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Yamuna Nagar News: 25.71 लाख से बदली जाएगी पुरानी वायरिंग, नई लाइटें भी लगेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 25 May 2026 02:59 AM IST
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कैथल के जिला नागरिक अस्पताल में कुछ दिन पहले लाइट जाने से छाया अंधेरा। संवाद
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान के लिए विद्युत सेवाओं की विशेष मरम्मत कार्य योजना तैयार की है। इस कार्य पर 25 लाख 71 हजार 804 रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत पुरानी वायरिंग बदली जाएगी, नई लाइटें लगाई जाएंगी और पूरी विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुचारू बनाया जाएगा। एक जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जून के दूसरे सप्ताह में काम शुरू हो जाएगा।
अस्पताल की पुरानी बिजली व्यवस्था कई वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। जर्जर वायरिंग के चलते समय-समय पर फॉल्ट की समस्या सामने आती रहती है। अचानक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से मरीजों के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में बिजली व्यवस्था बाधित होने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।
बॉक्स-
बिजली बाधित होने से मशीनों पर पड़ता है असर
अस्पताल में एक्स-रे, लैब और अन्य जांच मशीनें पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं। बिजली व्यवस्था में गड़बड़ी आने पर कई मशीनें बंद हो जाती हैं, जिससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अस्पताल का कामकाज प्रभावित होता है और मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। कई बार बिजली नहीं आने से मायूस होकर खाली हाथ लोग वापिस लौटते हैं।
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हाई-मास्ट लाइटिंग भी होगी बेहतर
मरम्मत कार्य के तहत अस्पताल के आवश्यक स्थानों पर नई विद्युत व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में हाई-मास्ट लाइटिंग सिस्टम को भी दुरुस्त किया जाएगा, ताकि रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध हो सके। इससे मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिलेगी तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बॉक्स:
12 दिन पहले सुबह से दोपहर तक रही थी बिजली गुल
करीब 12 दिन पहले भी अस्पताल की बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। उस दौरान सुबह से लेकर दोपहर तक अस्पताल की लाइटें बंद रहीं। गर्मी के बीच मरीजों और उनके परिजनों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। ओपीडी, वार्ड और जांच कक्षों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ था। एसी, कूलर व पंखें सब बंद हो गए थे।
वर्जन:
नई तार और आधुनिक व्यवस्था लगने से फॉल्ट की समस्या दूर होगी। साथ ही अस्पताल की मशीनें भी सुचारू रूप से संचालित रहेंगी, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
— रेणू चावला, सिविल सर्जन, कैथल
अस्पताल की पुरानी बिजली व्यवस्था कई वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। जर्जर वायरिंग के चलते समय-समय पर फॉल्ट की समस्या सामने आती रहती है। अचानक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से मरीजों के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में बिजली व्यवस्था बाधित होने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।
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बिजली बाधित होने से मशीनों पर पड़ता है असर
अस्पताल में एक्स-रे, लैब और अन्य जांच मशीनें पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं। बिजली व्यवस्था में गड़बड़ी आने पर कई मशीनें बंद हो जाती हैं, जिससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अस्पताल का कामकाज प्रभावित होता है और मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। कई बार बिजली नहीं आने से मायूस होकर खाली हाथ लोग वापिस लौटते हैं।
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मरम्मत कार्य के तहत अस्पताल के आवश्यक स्थानों पर नई विद्युत व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में हाई-मास्ट लाइटिंग सिस्टम को भी दुरुस्त किया जाएगा, ताकि रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध हो सके। इससे मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिलेगी तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।
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12 दिन पहले सुबह से दोपहर तक रही थी बिजली गुल
करीब 12 दिन पहले भी अस्पताल की बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। उस दौरान सुबह से लेकर दोपहर तक अस्पताल की लाइटें बंद रहीं। गर्मी के बीच मरीजों और उनके परिजनों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। ओपीडी, वार्ड और जांच कक्षों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ था। एसी, कूलर व पंखें सब बंद हो गए थे।
वर्जन:
नई तार और आधुनिक व्यवस्था लगने से फॉल्ट की समस्या दूर होगी। साथ ही अस्पताल की मशीनें भी सुचारू रूप से संचालित रहेंगी, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
— रेणू चावला, सिविल सर्जन, कैथल