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Yamuna Nagar News: हड़ताल पर रहे चिकित्सक मरीजों को नहीं मिला उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:57 AM IST
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टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद
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यमुनानगर। करनाल के घरौंडा में सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर के साथ थाना प्रभारी की ओर से मारपीट के विरोध में शनिवार को जिलेभर के सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल रखी।
हड़ताल के कारण जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप रहीं और उपचार के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना लगभग 2000 से 2300 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन शनिवार को अस्पताल के डॉक्टरों के केबिन खाली पड़े थे और बाहर रखी कुर्सियां भी बिना मरीजों के सूनी नजर आईं।
पूरे दिन में केवल 43 ओपीडी पर्चियां कटीं, जो आयुष विभाग के डॉक्टरों के लिए बनाई गई थीं। न तो पर्ची बनवाने के लिए कोई मरीज दिखा और न ही दवा वितरण केंद्र के बाहर लाइन थी। सुबह के समय ओपीडी पर्ची कटने को लेकर कुछ देर के लिए अस्पताल में हंगामे की स्थिति भी बन गई। लोगों का आरोप था कि जब डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हैं तो ओपीडी की पर्चियां क्यों बनाई जा रही हैं।
पर्ची बनने के बाद वह डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। जब डॉक्टर नहीं आए तो मरीजों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल में कुछ पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात कर दिए गए। हड़ताल के कारण कई मरीज अस्पतालों से बिना इलाज के वापस लौट गए, जबकि कुछ लोग इमरजेंसी में उपचार के लिए भटकते नजर आए। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें पहले से जांच या चेकअप के लिए बुलाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली।
अस्पताल में होते रहे ऑपरेशन : डॉक्टर भले ही हड़ताल पर रहे, लेकिन इसका ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा। जिन मरीजों को इस सप्ताह ऑपरेशन के लिए शनिवार की तारीख दी गई थी वह सुबह ही परिजनों के साथ पहुंच गए थे। अस्पताल के बाहर रोजमर्रा की तरह भीड़ रही। दोपहर तक सात मरीजों की सर्जरी हो चुकी थी। जिला अस्पताल में रोजाना 12 से 15 लोगों की सर्जरी होती है।
ट्रामा सेंटर में भेज दिया : कांसापुर के चंदन ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और रात से उसे ब्लीडिंग हो रही है। वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल स्टाफ ने उसे इमरजेंसी में जाने की सलाह दी, जिसके बाद अब वह ट्रामा सेंटर में जा रहा है। संवाद
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हड़ताल के कारण जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप रहीं और उपचार के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना लगभग 2000 से 2300 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन शनिवार को अस्पताल के डॉक्टरों के केबिन खाली पड़े थे और बाहर रखी कुर्सियां भी बिना मरीजों के सूनी नजर आईं।
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पूरे दिन में केवल 43 ओपीडी पर्चियां कटीं, जो आयुष विभाग के डॉक्टरों के लिए बनाई गई थीं। न तो पर्ची बनवाने के लिए कोई मरीज दिखा और न ही दवा वितरण केंद्र के बाहर लाइन थी। सुबह के समय ओपीडी पर्ची कटने को लेकर कुछ देर के लिए अस्पताल में हंगामे की स्थिति भी बन गई। लोगों का आरोप था कि जब डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हैं तो ओपीडी की पर्चियां क्यों बनाई जा रही हैं।
पर्ची बनने के बाद वह डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। जब डॉक्टर नहीं आए तो मरीजों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल में कुछ पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात कर दिए गए। हड़ताल के कारण कई मरीज अस्पतालों से बिना इलाज के वापस लौट गए, जबकि कुछ लोग इमरजेंसी में उपचार के लिए भटकते नजर आए। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें पहले से जांच या चेकअप के लिए बुलाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली।
अस्पताल में होते रहे ऑपरेशन : डॉक्टर भले ही हड़ताल पर रहे, लेकिन इसका ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा। जिन मरीजों को इस सप्ताह ऑपरेशन के लिए शनिवार की तारीख दी गई थी वह सुबह ही परिजनों के साथ पहुंच गए थे। अस्पताल के बाहर रोजमर्रा की तरह भीड़ रही। दोपहर तक सात मरीजों की सर्जरी हो चुकी थी। जिला अस्पताल में रोजाना 12 से 15 लोगों की सर्जरी होती है।
ट्रामा सेंटर में भेज दिया : कांसापुर के चंदन ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और रात से उसे ब्लीडिंग हो रही है। वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल स्टाफ ने उसे इमरजेंसी में जाने की सलाह दी, जिसके बाद अब वह ट्रामा सेंटर में जा रहा है। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद

टामा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों के सैंपल लेता स्टाफ। संवाद