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Yamuna Nagar News: किसानों को रेशम उत्पादन के बारे में दी जानकारी
Tue, 11 Aug 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:15 AM IST
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प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जानकारी देती प्रशिक्षिका। स्वयं
- फोटो : credit
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मेरा रेशम- मेरा अभिमान 2.0 अभियान के तहत केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से गांव ताहरपुर कलां में किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लगाया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 60 किसानों और महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को रेशम उत्पादन के लिए शहतूत पौधरोपण और नर्सरी स्थापना की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में किसानों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण तना, कलम के चयन व तैयारी, कलम उपचार, नर्सरी बेड तैयार करने, रोपण विधि, पौधों के बीच दूरी, गहराई व स्वस्थ एवं रोगमुक्त पौध सामग्री चयन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने नर्सरी बेड के रखरखाव, सिंचाई, नमी प्रबंधन और नवरोपित कलमों की देखभाल के बारे में भी प्रशिक्षण दिया।
किसानों को नर्सरी में तैयार स्वस्थ पौधों को मुख्य खेत में प्रतिरोपित करने की विधि बताई। वहीं, किसानों ने विभिन्न तकनीकों का स्वयं अभ्यास कर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान हर घर तिरंगा अभियान के तहत किसानों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रशिक्षण किसानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच संवाद का प्रभावी मंच बना। किसानों ने शहतूत की वैज्ञानिक खेती और रेशम उत्पादन से जुड़े सवाल पूछकर जानकारी हासिल की। आयोजकों के अनुसार ऐसी पहल से क्षेत्र में वैज्ञानिक शहतूत प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और रेशम उत्पादन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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यमुनानगर। मेरा रेशम- मेरा अभिमान 2.0 अभियान के तहत केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से गांव ताहरपुर कलां में किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लगाया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 60 किसानों और महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को रेशम उत्पादन के लिए शहतूत पौधरोपण और नर्सरी स्थापना की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में किसानों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण तना, कलम के चयन व तैयारी, कलम उपचार, नर्सरी बेड तैयार करने, रोपण विधि, पौधों के बीच दूरी, गहराई व स्वस्थ एवं रोगमुक्त पौध सामग्री चयन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने नर्सरी बेड के रखरखाव, सिंचाई, नमी प्रबंधन और नवरोपित कलमों की देखभाल के बारे में भी प्रशिक्षण दिया।
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किसानों को नर्सरी में तैयार स्वस्थ पौधों को मुख्य खेत में प्रतिरोपित करने की विधि बताई। वहीं, किसानों ने विभिन्न तकनीकों का स्वयं अभ्यास कर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान हर घर तिरंगा अभियान के तहत किसानों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रशिक्षण किसानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच संवाद का प्रभावी मंच बना। किसानों ने शहतूत की वैज्ञानिक खेती और रेशम उत्पादन से जुड़े सवाल पूछकर जानकारी हासिल की। आयोजकों के अनुसार ऐसी पहल से क्षेत्र में वैज्ञानिक शहतूत प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और रेशम उत्पादन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।