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Yamuna Nagar News: नागरिक अस्पताल में आरक्षित होंगे विशेष वार्ड
Thu, 16 Jul 2026 03:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:51 AM IST
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर। संवाद
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जगाधरी। मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य मच्छर जनित रोगों के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मरीजों के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में विशेष वार्ड आरक्षित किए जाएंगे, जहां डेंगू और मलेरिया के मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल में स्थान भी निर्धारित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष अब तक डेंगू और मलेरिया का एक-एक मरीज सामने आ चुका है। हालांकि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बरसात को देखते हुए विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इसी उद्देश्य से संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सर्विलांस बढ़ा दिया है। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। स्वास्थ्य कर्मी बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सैंपल भी ले रहे हैं, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। टीमों द्वारा लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय बताए जा रहे हैं। लोगों से पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपाय अपनाने की भी अपील की जा रही है।
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जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को काफी हद तक रोका जा सकता है। संवाद
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष अब तक डेंगू और मलेरिया का एक-एक मरीज सामने आ चुका है। हालांकि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बरसात को देखते हुए विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इसी उद्देश्य से संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सर्विलांस बढ़ा दिया है। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। स्वास्थ्य कर्मी बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सैंपल भी ले रहे हैं, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।
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इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। टीमों द्वारा लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय बताए जा रहे हैं। लोगों से पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपाय अपनाने की भी अपील की जा रही है।
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जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को काफी हद तक रोका जा सकता है। संवाद