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हरियाणा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:45 PM IST
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सार
डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि गैरकानूनी अडॉप्शन एक गंभीर अपराध है और नवजात बच्चों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चा तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह कुल पांच सदस्यों का है। तस्करों के कब्जे से एक तीन दिन का नवजात शिशु बरामद किया गया है। साथ ही आरोपियों की दो गाड़ियां और संबंधित कागजात भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस नवजात बच्चे को पंजाब के फरीदकोट से लाकर दिल्ली में एक निसंतान दंपती को बेचने की योजना बनाई थी। उन्होंने बच्चे को सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और उसे 9 लाख 25 हजार रुपये में बेचने का सौदा तय किया था। गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के जरिए निसंतान दंपतीयों को निशाना बनाता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलीम और अखिल गाजियाबाद के रहने वाले हैं, जबकि महिला आरोपी बेअंत कौर पंजाब के मुक्तसर की निवासी है।
सलीम किराना स्टोर चलाता है और अखिल सीएससी सेंटर संचालित करता है। गिरोह के सरगना की पत्नी और गिरफ्तार महिला आरोपी की बेटी दोनों नर्स हैं। पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह पंजाब से महाराष्ट्र तक नवजात बच्चों की तस्करी कर चुका है। अब तक इस गिरोह की पांच वारदातों का खुलासा हो चुका है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जाएगी। नवजात बच्चों को खरीदने और बेचने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि गैरकानूनी अडॉप्शन एक गंभीर अपराध है और नवजात बच्चों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस नवजात बच्चे को पंजाब के फरीदकोट से लाकर दिल्ली में एक निसंतान दंपती को बेचने की योजना बनाई थी। उन्होंने बच्चे को सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और उसे 9 लाख 25 हजार रुपये में बेचने का सौदा तय किया था। गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के जरिए निसंतान दंपतीयों को निशाना बनाता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलीम और अखिल गाजियाबाद के रहने वाले हैं, जबकि महिला आरोपी बेअंत कौर पंजाब के मुक्तसर की निवासी है।
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सलीम किराना स्टोर चलाता है और अखिल सीएससी सेंटर संचालित करता है। गिरोह के सरगना की पत्नी और गिरफ्तार महिला आरोपी की बेटी दोनों नर्स हैं। पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह पंजाब से महाराष्ट्र तक नवजात बच्चों की तस्करी कर चुका है। अब तक इस गिरोह की पांच वारदातों का खुलासा हो चुका है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जाएगी। नवजात बच्चों को खरीदने और बेचने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि गैरकानूनी अडॉप्शन एक गंभीर अपराध है और नवजात बच्चों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।