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Yamuna Nagar News: दिव्यांग बच्चों के शिविर में बताए फिजियोथैरेपी के तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:09 AM IST
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शिविर के दौरान अभिभावकों से बात करते डीपीसी। विभाग
- फोटो : samvad
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जगाधरी। समग्र शिक्षा परियोजना के तहत बुधवार को दिव्यांग बच्चों के लिए मुकंद लाल नागरिक अस्पताल में फिजियोथैरेपी शिविर लगाया गया। इस दौरान बच्चों और अभिभावकों को फिजियोथैरेपी के तरीके व लाभ के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम जिला परियोजना समन्वयक करनैल सिंह संधावा के नेतृत्व में हुआ। पहली बार शिक्षा विभाग की ओर से ऐसा शिविर लगाया गया है। शिविर में दिव्यांग बच्चे अभिभावकों के साथ भाग लिया। शिविर में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जगदीप और मनिंदर ने थैरेपी दी। वहीं, अभिभावकों को फिजियोथैरेपी के तरीके व लाभ बताया।
शिविर में 50 दिव्यांग बच्चों और 65 अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम जिला चिकित्सा अधिकारी व डॉ. पुनीत की देखरेख में लगाया गया। शिविर प्रभारी समग्र शिक्षा के एपीसी डॉ. धर्मवीर, एपीसी सुभाष कालीरमन रहे। जिला परियोजना संयोजक करनैल सिंह ने बताया की जो दिव्यांग बच्चे स्कूल नहीं जा सकते, उन्हें घर पर शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। ऐसे बच्चों को गृह आधारित दो हजार रुपये और दिव्यांग लड़कियों को 2,000 रुपये दिए जाते हैं। जो बच्चे खुद स्कूल आने मे असमर्थ हैं उन्हें अनुरक्षण भत्ता 2,000 रुपये, दृस्टि बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए सहायक को 3,000 रुपये सहायता दी जाती है। जिले में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए 15 विशेष अध्यापक हैं। डीपीसी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए ऐसे शिविर खंड स्तर पर भी लगवाए जाएंगे। इस दौरान विशेष अध्यापिका रेखा गुलाटी, पूनम मेहता, अमरजीत सिंह, अंजुला, स्वाति तिवारी, मंजू शर्मा, रश्मि तिवारी, मुकेश, सत्यवान वत्स, विकास सिंह, संदीप कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद
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कार्यक्रम जिला परियोजना समन्वयक करनैल सिंह संधावा के नेतृत्व में हुआ। पहली बार शिक्षा विभाग की ओर से ऐसा शिविर लगाया गया है। शिविर में दिव्यांग बच्चे अभिभावकों के साथ भाग लिया। शिविर में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जगदीप और मनिंदर ने थैरेपी दी। वहीं, अभिभावकों को फिजियोथैरेपी के तरीके व लाभ बताया।
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शिविर में 50 दिव्यांग बच्चों और 65 अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम जिला चिकित्सा अधिकारी व डॉ. पुनीत की देखरेख में लगाया गया। शिविर प्रभारी समग्र शिक्षा के एपीसी डॉ. धर्मवीर, एपीसी सुभाष कालीरमन रहे। जिला परियोजना संयोजक करनैल सिंह ने बताया की जो दिव्यांग बच्चे स्कूल नहीं जा सकते, उन्हें घर पर शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। ऐसे बच्चों को गृह आधारित दो हजार रुपये और दिव्यांग लड़कियों को 2,000 रुपये दिए जाते हैं। जो बच्चे खुद स्कूल आने मे असमर्थ हैं उन्हें अनुरक्षण भत्ता 2,000 रुपये, दृस्टि बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए सहायक को 3,000 रुपये सहायता दी जाती है। जिले में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए 15 विशेष अध्यापक हैं। डीपीसी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए ऐसे शिविर खंड स्तर पर भी लगवाए जाएंगे। इस दौरान विशेष अध्यापिका रेखा गुलाटी, पूनम मेहता, अमरजीत सिंह, अंजुला, स्वाति तिवारी, मंजू शर्मा, रश्मि तिवारी, मुकेश, सत्यवान वत्स, विकास सिंह, संदीप कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद