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Sonipat News: रामकथा में गूंजा मर्यादा पुरुषोत्तम राम का संदेश
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फोटो :: सोनीपत के तारा नगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालु। स्रोत संस्था
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सोनीपत। तारानगर स्थित श्री शिव मंदिर में श्री राम परिवार की ओर से श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत श्री सुंदरकांड पाठ, हरिनाम संकीर्तन एवं रामकथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अशोक कथूरिया के सान्निध्य में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस में डूबा नजर आया। हरिनाम संकीर्तन और सुंदरकांड पाठ से पूरा वातावरण राममय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों और कथा श्रवण के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
कथा वाचन करते हुए ओमप्रकाश अरोड़ा ने श्रीरामचरितमानस के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का 14 वर्षों का वनवास केवल दंड नहीं था, बल्कि धर्म की स्थापना और लोककल्याण का दिव्य माध्यम था। उन्होंने बताया कि माता कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से मांगे गए वरदानों के कारण श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को वनवास जाना पड़ा, जिसके बाद वे अयोध्या छोड़कर वन की ओर प्रस्थान किया।
इस दौरान श्याम रहेजा, सूरज कांत, ललित बत्रा, राकेश बहल, महेश पांडे, रमाकांत, मुकेश आनंद, मेहर चंद, दिनेश अरोड़ा, धीरज और भूषण सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस में डूबा नजर आया। हरिनाम संकीर्तन और सुंदरकांड पाठ से पूरा वातावरण राममय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों और कथा श्रवण के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
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कथा वाचन करते हुए ओमप्रकाश अरोड़ा ने श्रीरामचरितमानस के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का 14 वर्षों का वनवास केवल दंड नहीं था, बल्कि धर्म की स्थापना और लोककल्याण का दिव्य माध्यम था। उन्होंने बताया कि माता कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से मांगे गए वरदानों के कारण श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को वनवास जाना पड़ा, जिसके बाद वे अयोध्या छोड़कर वन की ओर प्रस्थान किया।
इस दौरान श्याम रहेजा, सूरज कांत, ललित बत्रा, राकेश बहल, महेश पांडे, रमाकांत, मुकेश आनंद, मेहर चंद, दिनेश अरोड़ा, धीरज और भूषण सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।