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Sonipat News: 157 एकड़ पंचायत भूमि पर बेदखली और नीलामी कराने पर सरपंच निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:59 PM IST
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सोनीपत। गांव गढ़ मिरकपुर में करीब 157 एकड़ पंचायत भूमि से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना और गलत नीलामी का खुलासा होने पर उपायुक्त सुशील सारवान ने तत्काल प्रभाव से सरपंच को निलंबित कर दिया है।
तत्कालीन बीडीपीओ और ग्राम सचिव के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उच्च न्यायालय में अदालत की अवमानना की श्रेणी में मानते हुए विजिलेंस जांच के निर्देश दिए हैं।
उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर 2018 को गांव गढ़ मिरकपुर की पंचायत भूमि को लेकर स्थिति यथावत बनाए रखने के स्पष्ट आदेश पारित किए थे। जांच रिपाेर्ट में सामने आया था कि अदालत के आदेशों के बावजूद 13 मई 2025 को पंचायत भूमि पर बेदखली की कार्रवाई कराई थी।
यह कार्रवाई तत्कालीन बीडीपीओ मुरथल अंकुर कुमार, ग्राम सचिव दिनेश मलिक और सरपंच पवन कुमार की तरफ से की गई। जिसे उच्च न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन माना गया है। सरपंच पवन कुमार स्वयं इस मामले में प्रतिवादी थे और उन्हें यथास्थिति बनाए रखने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश की पूरी जानकारी थी।
इसके बावजूद उन्होंने बेदखली और नीलामी की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सका। उच्च न्यायालय के आदेशों और बीडीपीओ मुरथल की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने सरपंच पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तत्कालीन बीडीपीओ मुरथल फिलहाल सोनीपत बीडीपीओ अंकुर कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सरकार को संस्तुति भेजी गई है जबकि ग्राम सचिव दिनेश मलिक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सीईओ जिला परिषद को दिए गए हैं।
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तत्कालीन बीडीपीओ और ग्राम सचिव के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उच्च न्यायालय में अदालत की अवमानना की श्रेणी में मानते हुए विजिलेंस जांच के निर्देश दिए हैं।
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उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर 2018 को गांव गढ़ मिरकपुर की पंचायत भूमि को लेकर स्थिति यथावत बनाए रखने के स्पष्ट आदेश पारित किए थे। जांच रिपाेर्ट में सामने आया था कि अदालत के आदेशों के बावजूद 13 मई 2025 को पंचायत भूमि पर बेदखली की कार्रवाई कराई थी।
यह कार्रवाई तत्कालीन बीडीपीओ मुरथल अंकुर कुमार, ग्राम सचिव दिनेश मलिक और सरपंच पवन कुमार की तरफ से की गई। जिसे उच्च न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन माना गया है। सरपंच पवन कुमार स्वयं इस मामले में प्रतिवादी थे और उन्हें यथास्थिति बनाए रखने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश की पूरी जानकारी थी।
इसके बावजूद उन्होंने बेदखली और नीलामी की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सका। उच्च न्यायालय के आदेशों और बीडीपीओ मुरथल की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने सरपंच पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तत्कालीन बीडीपीओ मुरथल फिलहाल सोनीपत बीडीपीओ अंकुर कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सरकार को संस्तुति भेजी गई है जबकि ग्राम सचिव दिनेश मलिक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सीईओ जिला परिषद को दिए गए हैं।
