Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Sonipat News
›
Half hour of rain exposes inadequacy of arrangements in Sonipat; Kakroi Chowk turns into a pond, and traffic across city comes to standstill
{"_id":"6a72c6475994c587cd05ed4d","slug":"video-half-hour-of-rain-exposes-inadequacy-of-arrangements-in-sonipat-kakroi-chowk-turns-into-a-pond-and-traffic-across-city-comes-to-standstill-2026-08-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"सोनीपत में आधे घंटे की बारिश ने खोली इंतजामों की पोल, ककरोई चौक बना तालाब, शहरभर में थमी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनीपत में आधे घंटे की बारिश ने खोली इंतजामों की पोल, ककरोई चौक बना तालाब, शहरभर में थमी रफ्तार
महज 30 मिनट की बारिश ने बुधवार सुबह शहर की यातायात व्यवस्था और नगर निगम के जल निकासी प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। शहर के सबसे व्यस्त ककरोई चौक पर बारिश का पानी भर जाने से लंबा जाम लग गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और दफ्तर पहुंचने की जल्दी में निकले कर्मचारियों को उठानी पड़ी। वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
हैरानी की बात यह रही कि ककरोई क्षेत्र का बूस्टर चालू होने के बावजूद चौक पर जमा पानी समय पर नहीं निकल सका। सडक़ तालाब में तब्दील हो गई, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि कुछ चालकों को धक्का लगाकर वाहन निकालने पड़े।
शहर के सेक्टर-14 स्थित एकता पॉकेट में भी जलभराव के कारण कई वाहन फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष थोड़ी सी बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि आधे घंटे की बारिश में यह हाल है तो लगातार या तेज बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे से बुधवार सुबह आठ बजे तक जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में असमान बारिश दर्ज की गई। राई ब्लॉक में सबसे अधिक 33 मिमी बारिश हुई, जबकि खानपुर कलां में 24 मिमी और सोनीपत शहर में 22 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। गन्नौर में 8 मिमी बारिश हुई, जबकि गोहाना और खरखौदा ब्लॉक में बारिश नहीं हुई।
बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। लोगों का कहना है कि हर मानसून में जल निकासी की समस्या सामने आती है, लेकिन समय रहते स्थायी समाधान नहीं होने से नागरिकों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब लोगों की निगाहें नगर निगम की ओर हैं कि वह जलभराव की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।