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Sonipat News: पेंशन सत्यापन के लिए मतदाता सूची में नाम तलाशने की रही मारामारी
Wed, 05 Aug 2026 06:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 05 Aug 2026 06:00 AM IST
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लघुसचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते बुजुर्ग। अमर उज
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माई सिटी रिपोर्टर
सोनीपत। लघु सचिवालय स्थित जिला समाज कल्याण व चुनाव कार्यालय में मंगलवार को भी पेंशन लाभार्थियों की भीड़ रही। अपनी पेंशन सत्यापन के लिए बुजुर्ग मतदाता सूची में नाम तलाशते नजर आए। सोमवार से यहां लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
मंगलवार सुबह आठ बजे से ही लोग लघु सचिवालय पहुंचना शुरू हो गए थे। पेंशन सत्यापन के लिए मतदाता सूची में दर्ज नाम व अन्य ब्योरा लेने के लिए चुनाव कार्यालय खुलने से पहले ही लोगों की भीड़ नजर आई। कर्मचारियों के पहुंचते ही लोग अपने विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से मतदाता सूची की मांग करने लगे।
इनमें दर्ज नाम, पता कुछ को समझ आया तो कुछ ने फोटो देखकर कर्मचारियों की मदद से ब्योरा जुटाया। यही नहीं बड़ी संख्या में लोगों को न नाम-पता मिला न ब्योरा समझ आया। अनपढ़ ग्रामीणों खासकर बुजुर्गों के लिए यह परेशानी भरा रहा।
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दिनभर लोग तीसरी मंजिल पर स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर डेरा डाले रहे। कमोबेश यही हाल जिला समाज कल्याण कार्यालय का रहा। यहां भी लोग कार्यालय खुलने से पहले ही पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर दो बजे बाद तक भी लोग कतार में लगे रहे। अपनी बारी के इंतजार में कोई फर्श पर तो कोई बेंच पर बैठा नजर आया।
48,500 लाभार्थियों की अटक गई है पेंशन
जिले के 48,500 बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों की पेंशन अटक गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के दो साल बाद भी पेंशन सत्यापन नहीं कराने वाले लाभपात्रों की मुश्किल बढ़ गई हैं। लाभार्थियों को सरकार की ओर से मोबाइल फोन पर मैसेज भी भेजा जा रहा है। उनको जल्द अपनी पेंशन सत्यापन कराने के लिए कहा गया है। ऐसे में समाज कल्याण व चुनाव कार्यालय के बाहर लाभार्थियों की भीड़ बनी हुई है।
वर्जन
सरकार व मुख्यालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। पेंशन सत्यापन जरूरी है। पहले इससे बचते रहे लोगों के लिए अब सत्यापन कराना अनिवार्य हो गया है। सत्यापन के चक्कर में भीड़ लग रही है। पेंशन सत्यापन का काम किया जा रहा है। -ईश्वर राठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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सोनीपत। लघु सचिवालय स्थित जिला समाज कल्याण व चुनाव कार्यालय में मंगलवार को भी पेंशन लाभार्थियों की भीड़ रही। अपनी पेंशन सत्यापन के लिए बुजुर्ग मतदाता सूची में नाम तलाशते नजर आए। सोमवार से यहां लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
मंगलवार सुबह आठ बजे से ही लोग लघु सचिवालय पहुंचना शुरू हो गए थे। पेंशन सत्यापन के लिए मतदाता सूची में दर्ज नाम व अन्य ब्योरा लेने के लिए चुनाव कार्यालय खुलने से पहले ही लोगों की भीड़ नजर आई। कर्मचारियों के पहुंचते ही लोग अपने विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से मतदाता सूची की मांग करने लगे।
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इनमें दर्ज नाम, पता कुछ को समझ आया तो कुछ ने फोटो देखकर कर्मचारियों की मदद से ब्योरा जुटाया। यही नहीं बड़ी संख्या में लोगों को न नाम-पता मिला न ब्योरा समझ आया। अनपढ़ ग्रामीणों खासकर बुजुर्गों के लिए यह परेशानी भरा रहा।
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दिनभर लोग तीसरी मंजिल पर स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर डेरा डाले रहे। कमोबेश यही हाल जिला समाज कल्याण कार्यालय का रहा। यहां भी लोग कार्यालय खुलने से पहले ही पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर दो बजे बाद तक भी लोग कतार में लगे रहे। अपनी बारी के इंतजार में कोई फर्श पर तो कोई बेंच पर बैठा नजर आया।
48,500 लाभार्थियों की अटक गई है पेंशन
जिले के 48,500 बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों की पेंशन अटक गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के दो साल बाद भी पेंशन सत्यापन नहीं कराने वाले लाभपात्रों की मुश्किल बढ़ गई हैं। लाभार्थियों को सरकार की ओर से मोबाइल फोन पर मैसेज भी भेजा जा रहा है। उनको जल्द अपनी पेंशन सत्यापन कराने के लिए कहा गया है। ऐसे में समाज कल्याण व चुनाव कार्यालय के बाहर लाभार्थियों की भीड़ बनी हुई है।
वर्जन
सरकार व मुख्यालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। पेंशन सत्यापन जरूरी है। पहले इससे बचते रहे लोगों के लिए अब सत्यापन कराना अनिवार्य हो गया है। सत्यापन के चक्कर में भीड़ लग रही है। पेंशन सत्यापन का काम किया जा रहा है। -ईश्वर राठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी।