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Yamuna Nagar News: कछुआ चाल से चल रही कुत्तों की नसबंदी, बढ़ते डॉग बाइट ने बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 03:59 AM IST
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यमुनानगर। शहर में बेसहारा कुत्तों की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है, जबकि नगर निगम द्वारा शुरू किया गया नसबंदी और टीकाकरण अभियान बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि जनवरी माह से अब तक करीब 900 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण ही हो पाया है, जिससे एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने नवंबर 2025 में टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी को यह काम सौंपा था। एजेंसी ने जनवरी से काम शुरू किया, लेकिन तीन महीने का समय बीतने के बाद भी परिणाम उतना अच्छा नहीं है। निगम द्वारा प्रति कुत्ता पकड़ने, नसबंदी और टीकाकरण के लिए एजेंसी को 1500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, इसके बावजूद काम की रफ्तार कछुआ चाल से आगे बढ़ रही है।
कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें अंबाला रोड स्थित डॉग शेल्टर में रखा जाता है, जहां उनकी नसबंदी और टीकाकरण के बाद एक सप्ताह तक उपचार किया जाता है। निगम का दावा था कि इस अभियान से डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 8 से 10 कुत्ते काटने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे केस की संख्या कहीं अधिक है। शहर के विभिन्न इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग घरों के बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। गली-मोहल्लों से लेकर घरों के गेट तक कुत्तों के झुंड डेरा जमाए बैठे हैं। निगम ने कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए 7082410824 नंबर जारी किया है, जिस पर नागरिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शहर के व्यापारी महेंद्र मित्तल व संजय मित्तल का कहना है कि शिकायतों के बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। लोगों को हर समय यही डर रहता है कि पता नहीं कहां से कुत्ते आकर हमला कर दें।
2015 के बाद अब हो रही कुत्तों की नसबंदी:
नगर निगम ने इससे पहले वर्ष 2015 में बड़े स्तर पर कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया था। उस दौरान 16,170 कुत्तों की नसबंदी करवाई गई थी, जिस पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद करीब 10 साल तक कोई अभियान नहीं चलाया गया। अब एक बार फिर बढ़ती कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए निगम ने अभियान शुरू किया है, लेकिन इसकी धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। संवाद
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वर्जन:
शहर में कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य जनवरी में शुरू कर दिया था। करीब 10 साल से यह कार्य अटका हुआ था। टीकाकरण व नसबंदी कर रही एजेंसी के कार्य पर नजर रखी जा रही है। एजेंसी से कहा जाएगा कि वह कार्य में तेजी लाए ताकि डॉग बाइट की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें अंबाला रोड स्थित डॉग शेल्टर में रखा जाता है, जहां उनकी नसबंदी और टीकाकरण के बाद एक सप्ताह तक उपचार किया जाता है। निगम का दावा था कि इस अभियान से डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 8 से 10 कुत्ते काटने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे केस की संख्या कहीं अधिक है। शहर के विभिन्न इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग घरों के बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। गली-मोहल्लों से लेकर घरों के गेट तक कुत्तों के झुंड डेरा जमाए बैठे हैं। निगम ने कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए 7082410824 नंबर जारी किया है, जिस पर नागरिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शहर के व्यापारी महेंद्र मित्तल व संजय मित्तल का कहना है कि शिकायतों के बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। लोगों को हर समय यही डर रहता है कि पता नहीं कहां से कुत्ते आकर हमला कर दें।
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2015 के बाद अब हो रही कुत्तों की नसबंदी:
नगर निगम ने इससे पहले वर्ष 2015 में बड़े स्तर पर कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया था। उस दौरान 16,170 कुत्तों की नसबंदी करवाई गई थी, जिस पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद करीब 10 साल तक कोई अभियान नहीं चलाया गया। अब एक बार फिर बढ़ती कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए निगम ने अभियान शुरू किया है, लेकिन इसकी धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। संवाद
वर्जन:
शहर में कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य जनवरी में शुरू कर दिया था। करीब 10 साल से यह कार्य अटका हुआ था। टीकाकरण व नसबंदी कर रही एजेंसी के कार्य पर नजर रखी जा रही है। एजेंसी से कहा जाएगा कि वह कार्य में तेजी लाए ताकि डॉग बाइट की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।