{"_id":"69f7ab49bd18af0f9808eae8","slug":"fire-breaks-out-at-mobile-shop-female-employee-dies-of-suffocation-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-155445-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मोबाइल की दुकान में लगी आग, महिलाकर्मी की दम घुटने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मोबाइल की दुकान में लगी आग, महिलाकर्मी की दम घुटने से मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 May 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करती मृतका शालिनी की मां। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की मॉडल कॉलोनी स्थित मोबाइल की दुकान में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। आग लगने से दुकान में रखा सामान जल गया। वहीं दुकान में काम करने वाली हमीदा की आनंद कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय शालिनी उर्फ शालू की दम घुटने से मौत हो गई।
घटना के समय शालिनी काम कर रही थी। अचानक उठी आग की लपटों और धुएं के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी और अंदर ही फंस गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे रमनदीप इंटरप्राइजेज नाम की दुकान से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के दुकानदारों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही दमकल कर्मचारियों और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का का शुरू किया। थाना शहर यमुनानगर इंचार्ज नरेंद्र राणा ने दुकान की दूसरी मंजिल का गेट तोड़कर रेस्क्यू शुरू कराया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग शांत होने पर शालिनी को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। दमकल अधिकारी कपिल कुमार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र सिंह, इंचार्ज सिटी थाना यमुनानगर
मां को सत्संग में मिली बेटी की मौत की खबर
सचिन शर्मा
यमुनानगर। मॉडल कॉलोनी में रविवार सुबह मोबाइल शॉप में लगी आग में जान गंवाने वाली हमीदा की आनंद कॉलोनी निवासी शालिनी उर्फ शालू की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रविवार की सुबह शालिनी अपनी मां सुनील कुमारी को सत्संग में छोड़कर काम पर गई थी। किसे पता था कि यही उनकी आखिरी मुलाकात होगी। मौत की खबर सुनकर शालिनी की मां सत्संग से ही रोती बिलखती शवगृह पहुंचीं।
मृतका की मौसेरी बहन तनु ने बताया कि जैसे ही मां को बेटी की मौत की खबर दी गई, वह सत्संगस्थल से ही रोती-बिलखती सीधे अस्पताल के शवगृह पहुंचीं। मां ठीक से चलने असमर्थ है इसलिए उन्हें व्हील चेयर पर बिठाकर शवगृह ले जाया गया। वह एक बार बेटी को देखना चाहती थीं, लेकिन जैसे ही शव गृह के फ्रिजर का दरवाजा खोला तो मां बेसुध होकर जमीन पर ही गिर गईं।
शालिनी मां सुनील कुमारी का इकलौता सहारा थी। अस्पताल परिसर में मां को रोता बिलखता देख माहौल गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थीं। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे थे कि सुबह तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ही घंटों में एक मां का चिराग ओझल हो गया, और मां की खुशियां मातम में बदल गईं।
मॉडल कॉलोनी स्थित तीन मंजिला मोबाइल एसेसरीज की दुकान में आग लगने के दौरान ऊपर के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने से अंदर धुएं का गुबार बन गया, जिसने हादसे को और भयावह बना दिया। दुकान संचालक रमनदीप ने बताया कि दुकान पर काम करने वाला कर्ण किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन शालिनी अंदर ही फंस गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। प्रथम मंजिल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर पहले धुआं बाहर निकालने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद दमकल कर्मचारी व पुलिस अंदर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद शालिनी को बाहर निकाला गया।
पिता की मौत के बाद शालिनी उर्फ शालू की मां उत्तराखंड के रुड़की से आकर करीब 25 वर्षों से हमीदा क्षेत्र की आनंद कॉलोनी में अपने भाई के घर रह रही थी। रिश्तेदारों ने बताया कि शालिनी का खुद का मकान बनाने का सपना था, जिसे उसने पूरा भी कर लिया था। मां के साथ जल्द ही नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रही थी। संवाद
शालिनी के लिए चल रही थी रिश्ते की तलाश
मोबाइल शॉप में आग की घटना में जान गंवाने वाली शालिनी उर्फ शालू के परिजनों ने बताया कि उसके लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। मां जल्द ही उसकी शादी करने की योजना बना रही थी। मां और बेटी खुशी से रह रही थी, लेकिन इस हादसे ने पल भर में सब कुछ बदल दिया और मां को गहरे सदमे में डाल दिया।
पिता की मौत के बाद मां का सहारा थी बेटी
शालिनी अपने पिता की मौत के बाद मां का इकलौता सहारा थी। परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए वह लगातार काम कर रही थी। उसकी मौत से मां पूरी तरह टूट गई हैं और परिवार गहरे सदमे में है। मां शव गृह के बाहर रोते बिलखते बोलती रही की शालिनी उसका इकलौता सहारा थी।
धुएं व लपटों के बीच एएसआई ने शालिनी को निकाला बाहर
अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच मॉडल कॉलोनी में मोबाइल की दुकान में लगी भीषण आग ने हालात और गंभीर कर दिए। मौके पर पहुंची दमकल गाड़ी पर तैनात होमगार्ड और रोडवेज चालक आग बुझाने के लिए प्रशिक्षित नहीं थे, जिससे रेस्क्यू कार्य में दिक्कत आई।
ऐसे में रामपुरा चौकी प्रभारी एएसआई मनोज कुमार ने साहस दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब धुएं और तेज लपटों के चलते कोई भी दुकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था, उसी दौरान मनोज कुमार ने जोखिम उठाते हुए टार्च लेकर दुकान के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद शालिनी को बाहर निकाला गया।
