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Yamuna Nagar News: सड़कों पर लापरवाही का अंधेरा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 17 May 2026 11:36 PM IST
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जगाधरी-पांवटा हाईवे पर बंद पड़ी फैंसी लाइटें। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सड़कों पर इन दिनों लापरवाही का अंधेरा पसरा है। करोड़ों रुपये से लगाई गई खराब होने से जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे, जगाधरी बस स्टैंड रोड और कई अन्य प्रमुख मार्ग अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। करीब 400 लाइटें ऐसी हैं, जिनकी जिम्मेदारी न तो पीडब्ल्यूडी ले रहा है और न ही नगर निगम।
जिला सचिवालय के सामने से निकलने वाले जगाधरी बस स्टैंड रोड पर सेक्टर-17 के मोड़ से लेकर बस स्टैंड तक दर्जनों लाइटें बंद पड़ी हैं। यही स्थिति रक्षक विहार नाका से व्यासपुर जाने वाले स्टेट हाईवे की भी है, जहां गुलाब नगर से जेल तक कई महीनों से लाइटें खराब हैं। इसके अलावा जगाधरी बस स्टैंड के सामने से लेकर रक्षक विहार नाका तक भी सड़क किनारे लगी अधिकतर लाइटें बंद हैं। रात के समय इन मार्गों पर अंधेरा होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर हाईवे और व्यस्त सड़कों पर वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। राहगीरों और महिलाओं को भी असुरक्षा महसूस होती है। पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग ने करोड़ों रुपये खर्च कर ये लाइटें लगवाई थीं ताकि शहर और हाईवे रोशनी से जगमगा सकें, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहरवासियों की परेशानी तब और बढ़ जाती है जब खराब लाइटों की शिकायत लेकर वे नगर निगम कार्यालय पहुंचते हैं।
वहां से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि संबंधित लाइटें नगर निगम की नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी की हैं। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी की तरफ से न तो कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है और न ही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में लोग विभागों के बीच चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पार्षद प्रियांक शर्मा ने भी समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में सेक्टर-17 और 18 के बीच लगी अधिकांश लाइटें खराब पड़ी हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पांवटा हाईवे पर चूना भट्ठी से लेकर मानकपुर तक एक भी लाइट सही ढंग से काम नहीं कर रही, जिससे रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
इस मार्गों पर खराब हैं लाइटें
जगाधरी से लेकर पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर करीब 250 फैंसी व 200 से ज्यादा अन्य लाइटें लगी हैं। इनमें से करीब 80 फैंसी लाइट व अन्य 100 से ज्यादा लाइटें खराब हैं। इसी तरह रक्षक विहार नाका से जिला जेल तक करीब 66 फैंसी लाइट लगी हैं, जिनमें से करीब 30 लाइट खराब हैं। वहीं जगाधरी रोड पर सेक्टर-18 के मोड़ से बस स्टैंड जगाधरी और रक्षक विहार नाका तक 25 से अधिक लाइटें बंद पड़ी हैं।
शहर में सड़कों के डिवाइडर पर लगाई गई फैंसी लाइटें पीडब्ल्यूडी की बिजली शाखा की है। नगर निगम के पास यह लाइटें नहीं है। इससे ठीक कराने की जिम्मेदारी भी पीडब्ल्यूडी की ही है। -राजेश कुमार, एसडीओ, नगर निगम।
शहर की प्रमुख सड़कों पर हमारी तरफ से फैंसी लाइटें लगाई गई थी। इनका बिल नगर निगम ही भरता है। इस पर ठीक कराने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही है। इन लाइटों की केवल एक साल के लिए जिम्मेदारी हमारी थी। -संदीप वर्मा, एसडीओ, बिजली शाखा, पीडब्ल्यूडी।
यमुनानगर। शहर की सड़कों पर इन दिनों लापरवाही का अंधेरा पसरा है। करोड़ों रुपये से लगाई गई खराब होने से जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे, जगाधरी बस स्टैंड रोड और कई अन्य प्रमुख मार्ग अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। करीब 400 लाइटें ऐसी हैं, जिनकी जिम्मेदारी न तो पीडब्ल्यूडी ले रहा है और न ही नगर निगम।
जिला सचिवालय के सामने से निकलने वाले जगाधरी बस स्टैंड रोड पर सेक्टर-17 के मोड़ से लेकर बस स्टैंड तक दर्जनों लाइटें बंद पड़ी हैं। यही स्थिति रक्षक विहार नाका से व्यासपुर जाने वाले स्टेट हाईवे की भी है, जहां गुलाब नगर से जेल तक कई महीनों से लाइटें खराब हैं। इसके अलावा जगाधरी बस स्टैंड के सामने से लेकर रक्षक विहार नाका तक भी सड़क किनारे लगी अधिकतर लाइटें बंद हैं। रात के समय इन मार्गों पर अंधेरा होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर हाईवे और व्यस्त सड़कों पर वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। राहगीरों और महिलाओं को भी असुरक्षा महसूस होती है। पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग ने करोड़ों रुपये खर्च कर ये लाइटें लगवाई थीं ताकि शहर और हाईवे रोशनी से जगमगा सकें, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहरवासियों की परेशानी तब और बढ़ जाती है जब खराब लाइटों की शिकायत लेकर वे नगर निगम कार्यालय पहुंचते हैं।
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वहां से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि संबंधित लाइटें नगर निगम की नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी की हैं। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी की तरफ से न तो कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है और न ही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में लोग विभागों के बीच चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पार्षद प्रियांक शर्मा ने भी समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में सेक्टर-17 और 18 के बीच लगी अधिकांश लाइटें खराब पड़ी हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पांवटा हाईवे पर चूना भट्ठी से लेकर मानकपुर तक एक भी लाइट सही ढंग से काम नहीं कर रही, जिससे रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
इस मार्गों पर खराब हैं लाइटें
जगाधरी से लेकर पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर करीब 250 फैंसी व 200 से ज्यादा अन्य लाइटें लगी हैं। इनमें से करीब 80 फैंसी लाइट व अन्य 100 से ज्यादा लाइटें खराब हैं। इसी तरह रक्षक विहार नाका से जिला जेल तक करीब 66 फैंसी लाइट लगी हैं, जिनमें से करीब 30 लाइट खराब हैं। वहीं जगाधरी रोड पर सेक्टर-18 के मोड़ से बस स्टैंड जगाधरी और रक्षक विहार नाका तक 25 से अधिक लाइटें बंद पड़ी हैं।
शहर में सड़कों के डिवाइडर पर लगाई गई फैंसी लाइटें पीडब्ल्यूडी की बिजली शाखा की है। नगर निगम के पास यह लाइटें नहीं है। इससे ठीक कराने की जिम्मेदारी भी पीडब्ल्यूडी की ही है। -राजेश कुमार, एसडीओ, नगर निगम।
शहर की प्रमुख सड़कों पर हमारी तरफ से फैंसी लाइटें लगाई गई थी। इनका बिल नगर निगम ही भरता है। इस पर ठीक कराने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही है। इन लाइटों की केवल एक साल के लिए जिम्मेदारी हमारी थी। -संदीप वर्मा, एसडीओ, बिजली शाखा, पीडब्ल्यूडी।

जगाधरी-पांवटा हाईवे पर बंद पड़ी फैंसी लाइटें। संवाद

जगाधरी-पांवटा हाईवे पर बंद पड़ी फैंसी लाइटें। संवाद