर में 400 सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण छह दिन से सफाई कार्य प्रभावित है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। 93 दमकल कर्मचारी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हैं।
राज्य वरिष्ठ उप प्रधान राजीव खत्री ने बताया कि 13 मई के द्विपक्षीय समझौते की सभी मानी गई मांगों को लागू करवाने के लिए हड़ताल जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मानी गई मांगों के पत्र जारी करने से बचना चाहती है। इस वादा खिलाफी के कारण संघ और कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। संघ को लगातार हड़ताल बढ़ानी पड़ रही है।
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यदि सरकार फिर भी नहीं मानती है, तो इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान राजाभाई ने भाजपा सरकार के कर्मचारियों के प्रति रवैये को ठीक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इसी कारण सभी परिषद, पालिका और निगमों में हड़ताल की गई है।
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सफाई कर्मचारियों की कोई स्थायी नौकरी नहीं है। ग्रुप डी के पदों में भी एक भी सफाई कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। यह सीधे तौर पर सफाई कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ है। संघ सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग करता है। सरकार ने पेरोल फायरमैन और चालकों को नियमित सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया था। यह भी कहा गया था कि मानी गई मांगों को 30 जून तक लागू किया जाएगा।
कूड़े के लगातार बढ़ते ढेरों के कारण शहर का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति अधिक गंभीर साबित हो सकती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द-से-जल्द हड़ताल समाप्त करवाने की मांग की है। उन्होंने सफाई व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं हुआ, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
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सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप
सरकार ने मांगों को लागू करने के बजाय जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी किया है। कर्मचारियों का मानना है कि यह उनके साथ छल है। जॉब सिक्योरिटी किसी भी स्थिति में नियमित सरकारी नौकरी का विकल्प नहीं हो सकती। कर्मचारियों में सरकार के इस कदम को लेकर गहरा असंतोष है। वे सरकार से अपने वादे पूरे करने की अपील कर रहे हैं।

फोटो : सोनीपत के शनि मंदिर के सामने पड़ा कचरे का ढेर। संवाद