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Yamuna Nagar News: शिविर में शिकायतें पहुंचीं 16, एक का भी नहीं हुआ समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:23 AM IST
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समाधान शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते अधिकारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उम्मीद लेकर लोग जिला सचिवालय के कमरा नंबर 203 में लगे समाधान शिविर में पहुंचे थे, लेकिन यहां भी उनकी पीड़ा अनसुनी रह गई। शिविर में 16 शिकायतें पहुंची, परंतु निपटान किसी का भी नहीं हुआ। शिविर में कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा। डीआईओ विनय गुलाटी, शिविर के विशेष सदस्य खरैती लाल बत्तरा ने शिकायतें सुनीं।
हालात ये रहे कोई बुजुर्ग पेंशन के लिए भटक रहा है, तो कोई बिजली के खतरनाक खंभों से लोगों की जान बचाने की गुहार लगा रहा है। किसी को सरकारी योजना की जानकारी नहीं मिल रही, तो किसी की पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने से परेशानियां बढ़ गई है। समाधान के नाम पर सिर्फ पर्चियां और आश्वासन थमा दिए गए। सवाल यह है कि जब मौके पर सुनवाई और राहत नहीं मिलेगी, तो ऐसे शिविरों से आम आदमी को आखिर क्या मिलेगा।
मुनानगर निवासी प्रवीण मोदगिल ने बरसात के दिनों में घरों में पानी आने बारे, जगाधरी निवासी अनिता रानी ने परिवार पहचान पत्र ठीक करवाने, तलाकौर निवासी राखी व चंगनौली निवासी राम कुमार ने परिवार पहचान पत्र में आय ठीक करवाने, फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी मनी माला शर्मा ने इंतकाल में नाम दर्ज होने के बावजूद जमाबंदी में नाम न दर्ज होने की शिकायत दी।
वहीं जगाधरी निवासी राज कमल ने गली से अवैध कब्जा हटवाने, साढौरा निवासी वीरेंद्र कुमार ने परिवार पहचान पत्र से बिजली मीटर हटवाने, यमुनानगर निवासी अजमेर सिंह ने इंतकाल दर्ज करवाने बारे, पाबनी कला निवासी बचन सिंह ने गांव की गली से कब्जा हटवाने के बारे में समस्या रखी।
जोगेश्वर की पेंशन अटकी
आंखों से दिखता नहीं, एक बेटा है जो विदेश में रहता है। पत्नी का 15 साल पहले स्वर्गवास हो चुका। ऊपर से नवंबर-दिसंबर की पेंशन भी नहीं आई। यह पीड़ा 84 वर्षीय जोगेश्वर की है, जो पड़ोसी का सहारा लेकर जिला सचिवालय की सीढ़ियां चढ़े और पहली मंजिल पर कक्ष संख्या 203 में लगे समाधान शिविर तक पहुंचे थे। जोगेश्वर ने बताया कि वह कई बार पेंशन कार्यालय के चक्कर काट चुके। यहां भी शिकायत को पेंशन कार्यालय को ही मार्क कर दिया गया। अब फिर से वहीं के धक्के खाने पड़ेंगे।
बिजली के खंभे बने खतरा
थापर कॉलोनी निवासी जुगल किशोर ग्रोवर भी सड़क के बीचोंबीच लगे बिजली के खंभों को हटवाने की मांग लेकर समाधान शिविर पहुंचे। उनका कहना है कि चार बार बिजली बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शिविर में अधिकारियों ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों से बात कर दो से तीन दिन में समाधान का आश्वासन दिया, मगर जुगल किशोर को भरोसा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को करंट लग गया तो जिम्मेदार कौन होगा। आश्वासन देना समस्या का समाधान नहीं है।
फार्म की जानकारी नहीं मिली
महलांवाली गांव की सोनिया ने बताया कि वह लाडो लक्ष्मी योजना का फार्म भरना चाहती हैं, लेकिन कहां और कैसे भरा जाएगा इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। किसी से समाधान शिविर के बारे में पता चला तो यहां पहुंचीं, पर ठोस जानकारी नहीं दी गई। अंत में किसी व्यक्ति ने सीएचसी सेंटर जाने की सलाह दी। वहीं, बाड़ीमाजरा की रहने वाली सविंद्र पीपीपी आय को ठीक कराने शिकायत लेकर पहुंची थी, लेकिन साइट बंद होने का हवाला देकर भेज दिया गया। इससे उसकी समस्या का समाधान हीं हुआ।
पीपीपी में दिखा दी गलत आय
चगनौली निवासी 60 वर्षीय रामकुमार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय गलत दर्ज होने की शिकायत रखी। उनके अनुसार उनके पास चार एकड़ जमीन है और वह छोटे किसान हैं, लेकिन पीपीपी में सालाना आय पांच लाख रुपये दर्ज कर दी गई है। शिविर में शिकायत की पर्ची तो ले ली गई, मगर आय सुधार को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। वहीं परिवार पहचान पत्र में गलती सुुधरवाने के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। अभी तक समाधान नहीं होने के बाद समाधान शिविर में भी निस्तारण नहीं हुआ।
प्रत्येक प्रार्थी की समस्या का मौके पर ही निपटान करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। यदि कोई समस्या का समाधान दस्तावेजों या अन्य जांच पर आधारित है, तब भी उसका समयबद्ध होकर जल्द निपटान कराया जा रहा है। -विनय गुलाटी, डीआईओ, यमुनानगर।