Trending Videos
यमुनानगर। शहर की मॉडल कॉलोनी स्थित मोबाइल की दुकान में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। आग लगने से दुकान में रखा सामान जल गया। वहीं दुकान में काम करने वाली हमीदा की आनंद कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय शालिनी उर्फ शालू की दम घुटने से मौत हो गई।
घटना के समय शालिनी काम कर रही थी। अचानक उठी आग की लपटों और धुएं के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी और अंदर ही फंस गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे रमनदीप इंटरप्राइजेज नाम की दुकान से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के दुकानदारों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूचना मिलते ही दमकल कर्मचारियों और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का का शुरू किया। थाना शहर यमुनानगर इंचार्ज नरेंद्र राणा ने दुकान की दूसरी मंजिल का गेट तोड़कर रेस्क्यू शुरू कराया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग शांत होने पर शालिनी को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। दमकल अधिकारी कपिल कुमार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र सिंह, इंचार्ज सिटी थाना यमुनानगर
मां को सत्संग में मिली बेटी की मौत की खबर
सचिन शर्मा
यमुनानगर। मॉडल कॉलोनी में रविवार सुबह मोबाइल शॉप में लगी आग में जान गंवाने वाली हमीदा की आनंद कॉलोनी निवासी शालिनी उर्फ शालू की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रविवार की सुबह शालिनी अपनी मां सुनील कुमारी को सत्संग में छोड़कर काम पर गई थी। किसे पता था कि यही उनकी आखिरी मुलाकात होगी। मौत की खबर सुनकर शालिनी की मां सत्संग से ही रोती बिलखती शवगृह पहुंचीं।
मृतका की मौसेरी बहन तनु ने बताया कि जैसे ही मां को बेटी की मौत की खबर दी गई, वह सत्संगस्थल से ही रोती-बिलखती सीधे अस्पताल के शवगृह पहुंचीं। मां ठीक से चलने असमर्थ है इसलिए उन्हें व्हील चेयर पर बिठाकर शवगृह ले जाया गया। वह एक बार बेटी को देखना चाहती थीं, लेकिन जैसे ही शव गृह के फ्रिजर का दरवाजा खोला तो मां बेसुध होकर जमीन पर ही गिर गईं।
शालिनी मां सुनील कुमारी का इकलौता सहारा थी। अस्पताल परिसर में मां को रोता बिलखता देख माहौल गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थीं। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे थे कि सुबह तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ही घंटों में एक मां का चिराग ओझल हो गया, और मां की खुशियां मातम में बदल गईं।
मॉडल कॉलोनी स्थित तीन मंजिला मोबाइल एसेसरीज की दुकान में आग लगने के दौरान ऊपर के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने से अंदर धुएं का गुबार बन गया, जिसने हादसे को और भयावह बना दिया। दुकान संचालक रमनदीप ने बताया कि दुकान पर काम करने वाला कर्ण किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन शालिनी अंदर ही फंस गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। प्रथम मंजिल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर पहले धुआं बाहर निकालने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद दमकल कर्मचारी व पुलिस अंदर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद शालिनी को बाहर निकाला गया।
पिता की मौत के बाद शालिनी उर्फ शालू की मां उत्तराखंड के रुड़की से आकर करीब 25 वर्षों से हमीदा क्षेत्र की आनंद कॉलोनी में अपने भाई के घर रह रही थी। रिश्तेदारों ने बताया कि शालिनी का खुद का मकान बनाने का सपना था, जिसे उसने पूरा भी कर लिया था। मां के साथ जल्द ही नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रही थी। संवाद
शालिनी के लिए चल रही थी रिश्ते की तलाश
मोबाइल शॉप में आग की घटना में जान गंवाने वाली शालिनी उर्फ शालू के परिजनों ने बताया कि उसके लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। मां जल्द ही उसकी शादी करने की योजना बना रही थी। मां और बेटी खुशी से रह रही थी, लेकिन इस हादसे ने पल भर में सब कुछ बदल दिया और मां को गहरे सदमे में डाल दिया।
पिता की मौत के बाद मां का सहारा थी बेटी
शालिनी अपने पिता की मौत के बाद मां का इकलौता सहारा थी। परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए वह लगातार काम कर रही थी। उसकी मौत से मां पूरी तरह टूट गई हैं और परिवार गहरे सदमे में है। मां शव गृह के बाहर रोते बिलखते बोलती रही की शालिनी उसका इकलौता सहारा थी।
धुएं व लपटों के बीच एएसआई ने शालिनी को निकाला बाहर
अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच मॉडल कॉलोनी में मोबाइल की दुकान में लगी भीषण आग ने हालात और गंभीर कर दिए। मौके पर पहुंची दमकल गाड़ी पर तैनात होमगार्ड और रोडवेज चालक आग बुझाने के लिए प्रशिक्षित नहीं थे, जिससे रेस्क्यू कार्य में दिक्कत आई।
ऐसे में रामपुरा चौकी प्रभारी एएसआई मनोज कुमार ने साहस दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब धुएं और तेज लपटों के चलते कोई भी दुकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था, उसी दौरान मनोज कुमार ने जोखिम उठाते हुए टार्च लेकर दुकान के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद शालिनी को बाहर निकाला गया।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करती मृतका शालिनी की मां। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करती मृतका शालिनी की मां। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करती मृतका शालिनी की मां। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करती मृतका शालिनी की मां। संवाद
