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Yamuna Nagar News: समारोह के लिए अब किराए पर मिलेंगे निगम के 49 सामुदायिक भवन
Wed, 05 Aug 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:33 AM IST
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नगर निगम के गधौली में बना सामुदायिक भवन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र के 49 सामुदायिक भवनों में अब शादी-विवाह, सामाजिक, धार्मिक और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लोगों को किराया देना होगा। किराया निर्धारण के लिए नगर निगम समिति गठित कर रही है। कमेटी भवन के क्षेत्रफल और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर शुल्क तय करेगी।
बुकिंग ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार उसके पास कुल 49 सामुदायिक भवन हैं। इनमें 2000 वर्ग गज तक के 30 भवन, 2000 से 4000 वर्ग गज तक के 15 भवन तथा 4000 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाले चार बड़े सामुदायिक भवन शामिल हैं। प्रस्ताव है कि छोटे और बड़े भवनों के लिए अलग-अलग किराया निर्धारित किया जाए, ताकि उनकी क्षमता और उपयोग के अनुसार शुल्क लिया जा सके। हालांकि किराया लागू करने की तैयारी के बीच इन भवनों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी बड़ा मुद्दा बन गया है। ज्यादातर सामुदायिक भवनों में अभी तक बिजली के स्थायी कनेक्शन तक नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना किराया वसूलना कितना व्यावहारिक होगा। पहले भवनों को पूरी तरह उपयोग योग्य बनाया जाए, उसके बाद ही किराया व्यवस्था लागू की जाए।
सुख-दुख के हिसाब से तय किया जाए किराया : पार्षद
पार्षद प्रियांक शर्मा का कहना है कि उनके संपर्क में कुछ गैर सरकारी संस्थाएं (एनजीओ) हैं, जो सामुदायिक भवनों की देखरेख के साथ उनमें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार हैं। इस संबंध में वह कई बार नगर निगम अधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं। साथ ही किराया तय करते समय सामाजिक और आर्थिक पहलुओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सुख-दुख के आयोजनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएं, ताकि लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
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भवनों में पहले बिजली के कनेक्शन कराएं : विधायक
यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी सामुदायिक भवनों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सभी भवनों में सबसे पहले बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। पेयजल की समुचित व्यवस्था, शौचालयों को उपयोग योग्य बनाना, छोटे किचन वाले भवनों में बड़े रसोईघर का निर्माण तथा प्रत्येक सामुदायिक भवन में चौकीदार की नियुक्ति भी आवश्यक है।
सामुदायिक भवनों में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके बाद ही ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। बुकिंग होने से नगर निगम की आमदनी भी बढ़ेगी। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र के 49 सामुदायिक भवनों में अब शादी-विवाह, सामाजिक, धार्मिक और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लोगों को किराया देना होगा। किराया निर्धारण के लिए नगर निगम समिति गठित कर रही है। कमेटी भवन के क्षेत्रफल और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर शुल्क तय करेगी।
बुकिंग ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार उसके पास कुल 49 सामुदायिक भवन हैं। इनमें 2000 वर्ग गज तक के 30 भवन, 2000 से 4000 वर्ग गज तक के 15 भवन तथा 4000 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाले चार बड़े सामुदायिक भवन शामिल हैं। प्रस्ताव है कि छोटे और बड़े भवनों के लिए अलग-अलग किराया निर्धारित किया जाए, ताकि उनकी क्षमता और उपयोग के अनुसार शुल्क लिया जा सके। हालांकि किराया लागू करने की तैयारी के बीच इन भवनों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी बड़ा मुद्दा बन गया है। ज्यादातर सामुदायिक भवनों में अभी तक बिजली के स्थायी कनेक्शन तक नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना किराया वसूलना कितना व्यावहारिक होगा। पहले भवनों को पूरी तरह उपयोग योग्य बनाया जाए, उसके बाद ही किराया व्यवस्था लागू की जाए।
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सुख-दुख के हिसाब से तय किया जाए किराया : पार्षद
पार्षद प्रियांक शर्मा का कहना है कि उनके संपर्क में कुछ गैर सरकारी संस्थाएं (एनजीओ) हैं, जो सामुदायिक भवनों की देखरेख के साथ उनमें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार हैं। इस संबंध में वह कई बार नगर निगम अधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं। साथ ही किराया तय करते समय सामाजिक और आर्थिक पहलुओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सुख-दुख के आयोजनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएं, ताकि लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
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भवनों में पहले बिजली के कनेक्शन कराएं : विधायक
यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी सामुदायिक भवनों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सभी भवनों में सबसे पहले बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। पेयजल की समुचित व्यवस्था, शौचालयों को उपयोग योग्य बनाना, छोटे किचन वाले भवनों में बड़े रसोईघर का निर्माण तथा प्रत्येक सामुदायिक भवन में चौकीदार की नियुक्ति भी आवश्यक है।
सामुदायिक भवनों में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके बाद ही ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। बुकिंग होने से नगर निगम की आमदनी भी बढ़ेगी। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।