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यमुनानगर। उम्मीद लेकर लोग जिला सचिवालय के कमरा नंबर 203 में लगे समाधान शिविर में पहुंचे थे, लेकिन यहां भी उनकी पीड़ा अनसुनी रह गई। शिविर में 16 शिकायतें पहुंची, परंतु निपटान किसी का भी नहीं हुआ। शिविर में कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा। डीआईओ विनय गुलाटी, शिविर के विशेष सदस्य खरैती लाल बत्तरा ने शिकायतें सुनीं।
हालात ये रहे कोई बुजुर्ग पेंशन के लिए भटक रहा है, तो कोई बिजली के खतरनाक खंभों से लोगों की जान बचाने की गुहार लगा रहा है। किसी को सरकारी योजना की जानकारी नहीं मिल रही, तो किसी की पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने से परेशानियां बढ़ गई है। समाधान के नाम पर सिर्फ पर्चियां और आश्वासन थमा दिए गए। सवाल यह है कि जब मौके पर सुनवाई और राहत नहीं मिलेगी, तो ऐसे शिविरों से आम आदमी को आखिर क्या मिलेगा।
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मुनानगर निवासी प्रवीण मोदगिल ने बरसात के दिनों में घरों में पानी आने बारे, जगाधरी निवासी अनिता रानी ने परिवार पहचान पत्र ठीक करवाने, तलाकौर निवासी राखी व चंगनौली निवासी राम कुमार ने परिवार पहचान पत्र में आय ठीक करवाने, फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी मनी माला शर्मा ने इंतकाल में नाम दर्ज होने के बावजूद जमाबंदी में नाम न दर्ज होने की शिकायत दी।
वहीं जगाधरी निवासी राज कमल ने गली से अवैध कब्जा हटवाने, साढौरा निवासी वीरेंद्र कुमार ने परिवार पहचान पत्र से बिजली मीटर हटवाने, यमुनानगर निवासी अजमेर सिंह ने इंतकाल दर्ज करवाने बारे, पाबनी कला निवासी बचन सिंह ने गांव की गली से कब्जा हटवाने के बारे में समस्या रखी।
जोगेश्वर की पेंशन अटकी
आंखों से दिखता नहीं, एक बेटा है जो विदेश में रहता है। पत्नी का 15 साल पहले स्वर्गवास हो चुका। ऊपर से नवंबर-दिसंबर की पेंशन भी नहीं आई। यह पीड़ा 84 वर्षीय जोगेश्वर की है, जो पड़ोसी का सहारा लेकर जिला सचिवालय की सीढ़ियां चढ़े और पहली मंजिल पर कक्ष संख्या 203 में लगे समाधान शिविर तक पहुंचे थे। जोगेश्वर ने बताया कि वह कई बार पेंशन कार्यालय के चक्कर काट चुके। यहां भी शिकायत को पेंशन कार्यालय को ही मार्क कर दिया गया। अब फिर से वहीं के धक्के खाने पड़ेंगे।
बिजली के खंभे बने खतरा
थापर कॉलोनी निवासी जुगल किशोर ग्रोवर भी सड़क के बीचोंबीच लगे बिजली के खंभों को हटवाने की मांग लेकर समाधान शिविर पहुंचे। उनका कहना है कि चार बार बिजली बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शिविर में अधिकारियों ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों से बात कर दो से तीन दिन में समाधान का आश्वासन दिया, मगर जुगल किशोर को भरोसा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को करंट लग गया तो जिम्मेदार कौन होगा। आश्वासन देना समस्या का समाधान नहीं है।
फार्म की जानकारी नहीं मिली
महलांवाली गांव की सोनिया ने बताया कि वह लाडो लक्ष्मी योजना का फार्म भरना चाहती हैं, लेकिन कहां और कैसे भरा जाएगा इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। किसी से समाधान शिविर के बारे में पता चला तो यहां पहुंचीं, पर ठोस जानकारी नहीं दी गई। अंत में किसी व्यक्ति ने सीएचसी सेंटर जाने की सलाह दी। वहीं, बाड़ीमाजरा की रहने वाली सविंद्र पीपीपी आय को ठीक कराने शिकायत लेकर पहुंची थी, लेकिन साइट बंद होने का हवाला देकर भेज दिया गया। इससे उसकी समस्या का समाधान हीं हुआ।
पीपीपी में दिखा दी गलत आय
चगनौली निवासी 60 वर्षीय रामकुमार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय गलत दर्ज होने की शिकायत रखी। उनके अनुसार उनके पास चार एकड़ जमीन है और वह छोटे किसान हैं, लेकिन पीपीपी में सालाना आय पांच लाख रुपये दर्ज कर दी गई है। शिविर में शिकायत की पर्ची तो ले ली गई, मगर आय सुधार को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। वहीं परिवार पहचान पत्र में गलती सुुधरवाने के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। अभी तक समाधान नहीं होने के बाद समाधान शिविर में भी निस्तारण नहीं हुआ।
प्रत्येक प्रार्थी की समस्या का मौके पर ही निपटान करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। यदि कोई समस्या का समाधान दस्तावेजों या अन्य जांच पर आधारित है, तब भी उसका समयबद्ध होकर जल्द निपटान कराया जा रहा है। -विनय गुलाटी, डीआईओ, यमुनानगर।

समाधान शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते अधिकारी। संवाद

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समाधान शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते अधिकारी। संवाद