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Yamuna Nagar News: टीबी की जांच के लिए खरीदेंगे दो सीबी नॉट मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 24 Jan 2026 01:17 AM IST
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सिविल सर्जन कार्यालय यमुनानगर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग ने दो एक्सरे मशीन की जगह अब टीबी मरीजों की जांच के लिए सीबी नॉट मशीनें खरीदने का निर्णय लिया है। इससे एक ओर टीबी जांच को मजबूती मिलेगी, लेकिन दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के मरीजों को एक्सरे के लिए कई किलोमीटर दूर भटकना ही पड़ेगा।
पहले स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यासपुर और प्रतापनगर के लिए दो एक्सरे मशीनें खरीदने का निर्णय लिया था। टीबी जांच के लिए मशीन जल्द ही खरीदे जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
दरअसल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना के तहत जिला माइनिंग फंड (डीएमएफ) से यमुनानगर जिले के स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इस राशि से सीएचसी व्यासपुर और प्रतापनगर में दो एक्सरे मशीनें खरीदने की योजना बनाई गई थी। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें छोटी-छोटी जांचों के लिए जिला या उप जिला नागरिक अस्पताल तक नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन योजना पर उस समय पानी फिर गया, जब यह सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग के पास इन मशीनों को संचालित करने के लिए रेडियोग्राफर ही उपलब्ध नहीं हैं। इस पर विभाग ने एक्सरे मशीनों के बजाय टीबी मरीजों की जांच के लिए सीबी नॉट मशीन खरीदने का फैसला लिया है।
इसके लिए उपायुक्त से अनुमति ली गई है। जिला माइनिंग फंड के तहत हर साल जिले के विभिन्न विभागों को विकास कार्यों के लिए राशि दी जाती है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग प्रमुख हैं।
यदि दोनों सीएचसी में एक्सरे मशीनें लग जातीं, तो इसका लाभ करीब चार लाख की आबादी को मिलता। अभी व्यासपुर, प्रतापनगर और आसपास के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एक्सरे के लिए उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी या जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में रोजाना 100 से 140 मरीज एक्सरे के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे अस्पताल पर लगातार दबाव बना हुआ है।
दो सीएचसी के लिए एक्सरे मशीन खरीदी जानी थी। रेडियोग्राफर न होने से डीसी की अनुमति से एक्सरे मशीन की जगह सीबी नॉट मशीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। मशीनें आने के बाद स्थान का चयन किया जाएगा। -डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग ने दो एक्सरे मशीन की जगह अब टीबी मरीजों की जांच के लिए सीबी नॉट मशीनें खरीदने का निर्णय लिया है। इससे एक ओर टीबी जांच को मजबूती मिलेगी, लेकिन दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के मरीजों को एक्सरे के लिए कई किलोमीटर दूर भटकना ही पड़ेगा।
पहले स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यासपुर और प्रतापनगर के लिए दो एक्सरे मशीनें खरीदने का निर्णय लिया था। टीबी जांच के लिए मशीन जल्द ही खरीदे जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
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दरअसल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना के तहत जिला माइनिंग फंड (डीएमएफ) से यमुनानगर जिले के स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इस राशि से सीएचसी व्यासपुर और प्रतापनगर में दो एक्सरे मशीनें खरीदने की योजना बनाई गई थी। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें छोटी-छोटी जांचों के लिए जिला या उप जिला नागरिक अस्पताल तक नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन योजना पर उस समय पानी फिर गया, जब यह सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग के पास इन मशीनों को संचालित करने के लिए रेडियोग्राफर ही उपलब्ध नहीं हैं। इस पर विभाग ने एक्सरे मशीनों के बजाय टीबी मरीजों की जांच के लिए सीबी नॉट मशीन खरीदने का फैसला लिया है।
इसके लिए उपायुक्त से अनुमति ली गई है। जिला माइनिंग फंड के तहत हर साल जिले के विभिन्न विभागों को विकास कार्यों के लिए राशि दी जाती है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग प्रमुख हैं।
यदि दोनों सीएचसी में एक्सरे मशीनें लग जातीं, तो इसका लाभ करीब चार लाख की आबादी को मिलता। अभी व्यासपुर, प्रतापनगर और आसपास के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एक्सरे के लिए उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी या जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में रोजाना 100 से 140 मरीज एक्सरे के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे अस्पताल पर लगातार दबाव बना हुआ है।
दो सीएचसी के लिए एक्सरे मशीन खरीदी जानी थी। रेडियोग्राफर न होने से डीसी की अनुमति से एक्सरे मशीन की जगह सीबी नॉट मशीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। मशीनें आने के बाद स्थान का चयन किया जाएगा। -डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।